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वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति पर थौबल में प्रदर्शन, मुख्यमंत्री से मिले पांगल समुदाय के प्रतिनिधिराजनीति
22 अग॰ 2026, 12:42 pm (66 दिन पहले)· 3

वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति पर थौबल में प्रदर्शन, मुख्यमंत्री से मिले पांगल समुदाय के प्रतिनिधि

मणिपुर के थौबल जिले में राज्य वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति के खिलाफ पांगल मुस्लिम समुदाय ने चार किलोमीटर लंबी विरोध मार्च निकाली। इसके बाद मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने समुदाय के प्रतिनिधियों से बातचीत कर उनकी चिंताओं पर प्राथमिकता से विचार करने का आश्वासन दिया।

मणिपुर के थौबल जिले में राज्य सरकार द्वारा वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति किए जाने के फैसले के बाद मुस्लिम समुदाय का विरोध सामने आया है। पांगल मुस्लिम समुदाय के सदस्यों ने सरकार के इस कदम पर अपनी कड़ी आपत्ति जताते हुए सड़कों पर उतरकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया।

चार किलोमीटर की विरोध यात्रा और नारेबाजी

प्रदर्शनकारियों ने उसोइपोकपी से लिलोंग बाजार तक लगभग चार किलोमीटर का लंबा मार्च निकाला। इस दौरान प्रदर्शन में शामिल लोगों ने बीजेपी नीत राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रशासनिक फैसले को वापस लेने की मांग की।

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3 अगस्त को राज्य सरकार ने मणिपुर के आठवें वक्फ बोर्ड का गठन करते हुए सात नए सदस्यों की नियुक्ति की थी। इन मनोनीत सदस्यों में राज्य की बीजेपी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद ए शारदा देवी भी शामिल हैं। गैर-मुस्लिम प्रतिनिधियों को बोर्ड में शामिल करने का यही फैसला विरोध का मुख्य केंद्र बिंदु बन गया है।

धार्मिक पहचान और परंपरा पर असर

प्रदर्शन में शामिल एक प्रतिनिधि का कहना था कि वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों को जगह देने से पांगल मुस्लिम समुदाय के एक बड़े हिस्से की भावनाएं आहत हुई हैं। उनके अनुसार, यह सिर्फ कोई सामान्य प्रशासनिक फेरबदल नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर समुदाय की धार्मिक पहचान से जुड़ा मामला है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि पांगल समुदाय लंबे समय से अपने धार्मिक मामलों और धार्मिक संस्थानों का प्रबंधन खुद करता आ रहा है, और इस व्यवस्था में बदलाव से उनकी पारंपरिक प्रणाली प्रभावित होती है। संसद द्वारा पारित वक्फ संशोधन अधिनियम में वक्फ प्रबंधन बोर्डों में गैर-मुस्लिम और महिला सदस्यों को शामिल करने का प्रावधान किया गया है, जिसके आधार पर यह निर्णय लिया गया था।

मुख्यमंत्री से वार्ता और आश्वासन

विरोध प्रदर्शन के बाद मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने पांगल समुदाय के नागरिक समाज संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। इस बैठक में समुदाय की ओर से उठाई गई चिंताओं और मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई।

सोशल मीडिया पर दी गई जानकारी में मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बैठक में वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वाई अंताज खान भी मौजूद थे। बैठक के दौरान प्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया गया कि उनकी मांगों और आपत्तियों की प्राथमिकता के आधार पर समीक्षा की जाएगी।

कोऑर्डिनेशन कमेटी फॉर प्रोटेक्शन ऑफ वक्फ प्रॉपर्टीज मणिपुर (CCPWPM) के एक प्रतिनिधि ने मुख्यमंत्री से हुई इस मुलाकात पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल से संवाद करने और पांगल मुस्लिम समुदाय के मुद्दों को सुनने के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया।

सवाल-जवाब

थौबल में पांगल मुस्लिम समुदाय क्यों प्रदर्शन कर रहा है?
समुदाय मणिपुर राज्य वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति का विरोध कर रहा है, जिसे वे अपनी धार्मिक पहचान और परंपरा के खिलाफ मानते हैं।
मणिपुर के आठवें वक्फ बोर्ड में किसे शामिल किया गया है?
राज्य सरकार ने 3 अगस्त को सात सदस्यों की नियुक्ति की, जिनमें बीजेपी की राज्य अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद ए शारदा देवी भी शामिल हैं।
प्रदर्शनकारियों ने कितनी दूरी तक मार्च निकाला?
प्रदर्शनकारियों ने थौबल जिले के उसोइपोकपी से लिलोंग बाजार तक करीब चार किलोमीटर लंबा विरोध मार्च निकाला।
प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने क्या आश्वासन दिया?
मुख्यमंत्री ने पांगल समुदाय के नागरिक समाज संगठनों से मुलाकात कर आश्वासन दिया कि उनकी चिंताओं पर प्राथमिकता के आधार पर विचार किया जाएगा।
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