झारखंड के रामगढ़ वन प्रमंडल क्षेत्र में एक हथिनी ने हमला करके एक युवक को बेरहमी से कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा उस वक्त हुआ जब लोगों का एक समूह हाल ही में मां बनी हथिनी और उसके नवजात बच्चे के काफी करीब पहुंच गया था। भीड़ वहां शोर मचाने के साथ सोशल मीडिया के लिए वीडियो और रील रिकॉर्ड कर रही थी। लोगों की इस गतिविधि और शोरगुल से गुस्साकर हथिनी अचानक उग्र हो गई और वहां मौजूद लोगों की तरफ दौड़ी।
नवजात बच्चे की सुरक्षा में भड़की हथिनी, भगदड़ के दौरान हुआ हादसा
गोबरदरहा इलाके में जैसे ही हथिनी अपने छोटे बच्चे के साथ दिखाई दी, आसपास के ग्रामीणों और राहगीरों का हुजूम वहां जमा होने लगा। कई लोग हथिनी और उसके शावक के बेहद नजदीक जाकर फोन से वीडियो बनाने लगे। लगातार हो रहे हो-हल्ले से परेशान होकर जब हथिनी ने हमला किया, तो वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
इसी भगदड़ में बोकारो जिले के महुआटांड़ थाना अंतर्गत पुन्नू गांव का रहने वाला यशवंत महतो भी अपनी मोटरसाइकिल से भागने का प्रयास कर रहा था। भागते समय उसकी बाइक अनियंत्रित होकर गिर पड़ी। इससे पहले कि यशवंत उठकर दूर भाग पाता, गुस्साए हाथी ने उसे घेर लिया और पैरों तले कुचल दिया। यशवंत रामगढ़ के एक निजी अस्पताल में कार्यरत था और कुछ अन्य ग्रामीणों के साथ हाथियों के झुंड को देखने पहुंचा था। इस खौफनाक घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
रामगढ़ क्षेत्र में बढ़ता हाथियों का आतंक, 10 दिनों में 4 मौतें
घटना के बाद से पूरे गोबरदरहा और आसपास के क्षेत्रों में भारी दहशत का माहौल बना हुआ है। स्थानीय निवासियों ने जानकारी दी है कि हाथियों का यह झुंड पिछले कई दिनों से इस इलाके में लगातार घूम रहा है। वन विभाग द्वारा समय-समय पर सलाह जारी कर लोगों को हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की चेतावनी दी जाती रही है, लेकिन इसके बावजूद उत्सुकतावश लोग हाथियों के काफी समीप चले जाते हैं।
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रामगढ़ वन प्रमंडल के गोला और रामगढ़ वन क्षेत्र में बीते 10 दिनों के भीतर हाथियों के हमलों में अब तक 4 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इतनी कम अवधि में चार मौतों से स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा चरम पर है। ग्रामीण प्रशासन और वन विभाग पर हाथियों की निगरानी तथा क्षेत्र में पुख्ता सुरक्षा इंतजाम करने में लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। लोगों ने पीड़ित परिवार को उचित वित्तीय मुआवजा देने और हाथियों के बढ़ते खतरे को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।



















