झारखंड के गढ़वा जिले में कर्ज दिलाने के नाम पर एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जहां एक फर्जी फाइनेंस कंपनी ने सैकड़ों भोले-भाले लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाया है। इस कंपनी ने लोगों को आसान शर्तों पर 60 हजार रुपये का लोन मुहैया कराने का लालच दिया था। इसके बाद प्रक्रिया और अलग-अलग शुल्कों के नाम पर हर व्यक्ति से पांच से छह हजार रुपये वसूले गए और जब मोटी रकम इकट्ठी हो गई, तो कंपनी के लोग अचानक दफ्तर बंद करके फरार हो गए।
चार प्रखंडों तक फैला ठगी का दायरा
इस बड़े धोखाधड़ी के मामले का असर जिले के कुल चार प्रखंडों में देखने को मिला है। इनमें भवनाथपुर, नगर उंटारी, खरौंधी और केतार इलाके शामिल हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी के एजेंटों ने उन्हें बहुत ही कम कागजी कार्रवाई और आसान शर्तों पर कर्ज दिलाने का भरोसा दिया था। शुरुआत में लोगों से पैसे जमा कराए गए और जब भारी संख्या में लोगों से रकम ऐंठ ली गई, तो आरोपी मौके से रफूचक्कर हो गए। जब इस ठगी का खुलासा हुआ, तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और पीड़ित लोग न्याय की उम्मीद में पुलिस थाने पहुंचने लगे।
दो प्राथमिकी दर्ज और पुलिस जांच शुरू
इस सिलसिले में भवनाथपुर थाने में दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं। पुलिस अब इस पूरे धोखाधड़ी नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और कंपनी से जुड़े लोगों के साथ-साथ पैसों के लेन-देन का पूरा ब्योरा जुटाने का प्रयास कर रही है। ठगी का शिकार बने अमित ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि उन्हें भी कर्ज देने का वादा किया गया था और इसी बहाने उनसे पैसे ऐंठे गए, लेकिन बाद में कंपनी के लोग पूरी तरह संपर्क से बाहर हो गए।
प्रशासन की चेतावनी और अपील
गढ़वा के एसडीएम प्रभाकर मिर्घा ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उज्ज्वल कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड नाम की इस कंपनी ने गरीब और सीधे-साधे लोगों को निशाना बनाया है। उन्होंने यह भी बताया कि इस घटना की पूरी जानकारी जिला प्रशासन के साथ-साथ उपायुक्त को भी दी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि इस मामले में कानूनी कार्रवाई के तहत प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है और जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। एसडीएम ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसी संदिग्ध कंपनियों के झांसे में न आएं और किसी भी वित्तीय संस्थान पर भरोसा करने से पहले उसकी पूरी और पुख्ता जानकारी जरूर जांच लें। प्रशासन ने विशेष रूप से आगाह किया है कि जो लोग कम समय में बड़ा कर्ज दिलाने या लुभावने वादे करते हैं, उनसे पूरी तरह सतर्क रहने की जरूरत है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही ठगी गई कुल रकम और पीड़ितों की सही संख्या का आधिकारिक आंकड़ा सामने आ सकेगा।



















