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रांची में कांके डैम का जलस्तर 28 फीट पहुंचते ही देर रात खोला गया फाटक, निचले इलाकों में बढ़ी तटीय आबादी की चिंताझारखंड
1 सित॰ 2026, 1:55 pm (2 घंटे पहले)· 2

रांची में कांके डैम का जलस्तर 28 फीट पहुंचते ही देर रात खोला गया फाटक, निचले इलाकों में बढ़ी तटीय आबादी की चिंता

रांची में लगातार बारिश से 28 फीट की क्षमता वाला कांके डैम लबालब भर गया, जिसके बाद देर रात 11 बजे जल निकासी के लिए इसका एक फाटक खोलना पड़ा। इससे तटीय और निचले इलाकों में जलभराव तथा बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।

झारखंड की राजधानी रांची में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार मानसूनी बारिश के कारण जलाशयों का जलस्तर खतरनाक स्तर तक बढ़ गया है। इसी क्रम में शहर के प्रमुख जल निकायों में शामिल कांके डैम अपनी कुल 28 फीट की संग्रहण क्षमता तक पूरी तरह भर चुका है। जलाशय पर बढ़ते अत्यधिक दबाव और पानी की आवक को नियंत्रित करने के उद्देश्य से जल संसाधन अधिकारियों ने देर रात लगभग 11 बजे डैम का एक आपातकालीन फाटक खोल दिया। इस फैसले के बाद डैम से बड़ी मात्रा में पानी का निकास शुरू हो चुका है, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले नागरिकों की परेशानी और डर दोनों बढ़ गए हैं।

निचले इलाकों में बढ़ता पानी और स्थानीय निवासियों की चिंता

कांके डैम से पानी का बहाव शुरू होते ही इसके निचले और आसपास के मैदानी इलाकों में पानी का स्तर तेजी से ऊपर उठने लगा है। तटीय बस्तियों में रहने वाले लोग देर रात से ही स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। हालांकि, जो मकान थोड़ी ऊंचाई वाली जगहों पर स्थित हैं, वहां फिलहाल जलजमाव की गंभीर स्थिति पैदा नहीं हुई है, लेकिन यदि बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो वहां भी पानी घुसने का पूरा खतरा बना हुआ है। स्थानीय निवासी जलस्तर में हो रही लगातार बढ़ोतरी को लेकर बेहद सतर्क हैं और किसी भी आपात स्थिति का मुकाबला करने के लिए तैयारियों में जुटे हुए हैं।

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मानसून सत्र में दूसरी बार खोला गया कांके डैम का फाटक

उल्लेखनीय है कि चालू मानसून सीजन में यह दूसरा अवसर है जब कांके डैम के फाटक को खोलकर पानी बाहर निकालना पड़ा है। इससे पहले 14 अगस्त को पहली बार जलाशय का जलस्तर चरम पर पहुंचने के बाद इसका फाटक खोला गया था। इसके बाद से क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश की वजह से जलभराव की स्थिति फिर से बन गई, जिससे दोबारा यह कदम उठाना पड़ा। पानी छोड़े जाने के कारण जलमार्ग के आसपास रहने वाले परिवारों में भय का माहौल है, क्योंकि लगातार पानी बहने से तटीय इलाकों में तेजी से कटान और जलभराव हो सकता है।

प्रशासन के समक्ष बढ़ती चुनौतियां और आगे का परिदृश्य

आने वाले घंटों में यदि मानसूनी बारिश की गति धीमी नहीं पड़ी, तो स्थिति और अधिक चिंताजनक हो सकती है। ऐसी परिस्थिति में स्थानीय प्रशासन को निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने और राहत बचाव कार्य चलाने जैसी बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल नागरिक खुद ही जलस्तर की निगरानी कर रहे हैं और पानी के बहाव पर चौबीसों घंटे ध्यान रखे हुए हैं, ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

सवाल-जवाब

रांची में कांके डैम का फाटक क्यों खोला गया?
लगातार बारिश के कारण डैम का जलस्तर इसकी कुल क्षमता 28 फीट तक पहुंच गया था, जिससे दबाव कम करने के लिए फाटक खोलना पड़ा।
कांके डैम का फाटक किस समय खोला गया?
जल संसाधन प्रबंधन द्वारा डैम का एक फाटक देर रात लगभग 11 बजे खोला गया।
इस मानसून सीजन में कांके डैम का फाटक पहली बार कब खोला गया था?
इस सीजन में पहली बार कांके डैम का फाटक 14 अगस्त को खोला गया था।
कांके डैम की कुल जल संग्रहण क्षमता कितनी है?
कांके डैम की अधिकतम जल संग्रहण क्षमता 28 फीट है।
डैम से पानी छोड़े जाने के बाद किन क्षेत्रों में जोखिम बढ़ा है?
डैम के आसपास और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के घरों और सड़कों में जलजमाव तथा बाढ़ जैसी स्थिति का जोखिम बढ़ा है।
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