डिजिटल सेवाओं के विस्तार ने आम नागरिकों के लिए सरकारी दफ्तरों की भागदौड़ काफी हद तक सीमित कर दी है। सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी कस्बों तक कॉमन सर्विस सेंटर, जिन्हें झारखंड समेत कई राज्यों में प्रज्ञा केंद्र भी कहा जाता है, प्रशासन और जनता के बीच सीधा संपर्क सूत्र बन चुके हैं। इन केंद्रों पर बुनियादी प्रमाणपत्र जारी करने से लेकर वित्तीय लेनदेन, स्वास्थ्य परामर्श और शैक्षिक पाठ्यक्रमों जैसी कई तरह की ऑनलाइन सुविधाएं एक ही छत के नीचे मुहैया कराई जा रही हैं। स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए यह एक स्थिर और सम्मानजनक स्वरोजगार का जरिया भी बनता जा रहा है।
कमाई के अवसर और उपलब्ध प्रमुख सेवाएं
स्वरोजगार तलाश रहे युवाओं के लिए कॉमन सर्विस सेंटर एक बेहतर व्यावसायिक विकल्प के रूप में उभरा है, जहां लोगों को नियमित डिजिटल सेवाएं देकर हर महीने 30 हजार रुपये से अधिक की शुद्ध आमदनी अर्जित की जा सकती है। कोडरमा के कॉमन सर्विस सेंटर डिस्ट्रिक्ट मैनेजर महबूब आलम के अनुसार, इन केंद्रों के जरिए जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और आवासीय प्रमाण पत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज तैयार किए जाते हैं। इसके अतिरिक्त झारसेवा पोर्टल की सेवाएं और मतदाता पहचान पत्र से जुड़े कार्य भी नागरिकों को यहीं उपलब्ध हो जाते हैं। आधार कार्ड संबंधी जरूरी सेवाओं के साथ-साथ भारत बिल पेमेंट सिस्टम के जरिए बिजली का बिल, घरेलू गैस सिलेंडर का बिल, फास्टैग रिचार्ज तथा अन्य जरूरी यूटिलिटी बिलों के नियमित भुगतान की सुविधा भी दी जाती है।
रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया और जरूरी बुनियादी ढांचा
नया केंद्र शुरू करने के इच्छुक आवेदकों को एक तय ऑनलाइन प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य होता है। महबूब आलम ने बताया कि इसके लिए आधिकारिक पोर्टल register.csc.gov.in पर जाकर सबसे पहले टीईसी यानी टेलीसेंटर एंटरप्रेन्योर कोर्स के लिए पंजीकरण करना होता है। इस पंजीकरण के लिए 1479 रुपये का ऑनलाइन शुल्क निर्धारित है। टीईसी की ऑनलाइन परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण करने के बाद आवेदक को टीईसी सर्टिफिकेट प्राप्त होता है, जो केंद्र की मान्यता के लिए मुख्य आधार बनता है।
आवेदन के दौरान आवेदक के पास आधार कार्ड, पैन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, बैंक पासबुक, कैंसिल्ड चेक और स्थानीय पुलिस सत्यापन प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक दस्तावेज तैयार होने चाहिए। इसके साथ ही कार्य संचालन के लिए लगभग 10×12 फीट आकार की एक दुकान या कमरा होना आवश्यक है। तकनीकी सेटअप के तौर पर लैपटॉप या डेस्कटॉप कंप्यूटर, प्रिंटर, बायोमेट्रिक स्कैनर डिवाइस, निरंतर बिजली आपूर्ति, पावर बैकअप और तेज गति का इंटरनेट कनेक्शन अनिवार्य बुनियादी जरूरतों में शामिल हैं।
भौतिक सत्यापन और आईडी एक्टिवेशन के चरण
ऑनलाइन आवेदन और जरूरी दस्तावेज अपलोड करने के बाद सत्यापन की प्रक्रिया शुरू होती है। महबूब आलम ने स्पष्ट किया कि आवेदन की शुरुआती जांच के बाद वीडियो केवाईसी के माध्यम से स्वीकृति दी जाती है। इसके उपरांत संबंधित जिला सीएससी मैनेजर द्वारा प्रस्तावित केंद्र का भौतिक सत्यापन यानी फिजिकल वेरिफिकेशन किया जाता है। इस जांच के दौरान केंद्र पर ग्राहकों की जानकारी के लिए लगा हुआ रेट चार्ट और वहां मौजूद सभी आवश्यक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जियो-टैग फोटो सिस्टम पर अपलोड की जाती है। सभी मानकों की पुष्टि होने के बाद ही सीएससी आईडी को विधिवत एक्टिवेट किया जाता है।
नागरिक सेवाओं और स्वास्थ्य सुविधाओं का दायरा
केंद्र संचालित होने के बाद संचालक नए पैन कार्ड बनाने के लिए ऑनलाइन आवेदन, पासपोर्ट के आवेदन, पेंशनभोगियों के लिए डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र, आयकर रिटर्न यानी इनकम टैक्स फाइलिंग, ई-कोर्ट से जुड़ी सेवाएं और जेल में बंद परिजनों से बातचीत के लिए ई-मुलाकात पंजीकरण जैसी सुविधाएं प्रदान कर सकते हैं। चिकित्सा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रधानमंत्री जन औषधि योजना की पहुंच आसान बनाने, हेल्थ होम्योपैथी सेवाएं, पालतू व दुधारू पशुओं के लिए ई-पशु चिकित्सा और सीएससी टेलीमेडिसिन के माध्यम से योग्य चिकित्सकों से सीधा परामर्श दिलाने का काम भी इन केंद्रों से किया जाता है।
कल्याणकारी योजनाएं और शैक्षिक पाठ्यक्रम
शैक्षणिक क्षेत्र में केंद्र के जरिए वैदिक मैथ, प्रतियोगी व सरकारी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़े विशेष कोर्स पैकेज, इंग्लिश स्पीकिंग कोर्स, राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान यानी NIOS के विभिन्न अध्ययन कार्यक्रम, टॉपर, सीएससी बाल विद्यालय और लीगल लिटरेसी जैसी सुविधाएं छात्रों को दी जाती हैं। साथ ही कंप्यूटर हार्डवेयर, नेटवर्किंग, एनीमेशन और साइबर सिक्योरिटी से जुड़े तकनीकी प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराए जाते हैं।
केंद्र संचालक केंद्र सरकार की प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं के पंजीकरण में भी सेतु का काम करते हैं। इनमें प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना, व्यापारी मानधन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना और किसान मानधन योजना से जुड़े आवेदन शामिल हैं।
बैंकिंग सुविधाएं और टिकट बुकिंग सेवा
सरकारी उपक्रमों के साथ-साथ कई तरह की गैर-सरकारी और वाणिज्यिक सुविधाएं भी कॉमन सर्विस सेंटर के नेटवर्क से जुड़ी हैं। इनमें ई-कॉमर्स उत्पादों की डिलीवरी व ऑर्डर, ई-लर्निंग, किसानों के लिए उन्नत कृषि सेवा, महिलाओं के लिए स्त्री स्वाभिमान परियोजना तथा रेलवे और हवाई यात्रा के टिकट की बुकिंग प्रमुख हैं। वित्तीय समावेशन को मजबूत करने के लिए बैंकिंग प्रतिनिधि के रूप में नए बैंक खाते खोलना, ऋण के लिए आवेदन प्रेषित करना, जीवन बीमा तथा सामान्य बीमा पॉलिसियों की बिक्री और नियमित बीमा प्रीमियम जमा करने की सेवाएं भी प्रदान की जाती हैं।



















