अमरीकी ट्रेजरी के बायबैक प्लान से डॉलर पर बढ़ा दबाव, बॉन्ड यील्ड में दिखा दुर्लभ पैटर्नबलिया में व्हाट्सएप हैक कर यूपीआई से 75 हजार मांगने का नया साइबर फ्रॉड, पुलिस ने जारी किया अलर्टस्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज संकट से WTI क्रूड में उबाल, डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी चेतावनी के बीच $92 तक जा सकती है कीमतस्वीडिश रिक्सबैंक ने ब्याज दर 1.75 प्रतिशत पर रखी बरकरार, मध्य पूर्व के तनाव के बीच दिए बढ़ोतरी के संकेतलखनऊ में जापान के राजदूत से मिले अखिलेश यादव, सोशल मीडिया पर साझा की तस्वीरमेघालय में तनाव के बीच वेस्ट जयंतिया हिल्स में खुले पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर तुरंत रोकमध्य प्रदेश में पुलिस अफसर पर कड़ी कार्रवाई के तहत हत्या के आरोपी से बेहद सस्ती जमीन लेने के आरोप में सीएसपी नेहा पच्चीसिया पर FIR और निलंबन का आदेश जारीबिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के परीक्षा परिणामों पर भड़का गुस्सा, 90 प्रतिशत छात्र फेल होने के बाद सड़कों पर उतरेराजस्थान निकाय चुनाव में बीजेपी का नया दांव, 309 निकायों में स्थानीय कार्यकर्ताओं और अनुभवी नेताओं पर भरोसाजयपुर के फागी में बावड़ी के गहरे पानी में गिरकर डूब रहा था पदयात्री, कांस्टेबल मुकेश कुमार ने छलांग लगाकर बचाई जान
अमरीकी ट्रेजरी के बायबैक प्लान से डॉलर पर बढ़ा दबाव, बॉन्ड यील्ड में दिखा दुर्लभ पैटर्नबाज़ार
21 अग॰ 2026, 7:33 pm (1 घंटे पहले)· 4

अमरीकी ट्रेजरी के बायबैक प्लान से डॉलर पर बढ़ा दबाव, बॉन्ड यील्ड में दिखा दुर्लभ पैटर्न

अमरीकी ट्रेजरी द्वारा बॉन्ड बायबैक की सीमा दोगुनी करने के ऐलान के बाद बॉन्ड यील्ड में गिरावट आई है और डॉलर में मंदी का रुख गहरा गया है।

अमरीका के ट्रेजरी विभाग द्वारा बॉन्ड बायबैक की सीमा में बड़ा इजाफा करने के फैसले ने वैश्विक मुद्रा और बॉन्ड बाजारों में नई हलचल पैदा कर दी है। इस कदम से लंबे समय की बॉन्ड यील्ड में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे अमरीकी डॉलर पर बिकवाली का दबाव बढ़ गया है। बॉन्ड बाजार में यील्ड कर्व के बुल फ्लैटनिंग की स्थिति बनने से संस्थागत निवेशक अपनी रणनीतियों में बदलाव कर रहे हैं, जिसका सीधा असर विदेशी मुद्रा विनिमय दरों पर देखा जा रहा है।

ट्रेजरी का बायबैक प्लान और बॉन्ड यील्ड का व्यवहार

अमरीकी ट्रेजरी विभाग ने वित्तीय बाजार में नकदी सहायता बढ़ाने के उद्देश्य से बॉन्ड बायबैक की सीमा को 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर प्रति ऑपरेशन करने की घोषणा की है। यह नया कार्यक्रम 10 वर्ष से 20 वर्ष तथा 20 वर्ष से 30 वर्ष की परिपक्वता अवधि वाले बॉन्ड क्षेत्रों पर लागू होगा। यह प्रक्रिया 9 सितंबर से शुरू होकर 4 नवंबर तक जारी रहेगी। 19 अगस्त को इस खबर के सामने आते ही 30 वर्ष की अमरीकी ट्रेजरी यील्ड में उसी दिन लगभग 10 बेसिस प्वाइंट्स की बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिससे यील्ड कर्व में बुल फ्लैटनिंग का रुझान स्पष्ट हो गया।

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टीडी सिक्योरिटीज के ऐतिहासिक आंकड़ों का विश्लेषण

बाजार विश्लेषक फर्म टीडी सिक्योरिटीज के रणनीतिकारों ने 1999 के बाद से उपलब्ध DXY, SPX और UST 5s30s आंकड़ों का गहन अध्ययन किया है। सामान्य परिस्थितियों में, जब बाजार में जोखिम से बचने की भावना होती है, तब निवेशक लंबी अवधि के सरकारी बॉन्ड की ओर रुख करते हैं। ऐसे समय में बुल फ्लैटनिंग के साथ डॉलर औसतन 1.74 प्रतिशत तक मजबूत होता है। हालांकि, मौजूदा माहौल में बॉन्ड यील्ड गिरने के साथ अमरीकी शेयर बाजार में तेजी देखी गई है। 1999 के बाद से अध्ययन की गई 8 अलग-अलग स्थितियों में यह संयोजन दूसरा सबसे दुर्लभ पैटर्न माना गया है। जब भी ऐसी स्थिति बनती है, डॉलर में बढ़त के बजाय औसतन 0.3 प्रतिशत की हल्की मंदी देखने को मिलती है।

आर्थिक आंकड़े और फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति

अमरीकी डॉलर पहले से ही कमजोर आर्थिक आंकड़ों के कारण दबाव में था। जुलाई महीने में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी CPI के सुस्त आंकड़े और खुदरा बिक्री में गिरावट ने डॉलर के प्रति धारणा को पहले ही कमजोर कर दिया था। ट्रेजरी के इस नए कदम ने संस्थागत साख और वित्तीय नियंत्रण को लेकर चिंताओं को बढ़ा दिया है। टीडी सिक्योरिटीज का अनुमान था कि 2026 की दूसरी छमाही H2 '26 में डॉलर में मंदी का दौर आ सकता है, लेकिन यह बदलाव उम्मीद से पहले ही सामने आ गया है। चालू वर्ष की तीसरी तिमाही Q3 में सामने आए निराशाजनक आंकड़ों के बाद बाजार ने फेडरल रिजर्व द्वारा निकट भविष्य में ब्याज दरें बढ़ाने की संभावनाओं को खारिज कर दिया है। फेड की नीतिगत दरें फिलहाल स्थिर रहने की उम्मीद जताई जा रही है।

विदेशी मुद्रा, सोना और डिजिटल एसेट पर असर

अमरीकी मुद्रा में गिरावट का व्यापक असर अन्य वैश्विक संपत्तियों पर दर्ज किया गया है। ब्रिटेन के सकारात्मक PMI आंकड़ों के दम पर GBP/USD की दर 1.3670 के ऊपर पहुंच गई, जो फरवरी के बाद का उच्चतम स्तर है। हालांकि बाद में यह मामूली घटकर 1.3650 के नीचे कारोबार करने लगा। इसी तरह EUR/USD की दर 1.1700 के स्तर के आसपास स्थिर बनी हुई है, जिसे जर्मनी और यूरोज़ोन के मिश्रित आंकड़ों के बावजूद डॉलर की कमजोरी से समर्थन मिल रहा है। सराफा बाजार में सोने में तेजी देखी जा रही है और निवेशक 4,600 डॉलर के प्रतिरोध स्तर को टेस्ट करने की उम्मीद कर रहे हैं। क्रिप्टो बाजार में भी तेजी का रुख है, जहां बिटकॉइन 77,000 डॉलर के पार निकल गया है, जबकि एथेरियम 2,400 डॉलर और रिपल 1.35 डॉलर के करीब कारोबार कर रहे हैं।

आगामी आर्थिक संकेतकों पर बाजार की नजर

निवेशक अब एसएंडपी ग्लोबल द्वारा जारी होने वाले अगस्त के प्रारंभिक क्रय प्रबंधक सूचकांक यानी PMI आंकड़ों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। बाजार विश्लेषकों का अनुमान है कि अगस्त में मैन्युफैक्चरिंग PMI मामूली घटकर 53.8 रह सकता है, जो जुलाई में 53.9 था। इसी प्रकार सर्विसेज PMI के भी 54.6 से गिरकर 54.0 पर आने की संभावना जताई जा रही है। ये आंकड़े अमरीकी अर्थव्यवस्था की गति और भविष्य की मौद्रिक दिशा को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

सवाल-जवाब

अमरीकी ट्रेजरी के बायबैक फैसले का डॉलर पर क्या असर पड़ा है?
ट्रेजरी द्वारा बॉन्ड बायबैक की सीमा को 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर 4 अरब डॉलर करने के बाद डॉलर में गिरावट आई है और मंदी का रुख मजबूत हुआ है।
30 साल की अमरीकी बॉन्ड यील्ड में कितनी गिरावट देखी गई?
19 अगस्त के ऐलान के दिन 30 साल की अमरीकी ट्रेजरी यील्ड में लगभग 10 बेसिस प्वाइंट्स की गिरावट दर्ज की गई।
टीडी सिक्योरिटीज के अध्ययन से क्या निष्कर्ष निकला है?
1999 के बाद के आंकड़ों के अनुसार, शेयर बाजार की बढ़त के साथ बॉन्ड यील्ड का गिरना 8 बाजार स्थितियों में से दूसरा सबसे दुर्लभ पैटर्न है, जिसमें औसतन डॉलर -0.3 प्रतिशत गिरता है।
सोने और क्रिप्टो बाजार में क्या हलचल रही?
डॉलर में बिकवाली के कारण सोना 4,600 डॉलर के प्रतिरोध स्तर की तरफ बढ़ा, जबकि बिटकॉइन 77,000 डॉलर के ऊपर कारोबार करने लगा।
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