झारखंड की राजधानी रांची के पास स्थित तैमारा घाटी में एक ऐसा प्राकृतिक स्थल मौजूद है जो किसी तैरने के कुंड जैसा नजर आता है। इस छिपे हुए पर्यटन स्थल तक पहुंचने के लिए सैलानियों को रांची के तैमारा घाटी इलाके का रुख करना पड़ता है। यहां सड़क किनारे मां काली का एक मंदिर स्थापित है और ठीक उसी मंदिर के सामने से अंदर की तरफ एक कच्ची सड़क जाती है। घने जंगलों के भीतर कुछ ही दूरी पर नीचे उतरने पर यह अनूठा जलस्रोत दिखाई देता है, जहां अक्सर कुछ लोग पानी में आनंद लेते हुए भी दिखाई दे जाते हैं। इस शांत और हरे-भरे वातावरण के बीच पानी में उतरने का अनुभव बेहद अलग और सुकून देने वाला होता है।
इस जगह पर आने वाले सैलानी यहां के माहौल की काफी तारीफ करते हैं। कॉलेज के छात्र सनी यहां अपने साथियों के साथ पहुंचे थे और उन्होंने इस यात्रा के दौरान जमकर तस्वीरें भी क्लिक कीं। यहां डुबकी लगाने के बाद मिलने वाले आनंद का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि यहां का नजारा इतना मनमोहक है कि लोग बार-बार खिंचे चले आते हैं। आगंतुक यहां से ढेरों सुनहरी यादें अपने साथ समेट कर लौटते हैं। इस तरह का शांत और प्राकृतिक माहौल बड़े महानगरों या यहां तक कि ऋषिकेश जैसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर भी आसानी से देखने को नहीं मिलता है, क्योंकि यहां पूरी तरह से शांति और एकांत का अहसास होता है।
इस प्राकृतिक जगह की बनावट कुछ ऐसी है कि इसके बीचों-बीच पानी का ठहराव है और यह देखने में बिल्कुल किसी कृत्रिम स्विमिंग पूल की तरह प्रतीत होता है। पानी बेहद स्वच्छ और पारदर्शी है, जिसके चारों तरफ फैले जंगलों के दृश्यों को देखकर दर्शक इसकी खूबसूरती की तारीफ किए बिना नहीं रह पाते हैं। यहां आने वाले लोगों को किसी भी तरह के खतरे या डर का सामना नहीं करना पड़ता है, जिस वजह से तमाम लोग इसके पास बैठकर पिकनिक का लुत्फ उठाते हुए नजर आते हैं। यदि कोई व्यक्ति मानसिक तनाव से जूझ रहा है और अपने प्रियजनों के साथ कुछ बेहतरीन पल बिताना चाहता है, तो उसके लिए यह एक आदर्श ठिकाना साबित हो सकता है।
इस एकांत और शांत माहौल में सैलानियों को किसी भी प्रकार की बाधा का सामना नहीं करना पड़ता है, जिससे वे पूरी तरह से प्रकृति के करीब महसूस करते हैं। इसी जगह के बेहद करीब भगवान शिव का एक मंदिर भी स्थापित है, जहां पर्यटक इस जलस्रोत में स्नान करने के बाद पूजा-पाठ कर सकते हैं। इस परिसर में घंटों शांति से बैठकर मन को पूरी तरह तरोताजा किया जा सकता है और शहर की भागदौड़ से दूर सुकून के पल बिताए जा सकते हैं।

















