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रांची के स्कूली छात्र रचित राज ने बनाया स्मार्ट गैस लीक डिटेक्टर, हादसों से बचाएगा यह अनोखा सिस्टमझारखंड
20 अक्तू॰ 2026, 6:48 am (46 मिनट पहले)· 1

रांची के स्कूली छात्र रचित राज ने बनाया स्मार्ट गैस लीक डिटेक्टर, हादसों से बचाएगा यह अनोखा सिस्टम

झारखंड की राजधानी रांची में छठी कक्षा के छात्र रचित राज ने केवल चार दिनों में एक कॉम्पैक्ट गैस रिसाव डिटेक्टर तैयार किया है, जो घरों और कारखानों में हादसों की रोकथाम में मदद कर सकता है।

झारखंड की राजधानी रांची के जेवीएम श्यामली स्कूल में पढ़ने वाले छठी कक्षा के छात्र रचित राज ने सुरक्षा के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय नवाचार किया है। रचित ने एक ऐसा लैबोरेट्री सेफ्टी सिस्टम तैयार किया है, जो गैस रिसाव की तुरंत पहचान कर गंभीर हादसों को टालने में सक्षम है। इस उपकरण की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे किसी सामान्य घरेलू किचन से लेकर बड़े औद्योगिक परिसरों तक, जहां भी ज्वलनशील गैसों या रसायनों का इस्तेमाल होता है, आसानी से लगाया जा सकता है।

चार दिनों की मेहनत और जरूरी पुर्जों का संयोजन

इस पूरे सुरक्षा उपकरण को तैयार करने में रचित को केवल तीन से चार दिन का समय लगा। इस मॉडल को क्रियान्वित करने के लिए उन्होंने सेमीकंडक्टर, विशेष सेंसर, लाउड बजर, एग्जॉस्ट फैन और बुनियादी स्विचों का इस्तेमाल किया है। छात्र का मानना है कि भविष्य में इस प्रकार की तकनीक रसोई से लेकर भारी विनिर्माण संयंत्रों तक बेहद उपयोगी साबित हो सकती है, जिससे गैस रिसाव के कारण होने वाली भयावह त्रासदियों पर समय रहते काबू पाया जा सके। रचित को यह प्रोजेक्ट शुरू करने की प्रेरणा उनके पिता से मिली, जिन्होंने उन्हें सलाह दी थी कि समाज को इस प्रकार के सुरक्षा समाधानों की सख्त जरूरत है और उन्हें इस दिशा में काम करना चाहिए।

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ट्रिपल सेंसर तकनीक और स्वतः निकासी प्रणाली

घर में अपनी मां को किचन में काम करते देख रचित ने महसूस किया कि गैस सिलेंडर के रिसाव से बचाव के लिए एक ठोस चेतावनी तंत्र होना चाहिए। इसी सोच के तहत उन्होंने इस उपकरण में कुल तीन सेंसर जोड़े हैं। इनमें से एक सेंसर उपकरण के भीतरी हिस्से में और दो सेंसर बाहरी हिस्से में लगाए गए हैं, ताकि रिसाव कहीं भी हो, सिस्टम उसे तत्काल पकड़ सके। जैसे ही गैस हवा में फैलती है, सेंसर उसे भांपकर सीधे बजर को संदेश भेजते हैं और जोरदार अलार्म बजने लगता है, जिससे परिसर में मौजूद लोग सतर्क हो जाते हैं।

खतरनाक स्थानों पर तैनाती और व्यापक उपयोग

अलार्म बजाने के साथ ही इस सिस्टम से जुड़ा एग्जॉस्ट फैन खुद सक्रिय हो जाता है, जो कमरे में इकट्ठी जहरीली या ज्वलनशील गैस को तुरंत बाहर फेंक देता है। इससे गैस एक जगह बंद कमरे में जमा नहीं हो पाती, जिससे विस्फोट का खतरा टल जाता है। यह यंत्र आकार में काफी छोटा और सरल है, जिसे कहीं भी दीवार या मेज पर स्थापित किया जा सकता है। रचित के अनुसार, इस यंत्र को खास तौर पर इनवर्टर, गैस सिलेंडर और जनरेटर जैसी जगहों के पास लगाना सबसे ज्यादा असरदार होता है, क्योंकि इन स्थानों पर बिजली के शॉर्ट सर्किट और गैस लीकेज का जोखिम सबसे अधिक रहता है।

सवाल-जवाब

रचित राज किस स्कूल के छात्र हैं और वे किस कक्षा में पढ़ते हैं?
रचित राज झारखंड की राजधानी रांची स्थित जेवीएम श्यामली स्कूल में कक्षा 6 के छात्र हैं।
रचित ने इस गैस लीक डिटेक्टर को कितने समय में तैयार किया?
रचित राज ने इस पूरे प्रोजेक्ट को केवल तीन से चार दिनों के भीतर बनाकर तैयार किया है।
इस उपकरण में कौन-कौन से मुख्य इलेक्ट्रॉनिक पुर्जे लगे हैं?
इस सेफ्टी सिस्टम में सेमीकंडक्टर, तीन सेंसर, लाउड बजर, एग्जॉस्ट फैन और स्विच लगाए गए हैं।
गैस रिसाव होने पर यह डिवाइस कैसे काम करता है?
गैस लीक होते ही सेंसर उसे पकड़कर बजर को संदेश भेजते हैं जिससे अलार्म बजने लगता है, और साथ ही एग्जॉस्ट फैन चालू होकर गैस को बाहर निकाल देता है।
इस सिस्टम में कुल कितने सेंसर लगाए गए हैं?
इस सिस्टम में कुल तीन सेंसर लगे हैं, जिनमें से एक अंदर की तरफ और दो बाहर की तरफ लगाए गए हैं।
इस सुरक्षा उपकरण को किन जगहों पर लगाना सबसे फायदेमंद बताया गया है?
इसे घरेलू रसोई, औद्योगिक क्षेत्रों, गैस सिलेंडर के पास, इनवर्टर और जनरेटर के पास लगाना बेहद फायदेमंद बताया गया है।
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टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·11 मिनट पहले

सिर्फ चार दिन में छठी क्लास के बच्चे ने ऐसा सिस्टम बना दिया, आजकल के टैलेंट को देखकर सच में हैरानी होती है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·11 मिनट पहले

रोहन भाई, बिल्कुल सही कहा आपने। पिछले साल मुझे एक ऐसे ही रसोई गैस हादसे की जांच करने जाना पड़ा था, जहां मामूली सी लीक से पूरा किचन जल गया था। अगर ऐसा सेंसर होता, तो शायद वो जान बच जाती।

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