जमशेदपुर और चाईबासा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में अपराध के मामलों ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। एक ही इलाके में कुछ ही समय के भीतर खून खराबे की तीन अलग-अलग वारदातों से स्थानीय लोग दहशत में हैं। इन घटनाओं में अपनों द्वारा ही अपनों की जान लेने के मामले सबसे ज्यादा हैरान करने वाले हैं, जहां मामूली कहासुनी और संपत्ति के बटवारे जैसी बातों ने खूनी रूप ले लिया। पुलिस महकमा इन सभी मामलों की अलग-अलग एंगल से गहनता से छानबीन कर रहा है और आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
घरेलू कलह में छोटे भाई की चाकू मारकर हत्या
पहली खौफनाक वारदात में एक बड़े भाई ने अपने ही छोटे भाई की जिंदगी छीन ली। पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, मृतक की उम्र 22 साल थी और उसका नाम गणेश बिरुआ था। आरोपी बड़ा भाई सनी बिरुआ बताया जा रहा है, जिसने किसी घरेलू बात पर उपजे विवाद के दौरान इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया। कदमा टोल पुल के नजदीक दोनों के बीच किसी बात को लेकर तीखी नोकझोक शुरू हुई, जो इतनी बढ़ गई कि सनी ने आवेश में आकर गणेश पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए। इस हमले में गणेश बुरी तरह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी सनी बिरुआ मौके से फरार होने में कामयाब रहा। गंभीर हालत में घायल युवक को फौरन इलाज के लिए टाटा मेन अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस अब फरार चल रहे भाई की तलाश में जुटी हुई है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आखिर वह कौन सा घरेलू विवाद था जिसकी वजह से इतना बड़ा कदम उठाया गया।
जमीनी विवाद में लोहे की छड़ से भाई की हत्या
दूसरी दर्दनाक घटना भी इसी पश्चिमी सिंहभूम जिले से सामने आई है, जहां खून का रिश्ता एक बार फिर तार-तार हो गया। इस मामले में 51 साल के अनिल कालुंडिया पर अपने ही छोटे भाई राकेश कालुंडिया की हत्या करने का गंभीर आरोप लगा है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सोमवार के दिन आरोपी अनिल को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती पुलिसिया पूछताछ और जांच में यह बात सामने आई है कि दोनों भाइयों के बीच किसी संपत्ति या जमीन के टुकड़े को लेकर काफी समय से अनबन चल रही थी। इसी रंजिश के तहत अनिल ने कथित तौर पर लोहे की छड़ उठाकर राकेश के सिर पर जोरदार वार कर दिया। सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण राकेश मौके पर ही अनाथ हो गया और उसने दम तोड़ दिया। हालांकि पुलिस ने अभी तक आधिकारिक रूप से यह स्पष्ट नहीं किया है कि हत्या की मुख्य वजह जमीन का विवाद ही था या इसके पीछे कोई और पारिवारिक रंजिश थी, क्योंकि मामले की तह तक जाने के लिए अभी विस्तृत जांच की जानी बाकी है।
दुर्गोसाई टोला में अज्ञात लोगों द्वारा पत्थरों से कुचलकर हत्या
तीसरी वीभत्स घटना पश्चिमी सिंहभूम के दुर्गोसाई टोला इलाके की है, जो रविवार की देर रात घटित हुई। इस मामले की आधिकारिक जानकारी पुलिस ने सोमवार को सार्वजनिक की। स्थानीय ग्रामीणों ने जब इलाके में एक व्यक्ति का खून से लथपथ शव देखा तो उनके होश उड़ गए और उन्होंने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने पाया कि अज्ञात हमलावरों ने किसी भारी पत्थर से कुचलकर उस व्यक्ति की बेरहमी से हत्या कर दी थी। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस समय मृतक की सही शिनाख्त करने की है, क्योंकि अब तक उसकी पहचान पुख्ता नहीं हो पाई है। इसके अलावा हत्या के पीछे की असल वजह का भी अभी तक कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और उन असामाजिक तत्वों की पहचान करने में जुटी है जिन्होंने इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया है।
पुलिस जांच और बढ़ती चिंताएं
एक के बाद एक सामने आई इन तीन हत्याओं ने पश्चिमी सिंहभूम जिले की कानून व्यवस्था और सामाजिक ताने-बाने पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। हैरानी की बात यह है कि इनमें से दो मामलों में अपराध करने वाले अपने ही परिवार के सदस्य निकले, जबकि तीसरे मामले में हत्यारे पूरी तरह से अज्ञात हैं और पुलिस की पहुंच से दूर हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तीनों ही मामलों में सबूत जुटाए जा रहे हैं और जो आरोपी गिरफ्त से बाहर हैं, उन्हें जल्द ही कानून के दायरे में लाया जाएगा। इस तरह की वारदातों ने इलाके के आम नागरिकों में भय और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है, जिससे लोग परिवार के भीतर आपसी संवाद और सहनशीलता खत्म होने को लेकर भी चर्चा कर रहे हैं।


















