झारखंड राज्य में जारी मानसूनी बारिश ने अलग-अलग इलाकों में अलग तस्वीरें पेश की हैं। एक तरफ जहां निचले बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है, वहीं नदियों से दूर बसे इलाकों में चारों तरफ हरियाली छा गई है। इस मौसमी बदलाव ने कई सुप्त और बेजान प्राकृतिक स्थानों की सुंदरता को कई गुना बढ़ा दिया है। इसी क्रम में पलामू जिले के सतबरवा प्रखंड अंतर्गत मुरमा गांव में स्थित मलय डैम लगातार हुई मूसलाधार बारिश की वजह से अपनी पूर्ण क्षमता तक भर गया है। बीते 1 सितंबर की रात से ही इस जलाशय के स्पिलवे से पानी का तेज ओवरफ्लो शुरू हो गया, जिसे देखने के लिए अब भारी संख्या में पर्यटक और प्रकृति प्रेमी मौके पर पहुंच रहे हैं।
दूधिया पानी के मनमोहक प्रपात को देखने उमड़ी पर्यटकों की भीड़
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मलय डैम में जलस्तर लगभग 70 से 80 फीट की ऊंचाई तक पहुंचने के बाद अतिरिक्त पानी स्पिलवे के ऊपर से तेजी से बहने लगा। स्पिलवे से गिरता हुआ यह तेज जलप्रवाह दूधिया और सफेद रंग के झागदार झरने जैसा प्रतीत हो रहा है। इस सुंदर और मनमोहक नजारे का लुत्फ उठाने के लिए 2 सितंबर से ही दूर-दराज के क्षेत्रों से लोगों का आगमन शुरू हो चुका है। यहां आने वाले पर्यटक न केवल प्राकृतिक दृश्यों का आनंद ले रहे हैं, बल्कि इस विहंगम दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में कैद भी कर रहे हैं। कई सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर्स भी इस खूबसूरत जगह की वीडियो रील बनाकर विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर शेयर कर रहे हैं।
स्थानीय निवासी सुनील कुमार ने बताया कि पिछले साल अगस्त के महीने में ही मलय डैम का पानी ओवरफ्लो होना शुरू हो गया था। हालांकि, इस वर्ष पर्यटकों को इस खूबसूरत दृश्य को देखने के लिए सितंबर महीने का इंतजार करना पड़ा है। उन्होंने साझा किया कि जब भी डैम में ओवरफ्लो होता है, तो यहां का दृश्य बेहद रोमांचक और आकर्षक बन जाता है। ओवरफ्लो के पहले ही दिन सैकड़ों की संख्या में लोग इस नजारे को देखने पहुंचे। कई उत्साही पर्यटक बहते पानी के करीब जाकर सेल्फी ले रहे हैं और तस्वीरें खींच रहे हैं।
सात टापुओं वाला डैम, बोटिंग सुविधाएं और पर्यटकों की आवाजाही
प्राकृतिक सौंदर्य से समृद्ध मलय डैम की एक विशेष पहचान यह है कि इसे सात टापुओं वाला डैम भी कहा जाता है। इस खासियत के कारण यहां सालभर सैलानियों का आना-जाना लगा रहता है। जलाशय में नौकायन का संचालन करने वाले आनंद कुमार ने बताया कि यहां पर्यटकों की सबसे ज्यादा भीड़ नवंबर से मार्च महीने के बीच देखने को मिलती है। इसके बावजूद गर्मी और बरसात के मौसम में भी बड़ी संख्या में लोग प्राकृतिक दृश्यों का आनंद लेने पहुंचते हैं।
पर्यटकों के मनोरंजन के लिए मलय डैम में पैडल बोट और मोटर बोट दोनों प्रकार की नौकाओं की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। यहां 4 सीटर और 8 सीटर नावों का संचालन किया जाता है। किराए के संबंध में उन्होंने बताया कि पैडल बोट का शुल्क 50 रुपये प्रति व्यक्ति तय किया गया है, जबकि मोटर बोट की सवारी के लिए पर्यटकों को 100 रुपये प्रति व्यक्ति का भुगतान करना होता है।
पलामू से आवागमन का मार्ग और सुरक्षा संबंधी सलाह
पलामू जिला मुख्यालय से मलय डैम तक पहुंचना बेहद आसान और सुविधाजनक है। पलामू से राष्ट्रीय राजमार्ग 39 (NH-39) के रास्ते लगभग 30 किलोमीटर का सफर तय करके मुरमा स्थित मलय डैम पहुंचा जा सकता है। इस स्थान तक आने-जाने के लिए निजी वाहनों के अलावा नियमित रूप से चलने वाली यात्री बसों और ऑटो-रिक्शा की सुगम व्यवस्था उपलब्ध है।
मॉनसून के इस सुहावने मौसम में ओवरफ्लो करता हुआ पानी मलय डैम को एक प्रमुख और लोकप्रिय पिकनिक स्थल बना देता है। हालांकि, स्थानीय प्रशासन और प्रबुद्ध नागरिकों ने पर्यटकों से अपील की है कि वे आनंद लेते समय अपनी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें। तेज बहाव वाले स्पिलवे के बेहद करीब जाने से बचना चाहिए ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना से सुरक्षित रहा जा सके।



















