बरसात के दिनों में ग्रामीण इलाकों में मिलने वाली मान सब्जी इन दिनों स्थानीय बाजारों में खासी मांग में है। मानसून के मौसम में यह पौधा लोगों के आंगनों में प्राकृतिक रूप से उग आता है। इस विशेष पौधे के पत्तों, तनों और जमीन के नीचे उगने वाली जड़ वाली सब्जी तीनों की बाजार में अच्छी बिक्री होती है। ग्रामीण निवासी सुनीता देवी बताती हैं कि मान पत्ता उनके गांव में लगभग हर घर में उगाया जाता है और इसके जरिए लोग हर दिन अच्छी कमाई कर रहे हैं।
मानसून में मान पत्ते की पैदावार और उपयोग
मान का पौधा बरसात के पानी से बहुत तेजी से बढ़ता है और इसकी लंबाई 4 फीट तक हो जाती है। यह पौधा केवल जुलाई और अगस्त के दो महीनों में ही पाया जाता है, जिसके कारण इसे बरसाती सब्जी भी कहा जाता है। इसके विशालकाय हरे पत्तों का उपयोग स्वादिष्ट पकौड़ी या बचका बनाने के लिए किया जाता है। वहीं, इस पौधे की डाली यानी तने को काटकर सूखी भुजिया सब्जी तैयार की जाती है, जो खाने में बेहद स्वादिष्ट मानी जाती है।
जमीन के अंदर उगने वाली मान सब्जी का स्वाद और पकाने का तरीका
मान पौधे का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा जमीन के अंदर तैयार होने वाली इसकी सब्जी है। रूप-रंग और स्वाद में यह सब्जी काफी हद तक ओल जैसी दिखाई देती है। सुनीता देवी के अनुसार, इसे ओल की तरह ही खास मसालों के साथ पकाया जाता है। इसे बनाने के लिए सबसे पहले चार से पांच प्याज काटकर सुनहरे होने तक फ्राई किए जाते हैं। इसके बाद सिलबट्टे या मिक्सी में पिसे हुए सामान्य घरेलू मसाले मिलाकर 15 से 20 मिनट तक धीमी आंच पर पकाया जाता है, जिससे इसका बेहतरीन स्वाद निकलकर आता है।
बाजार में विभिन्न हिस्सों की कीमतें और कमाई का जरिया
स्थानीय मंडियों में मान सब्जी के तीनों हिस्सों की अलग-अलग बिक्री होती है। बाजार में इसके हरे पत्ते 20 रुपये प्रति किलो की दर से बिकते हैं। वहीं, इसकी डाली यानी तने का भाव 50 रुपये प्रति किलो तक रहता है। जमीन के अंदर मिलने वाली मुख्य सब्जी मंडी में 50 रुपये से 60 रुपये प्रति किलो के भाव पर बिकती है। सुनीता देवी ने बताया कि केवल एक डाली और एक पत्ते की बिक्री से ही प्रतिदिन 200 रुपये तक की कमाई आसानी से हो जाती है। सिर्फ दो महीने मिलने के कारण बाजार में इसकी मांग लगातार बनी रहती है।



















