बेंगलुरु स्थित केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर तड़के 5 बजे यात्रियों के भारी जमावड़े का एक वीडियो सामने आया है. टर्मिनल के भीतर चेक-इन काउंटरों के इर्द-गिर्द सामान लिए मुसाफिरों की लंबी कतारें देखी गईं. सुबह के व्यस्त पहर में उमड़े इस हुजूम को देखकर सोशल मीडिया पर लोगों ने चुटीले अंदाज में अपनी प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दीं, जहां एक यात्री ने चुटकी लेते हुए सवाल उठाया कि सुबह 5 बजे आखिर आठ हजार लोग क्यों जाग रहे हैं और उन्होंने ऐसा क्या किया है जो उन्हें यह सब भुगतना पड़ रहा है.
चेक-इन कतारों में बीता ढाई घंटे का वक्त
हवाई अड्डे के भीतर की आपाधापी साझा करते हुए एक अन्य यात्री ने अपना अनुभव बताया कि वे अपनी निर्धारित उड़ान से पूरे तीन घंटे पहले टर्मिनल पहुंच गए थे. इसके बावजूद ढाई घंटे का लंबा समय कतार में आगे खड़े मुसाफिर के सिर के पिछले हिस्से को देखते हुए ही कट गया. उन्होंने कटाक्ष करते हुए लिखा कि बेंगलुरु का कुख्यात जाम केवल सड़कों तक सीमित नहीं है, बल्कि एयरपोर्ट के भीतर पहुंचकर यह एक नया ही रूप धारण कर लेता है. हालांकि वीडियो में आठ हजार लोगों की जो संख्या बताई गई, वह केवल तंज कसने के मकसद से लिखी गई थी और यह एयरपोर्ट प्रशासन की ओर से जारी कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है.
हैदराबाद के विकल्प और खाली सड़कों पर टिप्पणियां
इस वीडियो के वायरल होते ही इंटरनेट यूजर्स ने अपनी अलग-अलग राय रखनी शुरू कर दी. कई लोगों ने हवाई अड्डे की इस स्थिति की तुलना शहर के दैनिक जाम से की, तो कुछ ने अन्य शहरों के रुख पर चर्चा छेड़ दी. एक टिप्पणी में कहा गया कि बेहतर जीवनशैली की उम्मीद में बहुत से लोग अब हैदराबाद का रुख कर रहे हैं और वह एक मजबूत विकल्प के तौर पर उभर रहा है. वहीं दूसरे यूजर ने रात 9 बजे के सन्नाटे की याद दिलाते हुए लिखा कि उस पहर वहां एक भी इंसान मौजूद नहीं था. एक अन्य व्यक्ति ने चुटकी लेते हुए पूछा कि क्या एयरपोर्ट पर इतनी भीड़ का मतलब यह निकाला जाए कि शहर की सड़कें अब पूरी तरह खाली मिलेंगी.
बढ़ती आबादी और स्थानीय व्यवस्था पर तीखे सवाल
वायरल दृश्य पर कुछ प्रतिक्रियाएं काफी तल्ख भी देखने को मिलीं. एक यूजर ने जनसंख्या वृद्धि पर निशाना साधते हुए सख्त टिप्पणी दर्ज की. वहीं एक टिप्पणीकार का कहना था कि यह नजारा साबित करता है कि शहर का बदनाम ट्रैफिक केवल स्थानीय बाशिंदों की वजह से नहीं है. एक और यूजर ने मजाकिया लहजे में लिखा कि ट्रैफिक का शुक्रिया, जो अपने साथ खुद ट्रैफिक को ही ले गया. एक शख्स ने तो यहां तक लिख दिया कि अगर भीड़ एयरपोर्ट चली गई है तो इस हफ्ते सड़कों पर निकलने का सबसे मुफीद वक्त आ गया है. सुबह के इस वीडियो ने बेंगलुरु की आबादी के दबाव, यातायात की दिक्कतों और दूसरे महानगरों की ओर लोगों के रुझान पर एक नई ऑनलाइन बहस खड़ी कर दी है.























