आंध्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष वाईएस शर्मिला ने पारिवारिक मतभेदों के सार्वजनिक होने के बाद अपनी बेटी अंजलि रेड्डी के विवाह का स्थल बदलने की घोषणा की है। यह महत्वपूर्ण कदम उनके भाई और पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी द्वारा बेंगलुरु स्थित येलहंका पैलेस में वैवाहिक आयोजन की अनुमति देने से इनकार करने के उपरांत उठाया गया है। शर्मिला ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि पारिवारिक आयोजन को कलह और विवादों से मुक्त रखना उनकी प्राथमिकता है, जिसके चलते यह बदलाव करना पड़ा।
शर्मिला की पुत्री अंजलि रेड्डी का विवाह सोमाला रघुराम रेड्डी के साथ तय हुआ है। पूर्व निर्धारित योजना के तहत यह वैवाहिक कार्यक्रम बेंगलुरु के येलहंका पैलेस में आयोजित किया जाना था। हालांकि, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के प्रमुख वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए अपनी भांजी के विवाह के लिए इस ऐतिहासिक परिसर को उपलब्ध कराने से साफ मना कर दिया।
विवादों से दूर उत्सव संपन्न कराने का संकल्प
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक बयान जारी करते हुए शर्मिला ने स्थल परिवर्तन की पुष्टि की। उन्होंने रेखांकित किया कि वैवाहिक समारोह को किसी भी प्रकार की तनातनी से दूर रखना आयोजकों का पहला दायित्व है। इसी सोच के तहत परिवार ने अंजलि रेड्डी और सोमाला रघुराम रेड्डी के वैवाहिक कार्यक्रमों को येलहंका पैलेस के बजाय किसी नए स्थान पर कराने का पक्का इरादा किया है।
“शादी के आयोजन स्थल को लेकर हुए घटनाक्रम को देखते हुए यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम बिना किसी विवाद और झगड़े के शादी समारोह आयोजित करें।”
शर्मिला ने यह भी स्पष्ट किया कि पारिवारिक संपत्तियों के पारंपरिक विभाजन के अनुसार येलहंका पैलेस पर उनका पूर्ण यानी सौ प्रतिशत कानूनी अधिकार बनता है। इसके बावजूद, राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता और संपत्ति विवाद अब दोनों पक्षों के घरेलू उत्सवों के मंच तक आ पहुंचे हैं, जिससे भाई और बहन के बीच दूरियां और अधिक बढ़ गई हैं।
सगाई के बाद उभरा पारिवारिक तनाव
अंजलि रेड्डी की सगाई 24 सितंबर को सोमाला रघुरामी रेड्डी के साथ संपन्न हुई थी, जो संयुक्त राज्य अमेरिका में कार्यरत हैं। विवाह की तारीख 25 नवंबर निर्धारित की गई थी, जिसके लिए शर्मिला बेंगलुरु के उसी पारिवारिक परिसर का उपयोग करना चाहती थीं। इस संबंध में जगन मोहन रेड्डी ने अपनी माता वाईएस विजयम्मा के माध्यम से यह संदेश भिजवाया कि वह इस आयोजन के लिए पैलेस का उपयोग करने की स्वीकृति नहीं देंगे।
पारिवारिक सूत्रों और सहयोगियों के अनुसार, मां विजयम्मा ने जगन मोहन रेड्डी को अपनी हठ छोड़कर फैसला वापस लेने के लिए समझाने का काफी प्रयास किया, परंतु पूर्व मुख्यमंत्री अपने रुख पर अडिग रहे। इस कड़े रुख के कारण मामा और भांजी के आत्मीय रिश्ते में भी दरार आ गई है, जिसे लेकर राजनीतिक और पारिवारिक हलकों में व्यापक चर्चा हो रही है।
नई जगह के चयन में वीआईपी सुरक्षा की चुनौती
शर्मिला के सहयोगियों ने बताया कि यह अस्वीकृति एक बड़े संकट की तरह सामने आई है, क्योंकि विवाह के निमंत्रण पत्र पहले ही विभिन्न विशिष्ट अतिथियों को वितरित किए जा चुके थे। अब आयोजन समिति को त्वरित गति से एक ऐसा वैकल्पिक परिसर तलाशना होगा, जो मेहमानों के आवागमन, ठहरने और कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल की दृष्टि से पूरी तरह उपयुक्त हो।
इस शादी में कई राज्यों के दिग्गज राजनेताओं को आमंत्रित किया गया है। आमंत्रित सूची में कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन सहित कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व के कई वरिष्ठ चेहरे शामिल हैं। चूंकि इतने उच्च पदस्थ सुरक्षा प्राप्त राजनेताओं के इस समारोह में उपस्थित रहने की संभावना है, इसलिए कम समय में जरूरी सुविधाओं और सुरक्षा मानकों से युक्त दूसरा स्थान तय करना आयोजकों के लिए एक बड़ी प्रशासनिक चुनौती बन गया है।



















