सावन और मानसून का महीना अपने साथ कई तरह के स्वादिष्ट मौसमी पकवान लेकर आता है। इस मौसम में बाजार में मिलने वाली ताजी फूलगोभी देखकर हर किसी का मन गोभी के पराठे या सब्जी खाने का करने लगता है। हालांकि, इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि बारिश के दिनों में गोभी में कीड़े, छिपे हुए बैक्टीरिया और हानिकारक कीटाणु होने की संभावना बहुत अधिक बढ़ जाती है। यदि गोभी की ठीक से सफाई न की जाए या उसे सही तरीके से न पकाया जाए, तो इससे पेट में गंभीर संक्रमण और पाचन संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। लोकप्रिय शेफ रणवीर बरार ने मानसून में गोभी पकाने को लेकर कुछ बेहद महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए हैं, ताकि सेहत से समझौता किए बिना इसके बेहतरीन स्वाद का आनंद लिया जा सके।
फूलगोभी को साफ करने का सही तरीका
गोभी को सीधे कड़ाही में डालने की भूल कभी न करें। सबसे पहले फूलगोभी के फूलों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। कटी हुई गोभी को साफ पानी में डालने से पहले एक विशेष घोल तैयार करें। गुनगुने पानी में थोड़ी सी हल्दी और स्वादानुसार नमक मिलाएं। इस मिश्रण में गोभी के टुकड़ों को कम से कम 10 से 15 मिनट के लिए भिगोकर छोड़ दें। हल्दी में प्राकृतिक रोगाणुरोधी गुण होते हैं और नमक गोभी के भीतर छिपे बारीक कीड़ों और गंदगी को बाहर निकालने में मदद करता है। इस प्रक्रिया के बाद गोभी को साफ बहते पानी से एक बार फिर अच्छी तरह धो लें।
ओवरकुकिंग यानी ज्यादा पकाने से बचें
शेफ रणवीर बरार के अनुसार, गोभी की सब्जी बनाते समय उसे जरूरत से ज्यादा देर तक चूल्हे पर नहीं छोड़ना चाहिए। जब हम गोभी को अत्यधिक पका देते हैं, तो न केवल उसका प्राकृतिक रंग फीका पड़ जाता है, बल्कि उसके आवश्यक पोषक तत्व भी नष्ट हो जाते हैं। इसके साथ ही उसका स्वाद भी बिगड़ जाता है। इसलिए, गोभी को हमेशा मध्यम आंच पर तब तक ही पकाएं जब तक वह हल्की कुरकुरी यानी क्रिसपी बनी रहे। इससे सब्जी का असली स्वाद बना रहता है।
तेज आंच से करें पकाने की शुरुआत
गोभी की सही बनावट बनाए रखने के लिए शुरुआत हमेशा तेज आंच से करनी चाहिए। सब्जी बनाने से पहले कड़ाही को गैस पर रखकर अच्छी तरह गर्म होने दें। जब कड़ाही गर्म हो जाए, तो उसमें आवश्यकतानुसार तेल डालें और अपने मनपसंद मसालों का तड़का लगाएं। मसालों के चटकने के तुरंत बाद कड़ाही में गोभी डाल दें। शुरुआत में तेज आंच होने की वजह से गोभी का बाहरी टेक्सचर बहुत अच्छा रहता है और वह अतिरिक्त पानी नहीं छोड़ती, जिससे सब्जी चिपचिपी नहीं बनती।
लगातार ढककर पकाने की गलती न करें
कई लोग सब्जी को जल्दी गलाने के लिए उसे लगातार ढककर पकाते हैं, लेकिन गोभी के मामले में ऐसा करने से बचना चाहिए। यदि आप गोभी को बहुत देर तक ढककर पकाएंगे, तो कड़ाही के भीतर बनने वाली भाप के कारण गोभी बहुत अधिक नरम और गीली हो जाएगी। इसका क्रंच खत्म हो जाएगा। बेहतर परिणाम के लिए सब्जी को बीच-बीच में ढक्कन हटाकर चलाते रहें। ऐसा करने से गोभी का आकार बरकरार रहेगा और उसका स्वाद भी उम्दा रहेगा।
पाचन और स्वाद बढ़ाने वाले मसालों का चयन
गोभी की तासीर कुछ लोगों के लिए भारी होती है, इसलिए इसमें सही मसालों का इस्तेमाल बहुत जरूरी है। गोभी बनाते समय हल्दी, जीरा, बारीक कटा हुआ अदरक, लहसुन और धनिया पाउडर का इस्तेमाल अवश्य करें। ये मसाले न केवल सब्जी के स्वाद को दोगुना करते हैं बल्कि इसके पाचन को भी आसान बनाते हैं। जब सब्जी पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाए, तो गैस बंद करने से ठीक पहले ऊपर से बारीक कटा हुआ हरा धनिया और थोड़ा सा गरम मसाला छिड़कें। यह छोटा सा कदम आपकी सब्जी में लाजवाब खुशबू जोड़ देगा।
खरीदते समय इन बातों का रखें विशेष ख्याल
बरसात के दिनों में सब्जी मंडी से गोभी खरीदते समय आपको अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। अगर फूलगोभी पर कहीं भी काले या भूरे रंग के धब्बे दिखाई दें, या उसमें से किसी भी प्रकार की दुर्गंध आ रही हो, तो उसे बिल्कुल न खरीदें। मानसून के मौसम में हमेशा ताजी, सफेद और कड़क गोभी ही चुननी चाहिए। यदि आप शेफ रणवीर बरार के इन आसान और प्रभावी नुस्खों को अपनी रसोई में अपनाते हैं, तो मानसून में भी बिना किसी डर के सुरक्षित और बेहद स्वादिष्ट गोभी की सब्जी का आनंद ले सकते हैं।











