घर पर लॉन्ड्री को लेकर एक आम सोच है कि जो भी कपड़ा एक बार पहन लिया जाए, उसे तुरंत धो देना चाहिए, तभी वह सच में साफ माना जाएगा। मगर फैब्रिक से जुड़े जानकारों का कहना कुछ और है। उनके मुताबिक हर कपड़े को हर बार पहनने के तुरंत बाद धोना जरूरी नहीं, बल्कि कुछ कपड़ों के लिए यह आदत नुकसानदेह भी साबित हो सकती है। बार-बार पानी, डिटर्जेंट और मशीन की धुलाई से कपड़े के रेशे कमजोर पड़ने लगते हैं, रंग उतरने लगता है और उनकी फिटिंग भी पहले जैसी नहीं रह पाती। समय के साथ यह असर इतना ज्यादा हो सकता है कि कपड़ा अपनी असली उम्र से पहले ही पहनने लायक नहीं बचता।
ज्यादा धुलाई से पानी-बिजली की भी बर्बादी
यह सिर्फ कपड़ों की उम्र घटाने तक सीमित नहीं है। हर बार बेवजह वॉशिंग मशीन चलाने से पानी और बिजली दोनों की खपत भी बढ़ जाती है, जिसका असर हर महीने के बिल पर भी दिखता है। अगर पसंदीदा कपड़ों को लंबे समय तक नया जैसा बनाए रखना है और उनका रंग व क्वालिटी बरकरार रखनी है, तो यह समझना जरूरी है कि कौन-से कपड़े हर बार पहनने के बाद धोने की मांग नहीं करते। कुछ कपड़े ऐसे होते हैं जिन्हें थोड़ी समझदारी से इस्तेमाल करते हुए कई बार पहनने के बाद ही धोना बेहतर रहता है। नीचे ऐसे ही 6 कपड़ों के बारे में बताया गया है।
जींस को हर बार पहनने के बाद धोने की गलती न करें
जींस उन कपड़ों में आती है जिसे रोजाना धोने की कोई जरूरत नहीं होती। अगर उस पर कोई दाग नहीं लगा और बदबू भी नहीं आ रही, तो उसे 5 से 10 बार पहनने के बाद धोया जा सकता है। बार-बार वॉश करने पर जींस का रंग जल्दी फीका पड़ जाता है और उसका फैब्रिक भी पहले जितना मजबूत नहीं रह पाता। जींस को कभी-कभी उल्टा करके पहनने से भी उसका रंग और फैब्रिक ज्यादा समय तक सुरक्षित रहता है। पहनने के बाद अगर उसे कुछ देर के लिए खुली हवा में टांग दिया जाए, तो वह ताजा बनी रहती है और अगली बार पहनने लायक हो जाती है।
स्वेटर और ऊनी कपड़े जल्दी गंदे नहीं होते
सर्दियों में पहने जाने वाले स्वेटर और दूसरे ऊनी कपड़ों को भी हर इस्तेमाल के बाद धोने की जरूरत नहीं पड़ती। अगर अंदर टी-शर्ट या कोई और कपड़ा पहना गया है, तो स्वेटर को तीन से चार बार आराम से पहना जा सकता है। बार-बार धुलाई से ऊन सिकुड़ सकती है और कपड़े का आकार भी बिगड़ सकता है, इसलिए इन्हें हमेशा हल्के हाथों से साफ करना चाहिए और सिर्फ जरूरत पड़ने पर ही धोना चाहिए।
जैकेट और कोट को सिर्फ जरूरत पड़ने पर साफ करें
ज्यादातर जैकेट और कोट सीधे शरीर के संपर्क में नहीं आते, इसी वजह से इन्हें हर बार धोना सही तरीका नहीं माना जाता। पूरे मौसम में एक या दो बार ड्राई क्लीन करा लेना या अच्छी तरह साफ कर लेना ही काफी होता है, बीच-बीच में हल्का हवा लगा देने से बदबू की दिक्कत भी दूर हो जाती है। खासतौर पर लेदर और मोटे फैब्रिक वाली जैकेट को अगर बार-बार धोया जाए, तो उसका लुक और चमक दोनों खराब हो सकते हैं।
नाइट सूट और पजामा रोज धोना जरूरी नहीं
अगर सोने से पहले नहाने की आदत है और ज्यादा पसीना भी नहीं आता, तो नाइट सूट या पजामा तीन से चार रात तक आराम से पहना जा सकता है। हालांकि गर्मी के मौसम में या ज्यादा पसीना आने की स्थिति में इसे जल्दी धो लेना ही बेहतर रहेगा। असल में अपने शरीर और मौसम की जरूरत के हिसाब से ही यह फैसला लेना सबसे सही तरीका है।
ऑफिस की पैंट और स्कर्ट को भी बार-बार धोने से बचाएं
ऑफिस में पहनी जाने वाली अच्छी क्वालिटी की पैंट और स्कर्ट को रोज धोने की जरूरत नहीं होती। इन्हें तीन से पांच बार पहनने के बाद धोया जा सकता है, इससे रंग भी नहीं उतरता और महंगे फॉर्मल फैब्रिक पर दबाव भी कम पड़ता है। अगर कपड़े पर कोई दाग नहीं है, तो हल्की स्टीम या इस्त्री कर लेने भर से भी वह दोबारा फ्रेश और प्रेजेंटेबल दिखने लगते हैं। इस तरीके से न सिर्फ कपड़ों की उम्र बढ़ती है, बल्कि उनका लुक भी बना रहता है।
ब्रा को हर बार धोना भी सही नहीं
कई महिलाएं हर बार पहनने के बाद ब्रा धो देती हैं, लेकिन ऐसा करने से उसका इलास्टिक जल्दी ढीला पड़ने लगता है। अगर बहुत ज्यादा पसीना नहीं आया है, तो इसे दो से तीन बार पहनने के बाद धोया जा सकता है। इससे उसकी शेप और फिटिंग लंबे समय तक बनी रहती है। हालांकि साफ-सफाई का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है, इसलिए मौसम और इस्तेमाल के हिसाब से ही फैसला लेना चाहिए।
कपड़ों की उम्र बढ़ाने के लिए अपनाएं ये आसान तरीके
कपड़ों को पहनने के बाद कुछ देर खुली हवा में रखना एक अच्छी आदत है। जहां तक हो सके, सिर्फ दाग वाले हिस्से को अलग से साफ करना चाहिए, न कि पूरे कपड़े को बार-बार मशीन में डाल देना चाहिए। जरूरत पड़ने पर हल्के परफ्यूम या डियो का इस्तेमाल भी बिना धोए कपड़ों को ताजा रखने में मदद कर सकता है। हर कपड़े पर दिए गए वॉशिंग इंस्ट्रक्शन जरूर पढ़ने चाहिए और उसी के मुताबिक उनकी देखभाल करनी चाहिए। यह एक छोटी सी सावधानी है, लेकिन यही आपके महंगे कपड़ों को लंबे समय तक नया जैसा बनाए रखने में मदद कर सकती है और साथ ही पानी-बिजली की बचत में भी योगदान देती है।

















