मॉनसून और उमस भरे वातावरण के दस्तक देते ही रिहायशी इलाकों और मकानों के आसपास रेंगने वाले विषैले जीवों के निकलने का जोखिम काफी बढ़ जाता है। मूसलाधार बारिश के चलते प्राकृतिक बिलों और झाड़ियों में पानी भर जाने से ये जीव अपने ठिकानों से निकलकर सुरक्षित और सूखे स्थानों की तलाश शुरू कर देते हैं। जिन परिसरों के इर्द-गिर्द लंबी घास, झाड़ियों का फैलाव, लकड़ी के गट्ठर, पत्थर के ढेर, खुली नालियां या जलभराव की समस्या होती है, वहां इन जीवों के शरण लेने की आशंका कई गुना अधिक रहती है। पारंपरिक मान्यताओं और अनुभवों के आधार पर कुछ प्राकृतिक और तीखी गंध वाली वस्तुएं ऐसी हैं, जिनकी मदद से इन जीवों को परिसर में दाखिल होने से रोका जा सकता है। इन उपायों का बड़ा लाभ यह है कि बिना किसी जोखिम या मशक्कत के केवल चुनिंदा चीजों को सही जगह रखकर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।
पुदीना और तुलसी की तीखी खुशबू का असर
पुदीने और तुलसी की महक बेहद तीव्र होती है, जिसे सांप बिल्कुल भी पसंद नहीं करते हैं। घर के खुले हिस्सों, आंगनों और बालकनी में इन दोनों पौधों को लगाने से न केवल आसपास की हवा महकती रहती है, बल्कि यह एक प्राकृतिक अवरोधक के रूप में भी काम करता है। पुदीने की तीखी खुशबू सांपों के लिए असहज वातावरण बनाती है, जिसके कारण वे उस रास्ते पर आगे बढ़ने से कतराते हैं और अपनी दिशा बदल लेते हैं। वहीं तुलसी के पौधे से लगातार निकलने वाली विशिष्ट और तीव्र गंध वातावरण में ऐसी स्थिति बनाती है जिससे ये जीव उस क्षेत्र की ओर आकर्षित नहीं होते। इसी कारण से ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में तुलसी को एक प्राकृतिक रक्षक पौधा माना जाता रहा है।
लहसुन और प्याज के सल्फर तत्वों की भूमिका
रसोई में रोजाना इस्तेमाल होने वाले लहसुन और प्याज की गंध को भी इन जीवों को दूर रखने के लिए बेहद असरदार माना जाता है। लहसुन और प्याज में प्राकृतिक रूप से तीखे सल्फर कंपाउंड पाए जाते हैं, जिनकी महक अत्यधिक तीखी और चुभने वाली होती है। सांपों की गंध सूंघने वाली संवेदी ग्रंथियां बहुत संवेदनशील होती हैं, जिसके चलते यह सल्फर की गंध उन्हें बेचैन कर देती है। कई लोग लहसुन और प्याज को अच्छी तरह कुचलकर घर के संभावित प्रवेश द्वारों, चौखटों और दीवारों की निचली जगहों पर रखने या फिर इनके रस को पानी में घोलकर छिड़काव करने की सलाह देते हैं। यह तीखा अवरोध सांपों को उन संवेदनशील रास्तों से दूर बनाए रखने में मदद करता है।
घर की चौखट पर लगाएं सुरक्षात्मक पौधे
गमलों या क्यारियों में लगाए जाने वाले कुछ खास पौधे भी इन जीवों को दहलीज लांघने से रोकने में मददगार साबित होते हैं। इन पौधों में लेमनग्रास, गेंदा, स्नेक प्लांट और कैक्टस विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। इन सभी पौधों की पत्तियों या फूलों से निकलने वाली प्राकृतिक खुशबू और उनकी संरचना सांपों को बिल्कुल रास नहीं आती। जब इन पौधों को मुख्य दरवाजे, खिड़कियों, बरामदे या जल निकासी वाली जगहों के समीप व्यवस्थित किया जाता है, तो ये एक सुरक्षा घेरे का काम करते हैं। इससे एक तरफ जहां घर की हरियाली और सजावट में इजाफा होता है, वहीं दूसरी तरफ रेंगने वाले जीवों की बिन बुलाई आमद पर भी रोक लगती है।
सिरका, दालचीनी का तेल और नींबू का मिश्रण
नींबू, सिरका और दालचीनी के तेल का तीखा मिश्रण भी इन जीवों को दूर भगाने का एक प्रचलित उपाय है। इन तीनों ही घटकों की गंध अत्यंत खट्टी, तीखी और प्रखर होती है, जिसे सांप तनिक भी सहन नहीं कर पाते हैं। जब यह गंध हवा में फैलती है, तो वे काफी दूरी से ही इसकी उपस्थिति भांप लेते हैं और उल्टे पांव लौट जाते हैं। घर के चारों तरफ, आंगन के कोनों, बाहरी दीवारों और बाउंड्री के पास इस मिश्रण का छिड़काव करने से परिसर सुरक्षित बना रहता है और सांप उस क्षेत्र में प्रवेश करने की हिम्मत नहीं जुटा पाते।
अमोनिया, सिरका और मिट्टी के तेल का छिड़काव
सांपों को भगाने के घरेलू उपायों में अमोनिया की अत्यंत तीखी गंध का इस्तेमाल भी काफी लोकप्रिय है। अमोनिया के साथ-साथ साधारण सिरका या मिट्टी के तेल का उपयोग भी बचाव के लिए किया जाता रहा है। घर की बाहरी खिड़कियों के नीचे, जल निकासी की नालियों और दरवाजों के आसपास इनका नियमित छिड़काव करने से प्रवेश के संभावित मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो जाते हैं। इन तरल पदार्थों की गंध इतनी असहनीय होती है कि जीव उन रास्तों को तुरंत छोड़ देते हैं और आपका घर पूरी तरह सुरक्षित रहता है।
बरसात के मौसम में आवश्यक सावधानियां और सतर्कता
गंध से जुड़े घरेलू उपायों के अलावा सबसे महत्वपूर्ण पहलू घर और आसपास की साफ-सफाई बनाए रखना है। अपने परिसर में उगी लंबी घास और बेतरतीब झाड़ियों को नियमित रूप से काटते रहें। कबाड़, ईंट-पत्थरों और गीली लकड़ियों के ढेर घर से दूर रखें ताकि जीवों को छिपने के लिए अंधेरी जगहें न मिलें। दीवारों, फर्श और दरवाजों के जोड़ों में मौजूद किसी भी दरार को सीमेंट से अच्छी तरह भर दें। रात के अंधेरे में बाहर निकलते वक्त हमेशा टॉर्च की रोशनी का सहारा लें और जूते या चप्पल पहनने से पूर्व उन्हें उलटकर अच्छी तरह जांच लें। यदि परिसर में कोई सांप दिखाई दे तो उसे खुद पकड़ने या मारने का दुस्साहस न करें, बल्कि उससे सुरक्षित दूरी बनाए रखते हुए फौरन स्थानीय वन विभाग या प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू टीम से संपर्क करें।

















