बरसात के दिनों में वातावरण में नमी का स्तर काफी बढ़ जाता है, जिसका सीधा असर घरों के अंदर रखे गद्दों, तकियों और चादरों पर दिखाई देने लगता है। जब कई दिनों तक लगातार बादल छाए रहते हैं और धूप नहीं निकलती, तो बिस्तरों के रेशों में सीलन जमा होने लगती है। यह ठहरी हुई नमी समय बीतने के साथ तेज दुर्गंध में बदल जाती है। इसके अलावा, गद्दों के भीतर अधिक समय तक गीलापन बने रहने से फंगस और हानिकारक बैक्टीरिया पनपने की आशंका भी काफी ज्यादा बढ़ जाती है, जो सेहत के लिहाज से नुकसानदेह हो सकता है।
इस दुर्गंध से राहत पाने के लिए कई लोग अक्सर गद्दे और चादरों पर रूम फ्रेशनर, परफ्यूम या खुशबूदार स्प्रे छिड़कने लगते हैं। हालांकि, यह तरीका बदबू को जड़ से खत्म करने के बजाय केवल कुछ पलों के लिए दबा देता है। जैसे ही परफ्यूम का असर हल्का पड़ता है, सीलन की बदबू दोबारा महसूस होने लगती है। इसलिए ऊपरी खुशबू के बजाय बुनियादी नमी को बाहर निकालना ही इसका सही समाधान माना जाता है।
कमरे में हवा की आवाजाही बनाए रखना पहला कदम
गोंडा के घनश्याम मिश्रा के अनुसार, मानसूनी हवा में मौजूद नमी घर के बिस्तरों को तेजी से प्रभावित करती है। धूप के अभाव में गद्दे के भीतरी हिस्सों तक नमी घर कर जाती है, जिससे बदबू पनपने लगती है। इससे बचाव का सबसे पहला और आसान तरीका कमरे में वेंटिलेशन दुरुस्त रखना है। दिन के समय खिड़कियों और दरवाजों को कुछ घंटों के लिए खुला रखना चाहिए, ताकि कमरे के भीतर ठहरी हुई भारी और नम हवा आसानी से बाहर निकल सके। इसके साथ ही, कमरे में पंखा चलाकर रखने से भी हवा का प्रवाह बना रहता है और बिस्तरों की सतह पर मौजूद नमी तेजी से कम होती है।
बेकिंग सोडा से सोखें गहरी बदबू और नमी
घनश्याम मिश्रा ने बताया कि गद्दे के रेशों में फंसी सीलन और बदबू को खत्म करने के लिए बेकिंग सोडा का प्रयोग बेहद असरदार उपाय है। इसे आजमाने के लिए गद्दे की ऊपरी सतह पर हल्की मात्रा में सूखा बेकिंग सोडा समान रूप से छिड़क देना चाहिए। छिड़काव के बाद इसे कुछ घंटों के लिए ऐसे ही छोड़ दें, ताकि यह अंदरूनी दुर्गंध और अतिरिक्त नमी को अपने भीतर सोख ले। निर्धारित समय पूरा होने के बाद वैक्यूम क्लीनर अथवा किसी साफ और सूखे सूती कपड़े की सहायता से पाउडर को पूरी तरह झाड़कर साफ कर लें। ध्यान रखें कि गद्दे पर किसी भी तरह का पानी या अन्य तरल पदार्थ छिड़कने से पूरी तरह बचना चाहिए, क्योंकि इससे गीलापन और बढ़ सकता है।
धूप और पंखे की हवा का सही इस्तेमाल
घनश्याम का कहना है कि बरसात के मौसम के दौरान जब भी किसी दिन अच्छी और तेज धूप निकले, तो उसका तुरंत लाभ उठाना चाहिए। गद्दे, तकिए और चादरों को बाहर ले जाकर धूप में फैलाएं और गद्दे को दोनों तरफ से पलटकर अच्छी तरह सुखाएं, ताकि दोनों सिरों पर ताजी हवा और धूप लग सके। चादरों और तकियों के कवर को भी नियमित रूप से धोना चाहिए और उन्हें पूरी तरह सूखने के बाद ही दोबारा बिछाना चाहिए। यदि लगातार बारिश के कारण धूप नहीं निकल रही है, तो गद्दे को कमरे में दीवार के सहारे सीधा खड़ा कर दें और पंखा तेज चला दें, जिससे उसके दोनों तरफ हवा लग सके और जमा नमी आसानी से निकल जाए।



















