रसोई में पूड़ी, पकौड़े या अन्य तली हुई चीजें तैयार करते समय कढ़ाई का तेल गहरा पड़ जाना और उसमें से पुरानी तली चीजों की गंध आना बेहद आम समस्या है। इसी परेशानी से निपटने के लिए सोशल मीडिया पर इन दिनों रसोई से जुड़ा एक खास नुस्खा काफी चर्चा बटोर रहा है। इंटरनेट पर साझा किए जा रहे इन वीडियो में दावा किया जा रहा है कि अगर खौलते तेल में अदरक के कुछ टुकड़े डाल दिए जाएं, तो तेल का रंग काला नहीं पड़ता और उसमें बसी दुर्गंध भी पूरी तरह गायब हो जाती है। जब लोग इस तरह के हैक्स को आजमाने लगते हैं, तब यह समझना बेहद जरूरी हो जाता है कि रसोई विज्ञान के नजरिए से इस दावे में कितनी हकीकत है।
क्या अदरक वाकई तेल को काला होने से बचा सकता है?
कुकिंग ऑयल का रंग गहरा होने के पीछे का कारण कोई जादुई खराबी नहीं, बल्कि तेल को तेज आंच पर बार-बार गर्म करना और उसमें छूटे खाद्य पदार्थों के बारीक कण होते हैं। जब तेल को बहुत ज्यादा तापमान पर उबाला जाता है, तो उसकी रासायनिक संरचना बदलने लगती है। तलते समय कढ़ाई में गिरे बेसन या मैदा के नन्हे टुकड़े उसी तेज आंच पर लगातार जलते रहते हैं, जिसकी वजह से तेल धीरे-धीरे गहरा काला रूप ले लेता है। ऐसे में यह मान लेना कि खौलते तेल में अदरक का टुकड़ा डाल देने से यह पूरी प्रक्रिया रुक जाएगी, पूरी तरह गलत है।
इस बात का कोई वैज्ञानिक आधार या प्रमाण मौजूद नहीं है कि अदरक तेल को साफ या सुरक्षित रख सकता है। यदि तेल में पहले से ही जले हुए खाद्य कण तैर रहे हैं या उस तेल को कई दफा इस्तेमाल में लाया जा चुका है, तो उसमें अदरक डाल देने भर से वह किसी भी तरह दोबारा ताजा या नया नहीं बन जाता है।
इंटरनेट पर क्यों फैल रहा है अदरक वाला यह नुस्खा?
अदरक में अपनी एक बेहद तीखी और प्रभावशाली प्राकृतिक सुगंध होती है। जब अदरक के टुकड़े को बहुत गर्म तेल में डाला जाता है, तो उसकी तेज महक कड़ाही में पहले से मौजूद बासी या जली हुई गंध को कुछ समय के लिए दबा देती है। इस महक के असर से लोगों को यह गलतफहमी हो जाती है कि तेल की पुरानी दुर्गंध पूरी तरह खत्म हो गई है और तेल साफ हो गया है।
हालांकि, खुशबू का बदल जाना इस बात की गारंटी बिल्कुल नहीं है कि तेल के अंदर मौजूद जले हुए या अस्वास्थ्यकर तत्व नष्ट हो चुके हैं। गंध का कुछ देर के लिए दब जाना और तेल का वास्तविक रूप से शुद्ध या दोबारा खाने योग्य होना, दो पूरी तरह से अलग बातें हैं। अदरक केवल गंध पर पर्दा डालता है, तेल की बिगड़ी हुई गुणवत्ता को सुधारता नहीं है।
कढ़ाई के तेल की गुणवत्ता सुरक्षित रखने के जरूरी नियम
यदि आप घर पर पूड़ी या पकौड़े जैसी चीजें बना रहे हैं, तो तेल की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए कुछ बुनियादी नियमों का पालन करना सबसे सुरक्षित विकल्प है। सबसे पहले, तलते समय तेल को अत्यधिक तेज आंच पर जरूरत से ज्यादा गर्म करने से बचें। तलने का काम पूरा हो जाने के बाद, तेल को सीधे किसी डिब्बे में बंद करने के बजाय सामान्य तापमान पर पूरी तरह ठंडा होने दें। जब तेल ठंडा हो जाए, तो उसमें बचे हुए बारीक जले कणों को अलग करने के लिए उसे किसी बारीक छलनी या बिल्कुल साफ सूती कपड़े से छानकर अलग रखें।
एक ही तेल को बार-बार तेज आंच पर गर्म करने की आदत से बचना चाहिए। यदि कढ़ाई के तेल का रंग बहुत गहरा हो चुका हो, उसमें असामान्य झाग उठने लगा हो, आंच पर रखते ही सामान्य से पहले धुआं निकलने लगे या फिर उससे अजीब तरह की गंध आ रही हो, तो ऐसे तेल का इस्तेमाल दोबारा बिल्कुल नहीं करना चाहिए। अदरक डालकर ऐसे खराब हो चुके तेल को बचाने की कोशिश करना केवल भ्रम है। सुरक्षित भोजन के लिए सही तापमान, साफ सामग्री और तेल का सीमित इस्तेमाल ही सबसे भरोसेमंद तरीका है।



















