उत्तर प्रदेश का सहारनपुर शहर अपने अनूठे खान-पान के लिए हमेशा से पहचाना जाता रहा है, लेकिन इन दिनों मंडी रोड पर चाय की एक छोटी सी टपरी ने शहर के चाय प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। भागदौड़ भरी जिंदगी में चंद मिनट सुकून की तलाश करने वाले लोगों के लिए यह ठिकाना बेहद खास बन चुका है। यहां मिलने वाली चाय का स्वाद इतना अनोखा है कि जो भी व्यक्ति एक बार इसकी चुस्की लेता है, वह बार-बार खींचा चला आता है। अपने बुजुर्गों के पारंपरिक देसी नुस्खों को सहेजते हुए तैयार की जा रही यह चाय स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिहाज से भी काफी मुफीद मानी जा रही है।
वाह भाई वाह टी स्टॉल और खुर्शीद आलम का देसी अंदाज
सहारनपुर में मंडी रोड पर पीर वाली गली के ठीक बाहर स्थित इस दुकान का नाम वाह भाई वाह टी स्टॉल है। इस स्टॉल का संचालन खुर्शीद आलम कर रहे हैं। उन्होंने अपनी चाय को बनाने में किसी भी तरह के आधुनिक या बनावटी तत्वों का सहारा नहीं लिया है, बल्कि पूरी तरह पारंपरिक देसी तरीके को अपनाया है। इसी खास तैयारी और कड़क अंदाज की वजह से स्थानीय लोग इसे तड़क भड़क चाय के नाम से भी पुकारते हैं। बुजुर्गों से सीखी गई खास तरकीब के दम पर खुर्शीद आलम दो से तीन अलग-अलग प्रकार की चाय तैयार करते हैं, जिसे पीने के बाद ग्राहक दुकान के नाम की तरह ही अनायास वाह भाई वाह कह उठते हैं।
10 गुप्त मसालों का जादू और शुद्ध दूध की मिठास
इस चाय की सबसे बड़ी विशेषता इसमें इस्तेमाल होने वाले 10 तरह के गुप्त मसाले हैं। खुर्शीद आलम के अनुसार, चाय के स्वाद को कई गुना बढ़ाने के लिए इसमें इलायची, काली मिर्च, लौंग और दालचीनी के अलावा कुछ ऐसे खास मसाले मिलाए जाते हैं जिन्हें पूरी तरह गोपनीय रखा गया है ताकि चाय का अनोखा स्वाद कोई चुरा न सके। इसके साथ ही चाय की गुणवत्ता का सबसे बड़ा आधार शुद्ध और ताजा दूध है। किसी भी मिलावट से दूर, शुद्ध दूध में जब ये मसाले धीमी आंच पर पकते हैं, तो उनकी महक दूर तक फैलती है और राहगीरों को अपनी तरफ आकर्षित करने लगती है।
चॉकलेट चाय का नया प्रयोग और ग्राहकों की दीवानगी
मसाला चाय के अलावा यहां की चॉकलेट चाय भी लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय हो रही है। शुद्ध दूध और पारंपरिक मसालों के मिश्रण के ऊपर जब चॉकलेट का तड़का लगाया जाता है, तो यह स्वाद का बिल्कुल नया अनुभव देती है। गर्म चाय के कुल्हड़ या कप से उठती चॉकलेट और मसालों की मिली-जुली खुशबू पीने वाले को एक अलग ही ताजगी का एहसास कराती है। चाय की चुस्की लेने वाले कई ग्राहक इसे अपने जीवन का सबसे स्वादिष्ट और अनूठा अनुभव बताते हैं। यही वजह है कि यहां आने वाला हर व्यक्ति अगली बार अपने दोस्तों और परिजनों को भी साथ लेकर पहुंचता है।
सब्जी मंडी के व्यापारियों से लेकर दूर-दराज के ग्राहकों तक पहुंच
वाह भाई वाह टी स्टॉल की लोकप्रियता का दायरा अब केवल नजदीकी इलाके तक सीमित नहीं रह गया है। सुबह, दोपहर और शाम के वक्त सहारनपुर की सब्जी मंडी में बाहर से सब्जियां बेचने आने वाले किसान और व्यापारी भी थकान मिटाने के लिए सीधे इसी टपरी का रुख करते हैं। खुर्शीद आलम बताते हैं कि उन्होंने कभी यह नहीं सोचा था कि उनके हाथ का यह हुनर और चाय का स्वाद लोगों को इस कदर पसंद आएगा। पिछले कुछ ही दिनों में दूर-दराज के इलाकों से भी लोग इस खास चाय का जायका लेने के लिए पीर वाली गली के बाहर जुटने लगे हैं।
महंगाई के दौर में महज 20 रुपये में खास जायका
बाजार में अक्सर जब किसी चीज की लोकप्रियता बढ़ती है या उसमें खास सामग्री जोड़ी जाती है, तो उसकी कीमतें आसमान छूने लगती हैं। इसके विपरीत, खुर्शीद आलम आज भी अपनी चाय बेहद किफायती और पुराने दामों पर ही ग्राहकों को उपलब्ध करा रहे हैं। चाहे 10 मसालों वाली कड़क चाय हो या फिर चॉकलेट चाय, हर प्याली की कीमत मात्र 20 रुपये रखी गई है। कम दाम में इतना बेहतरीन स्वाद मिलने के कारण ग्राहकों के चेहरे पर संतुष्टि साफ दिखाई देती है और यही वजह है कि इस दुकान की टपरी पर दिनभर चाय के शौकीनों की चहल-पहल बनी रहती है।



















