बेगूसराय के घरों और कार्यस्थलों में रखे रेक्सीन या लेदर के सोफे यदि लंबे समय के इस्तेमाल के बाद अपनी चमक खो चुके हैं और उन पर धूल-मिट्टी जम गई है, तो उन्हें बदलने की कोई आवश्यकता नहीं है। दिवाली के इस पावन पर्व पर यदि आप अपने घर के फर्नीचर को नया लुक देने का मन बना रहे हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकती है। बाजार में मिलने वाले महंगे क्लीनर पर पैसे खर्च करने या नया सोफा खरीदने से पहले, घर में पहले से मौजूद कुछ साधारण चीजों की मदद से इसकी खोई हुई चमक को आसानी से वापस लाया जा सकता है।
रेक्सीन और लेदर सोफे की सफाई का आसान तरीका
फर्नीचर उद्योग से जुड़े दिलीप सिन्हा ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि गंदे हो चुके रेक्सीन या लेदर के सोफे को चमकाने की शुरुआत सबसे पहले उसकी सतह पर जमी धूल को हटाने से करनी चाहिए। इसके लिए एक सूखे और साफ कपड़े की मदद से पूरे सोफे को अच्छी तरह से पोंछना आवश्यक है, जिससे उस पर जमी धूल और मिट्टी आसानी से बाहर निकल जाए। इसके बाद, सामान्य पानी से एक कपड़े को हल्का गीला करके सोफे की सतह की सफाई की जा सकती है। इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि सोफे को पानी से पूरी तरह भिगोना नहीं है, बल्कि केवल नमी के साथ पोंछना है। सफाई प्रक्रिया पूरी होने के बाद, एक सूखे कपड़े से इसे दोबारा अच्छी तरह साफ कर लेना चाहिए।
नारियल तेल के इस्तेमाल से लौट आएगी पुरानी चमक
दिलीप सिन्हा के अनुसार, सोफे की पुरानी चमक और चिकनाई को दोबारा हासिल करने के लिए नारियल तेल का इस्तेमाल एक बेहतरीन घरेलू उपाय साबित हो सकता है। इसके लिए थोड़ी सी मात्रा में नारियल तेल को एक साफ कपड़े पर लेकर रेक्सीन की सतह पर बहुत ही हल्के हाथों से लगाना चाहिए। पूरे सोफे पर तेल की हल्की परत लगाने के बाद, एक अन्य साफ कपड़े की सहायता से अतिरिक्त तेल को पूरी तरह से पोंछ देना बेहद जरूरी है, ताकि सतह चिपचिपी न बने।
महंगे क्लीनर के विकल्प में लेदर टच-अप
यदि नारियल तेल के इस्तेमाल के बाद भी सोफे पर मनचाही चमक दिखाई न दे, तो बाजार में मिलने वाले लेदर टच-अप का उपयोग किया जा सकता है। दिलीप सिन्हा ने बताया कि इस उत्पाद की कीमत बाजार में लगभग 40 से 50 रुपये के आसपास होती है और इसकी थोड़ी सी मात्रा ही पूरे घर के सोफे के लिए काफी साबित हो जाती है। हालांकि, किसी भी नए उत्पाद को पूरे सोफे पर एक साथ लगाने से पहले यह सलाह दी जाती है कि उसे सोफे के किसी छोटे और छिपे हुए हिस्से पर लगाकर जरूर जांच लें, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि रेक्सीन के रंग या उसकी बनावट को किसी भी प्रकार का नुकसान न पहुंचे।
























