घरों में लकड़ी के दरवाजे, चौखट और खिड़कियां लगवाने के बाद अक्सर लोगों को दीमक की गंभीर समस्या से जूझना पड़ता है। दीमक लकड़ी को भीतर से धीरे-धीरे पूरी तरह खोखला कर देती है, जिससे दरवाजे और खिड़कियां बहुत कमजोर हो जाते हैं। ऐसे में समय रहते इसका सही उपचार करना बेहद जरूरी हो जाता है। कारपेंटर जीशान ने लकड़ी को दीमक के प्रकोप से बचाने के कई कारगर तरीके बताए हैं।
दीमक की समस्या और बचाव की जरूरत
कारपेंटर जीशान के अनुसार, लकड़ी के फर्नीचर, दरवाजों और खिड़कियों में दीमक लगना एक बेहद आम बात है। यदि इस पर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो यह कीट पूरी लकड़ी को भीतर से नष्ट कर देता है। उन्होंने दीमक से निपटने के लिए कुछ आसान घरेलू नुस्खे और बाजार में मिलने वाले उत्पाद सुझाए हैं, जिनके इस्तेमाल से दीमक का पूरी तरह सफाया किया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि नई लकड़ी लगाने के बाद भी करीब एक से डेढ़ साल के भीतर उसमें दीमक लगने का खतरा रहता है। इसलिए शुरुआती दौर से ही लकड़ी की सुरक्षा और देखभाल करना बहुत आवश्यक है, क्योंकि एक बार दीमक लग जाने पर वह धीरे-धीरे पूरे ढांचे को बर्बाद कर देती है।
डीजल और पेट्रोल का इस्तेमाल
दीमक से राहत पाने के लिए सबसे सरल घरेलू उपाय के रूप में डीजल का उपयोग किया जाता है, जो लगभग हर घर में आसानी से उपलब्ध होता है। जीशान के मुताबिक, जिस हिस्से में दीमक लगी हो, वहां डीजल डाल देने से दीमक का हमेशा के लिए खात्मा हो जाता है। इसके अलावा पेट्रोल भी एक विकल्प है, लेकिन उनके अनुसार पेट्रोल से दीमक तुरंत तो मर जाती है लेकिन वह दोबारा बहुत जल्दी पनपने लगती है। यही वजह है कि पेट्रोल की तुलना में डीजल को कहीं अधिक असरदार और स्थायी उपाय माना गया है।
बाजार में मिलने वाले उत्पाद और तेल
घरेलू नुस्खों के अलावा बाजार में भी दीमक से बचाव के लिए कई तरह के विशेष तेल और उत्पाद मिलते हैं। इनमें एस्ट्रोलॉजी ऑयल को सबसे बेहतरीन विकल्प बताया गया है। इसके अलावा नीम का तेल, हर्बल तेल और विशेष किलर ऑयल भी बाजार में आसानी से मिल जाते हैं। इसके साथ ही क्लोरोपाइरीफॉस प्लस साइपरमेथ्रिन भी बाजार में सुलभ है। जीशान के मुताबिक, इन सभी तेलों और उत्पादों का नियमित और सही इस्तेमाल करने से दीमक समाप्त हो जाती है और लंबे समय तक सुरक्षा मिलती है। इन उत्पादों को गुणवत्ता के लिहाज से कारगर माना गया है।























