नॉनवेज खाने के शौकीनों के लिए मटन हमेशा से एक खास व्यंजन रहा है। देश के अलग-अलग हिस्सों में इसे पकाने के अनूठे तरीके अपनाए जाते हैं। खासकर उत्सव और त्योहारों के इस दौर में लोग कुछ खास और लजीज पकवानों की तलाश में रहते हैं। अगर आपको भी पारंपरिक और देसी स्वाद पसंद है, तो मिथिला की यह प्रसिद्ध मटन रेसिपी आपके बहुत काम आ सकती है। होटल और रेस्टोरेंट के तमाम व्यंजनों के बावजूद घर पर बने मटन का स्वाद हमेशा से अलग और बेहतरीन होता है। इस आसान विधि को अपनाकर आप बहुत कम समय में एक बेहतरीन डिश तैयार कर सकते हैं।
मटन में खड़े मसालों का सही इस्तेमाल
पारंपरिक रूप से मटन बनाने के लिए कई तरह के मसालों का उपयोग किया जाता है। आमतौर पर लोग खड़े मसालों को साबुत ही डाल देते हैं, लेकिन मिथिलांचल स्टाइल में इसका एक अलग तरीका अपनाया जाता है। इस विधि में मसालों का सही चयन और उन्हें पकाने का तरीका ही इसके स्वाद को सबसे अलग बनाता है। घर पर आसानी से उपलब्ध मसालों से ही आप इस स्वादिष्ट व्यंजन को तैयार कर सकते हैं। इसके लिए आपको कुछ खास बातों का ध्यान रखना होगा ताकि ग्रेवी का स्वाद बेहतरीन बन सके।
खास फूड एक्सपर्ट केशव की खास टिप्स
मिथिला के जाने-माने फूड एक्सपर्ट केशव के अनुसार, मटन के स्वाद को बढ़ाने में खड़े मसालों की बहुत बड़ी भूमिका होती है। वे बताते हैं कि लोग अक्सर खड़े मसालों को सीधे कढ़ाई में डाल देते हैं, लेकिन अगर आप उन्हें पहले पीसकर पेस्ट बना लें और फिर मटन के साथ पकाएं, तो ग्रेवी का स्वाद कई गुना बढ़ जाता है। इस तरह से तैयार मटन का स्वाद इतना लाजवाब होता है कि खाने वाले उंगलियां चाटते रह जाते हैं। यह प्रक्रिया बेहद सरल है और इसे घर की रसोई में आसानी से आजमाया जा सकता है।
चिकन और मटन पकाने के समय का अंतर
चिकन जहां बहुत जल्दी पक जाता है, वहीं बकरे का मटन तैयार होने में थोड़ा अधिक समय लेता है। इसका कारण यह है कि मटन का मांस सख्त होता है, जिसे नरम होने और मसालों को अपने अंदर सोखने में लगभग एक घंटे का समय लग जाता है। इसे बनाने के लिए मुख्य रूप से प्याज, लहसुन, हल्दी, मिर्च, धनिया और गरम मसाले की जरूरत होती है। शुरुआत में कढ़ाई में तेल गर्म करके जीरा और तेजपत्ता डाला जाता है, जिसके बाद प्याज को हल्का भूना जाता है और फिर ताजा मटन डालकर भाप में पकाया जाता है।
मिश्रण तैयार करने की पारंपरिक विधि
किचन के सामान्य मसालों के अलावा मिथिलांचल शैली की इस रेसिपी में खड़े मसालों का विशेष महत्व है। इस विधि में जीरा, जायफल, तेजपत्ता, लौंग, छोटी इलायची और बड़ी इलायची जैसे सभी खड़े मसालों को मिक्सर या सिलबट्टे पर अच्छी तरह पीस लिया जाता है। इस तैयार पेस्ट को जब मटन के साथ मिलाकर पकाया जाता है, तो इसकी खुशबू और स्वाद दोनों ही अलग स्तर पर पहुंच जाते हैं। सही मात्रा में मसालों का यह मिश्रण ही इस रेसिपी की असली खासियत है।
पकाने के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
देसी मटन बनाते समय हमेशा आंच को धीमा रखना चाहिए। इस रेसिपी की एक और खूबी यह है कि इसमें अलग से पानी डालने की आवश्यकता नहीं पड़ती है क्योंकि प्याज से निकलने वाले प्राकृतिक पानी में ही मटन अच्छी तरह भुन जाता है। मटन को जितना ज्यादा भूना जाएगा, उसका स्वाद उतना ही बेहतर होगा। यदि आप इसे जल्दी बनाना चाहते हैं, तो मटन और मसालों को अच्छी तरह भूनने के बाद कुकर में 3 से 4 सीटी भी लगवा सकते हैं। इसे गर्मागर्म परोसने पर इसका असली आनंद मिलता है।



















