मूलांक 6 राशिफल 22 अगस्त 2026: रिश्तों में मिठास, खर्चों पर रखें नियंत्रण और जानें अपना भविष्यफेसबुक मार्केटप्लेस पर खरीदारी और बिक्री के 10 असरदार तरीकेदो असफल शादियों के बाद वृंदावन की शरण में पहुंचीं स्नेहा वाघ, बोलीं- अब कान्हा ने भर दिया है जीवन का हर खालीपनग्रेटर कैलाश में सलमान खान के जिम में भड़की आग, बाल-बाल बचे लोगरांची में ड्रोन पायलट बनने के शानदार मौके, बीआईटी मेशरा से लेकर इन संस्थानों में कर सकते हैं कोर्स31 अगस्त को पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में सूर्य का प्रवेश, इन चार राशियों की चमकेगी तकदीरबीएएमएस बनाम बीएचएमएस: नीट के बाद कौन सा मेडिकल कोर्स आपके करियर के लिए है बेस्टबांग्लादेश के खिलाफ मैके टेस्ट के लिए ऑस्ट्रेलियाई टीम घोषित, मैट रेनशॉ को मिला ओपनिंग का मौकाभोजपुरी बवाल में पाखी हेगड़े का बड़ा खुलासा, निरहुआ के शादी प्रपोजल की बात सुनकर उड़ गए आम्रपाली दुबे के होशसिलीगुड़ी बैठक के बाद भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए चार टोल फ्री हेल्पलाइन जारी, सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी
बिना बजट बढ़ाए घर को दें लग्जरी अहसास, लिविंग एरिया से तुरंत बाहर करें ये 5 चीजेंजीवनशैली
22 अग॰ 2026, 8:46 am (1 घंटे पहले)· 2

बिना बजट बढ़ाए घर को दें लग्जरी अहसास, लिविंग एरिया से तुरंत बाहर करें ये 5 चीजें

बिना अतिरिक्त बजट खर्च किए घर को भव्य और क्लासी लुक देने के लिए इंटीरियर डिजाइन के 5 बुनियादी नियमों को समझना जरूरी है। घर से विजुअल नॉइज, अव्यवस्थित प्लास्टिक सामान और ज्यादा फर्नीचर हटाकर आसानी से प्रीमियम स्पेस तैयार किया जा सकता है।

किसी भी घर में प्रवेश करते ही अगर मन प्रसन्न हो जाए और उसके प्रत्येक कोने से भव्यता का अहसास हो, तो समझें कि वह घर सही मायने में सुंदर है। अक्सर लोग यह मानते हैं कि अपने आशियाने को लग्जरी और क्लासी लुक देने के लिए लाखों रुपये का भारी-भरकम बजट चाहिए। लेकिन इंटीरियर डिजाइनिंग का असली सच इसके बिल्कुल विपरीत है। घर की वास्तविक सुंदरता महंगे शोपीस या भारी फर्नीचर खरीदने में नहीं, बल्कि गैर-जरूरी और सस्ती चीजों को घर से बाहर निकालने में छिपी होती है। भारतीय संस्कृति का मूल सिद्धांत भी 'कम में ज्यादा' यानी मिनिमलिज्म की वकालत करता है। जब आप नए डेकोरेशन आइटम्स, शोपीस और फर्नीचर से घर को भर देते हैं, तो उससे लग्जरी अहसास मिलने के बजाय कमरा घुटन भरा और अव्यवस्थित लगने लगता है। इसके विपरीत, आधुनिक प्रीमियम डिजाइन की दुनिया में कम चीजों के सही संयोजन से बहुत बड़ा विजुअल प्रभाव पैदा किया जाता है। यदि आप भी बिना एक भी रुपया खर्च किए अपने घर को एलिगेंट लुक देना चाहते हैं, तो इंटीरियर के कुछ बुनियादी बदलावों को समझना बेहद आवश्यक है।

शेल्फ और टेबल से विजुअल नॉइज खत्म करना

जब भी आप किसी फाइव स्टार होटल के कमरे में कदम रखते हैं, तो वहां की सादगी, सफाई और खाली जगह आपको तुरंत आकर्षित करती है। वहां प्लेटफॉर्म बिल्कुल साफ होते हैं, कोई भी अनचाहा सामान सतह पर फैला नहीं होता और कमरे में रखी हर एक वस्तु का एक स्पष्ट उद्देश्य होता है। यही खालीपन और सुव्यवस्थित व्यवस्था उस जगह को प्रीमियम और लग्जरी अहसास देती है। इसके विपरीत, आम तौर पर भारतीय घरों में यह देखा जाता है कि लोग छोटे-छोटे गिफ्ट आइटम्स, पुराने शोपीस, मैकेनिज्म वाले सजावटी सामान और विभिन्न स्मृति चिह्नों को एक ही शेल्फ या मेज पर जमा कर देते हैं। जब बहुत सारे छोटे सामान एक जगह इकट्ठे हो जाते हैं, तो शेल्फ बेहद भरी हुई और अव्यवस्थित दिखने लगती है। इंटीरियर डिजाइन की भाषा में इसे 'विजुअल नॉइज' कहा जाता है। आंखों को इस प्रकार के बिखराव को देखकर बिल्कुल भी मानसिक शांति नहीं मिलती और यह पूरे कमरे के लुक को सस्ता बना देता है। इस समस्या से निपटने के लिए शेल्फ और मेज पर रखी आधी चीजों को तुरंत हटा दें और उन्हें स्टोर कर लें। जब शेल्फ में खाली जगह दिखेगी, तो वह दिखने में कहीं अधिक खूबसूरत लगेगी और वहां रखी बची हुई चुनिंदा वस्तुओं का असली आकर्षण भी उभरकर सामने आएगा।

ये भी पढ़ें

प्लास्टिक स्टोरेज हटाकर प्राकृतिक टेक्सचर अपनाना

घर के प्रीमियम लुक को खराब करने वाली दूसरी सबसे बड़ी वजह लिविंग एरिया में रखे प्लास्टिक के कंटेनर और डिब्बे होते हैं। प्लास्टिक के कंटेनर जब तक रसोई घर की अलमारियों में उपयोग होते हैं, तब तक वे ठीक लगते हैं, लेकिन जब वही खाली या भरे हुए प्लास्टिक के डिब्बे लिविंग रूम में रखे दिखाई देते हैं, तो पूरे माहौल का आकर्षण पूरी तरह खत्म हो जाता है। लिविंग रूम से ऐसे सभी प्लास्टिक स्टोरेज आइटम्स को तुरंत हटा देना चाहिए या उन्हें अलमारियों के भीतर छुपाकर रखना चाहिए। यदि आपको लिविंग एरिया में सामान रखने या व्यवस्थित करने की सख्त आवश्यकता है, तो प्लास्टिक की जगह लकड़ी के बॉक्सेस, जूट बास्केट या वुडन बास्केट का इस्तेमाल करें। प्राकृतिक मटेरियल से बनी ये टोकरियां और डिब्बे घर को तुरंत एक एलिगेंट, वार्म और रिच लुक प्रदान करते हैं और कमरा देखने में बहुत व्यवस्थित लगता है।

ओपन शेल्फ का सीमित इस्तेमाल और कलर कॉम्बिनेशन का नियम

आजकल आधुनिक इंटीरियर में ओपन शेल्फ का कॉन्सेप्ट काफी ट्रेंड में है और शुरुआत में यह देखने में बहुत स्टाइलिश भी लगता है। लेकिन जब ओपन शेल्फ पर बिना किसी योजना के हर तरह का सामान भर दिया जाता है और समय के साथ उन पर धूल जमने लगती है, तो वही शेल्फ पूरे लिविंग रूम के लुक को बिगाड़ देती हैं। इसीलिए लिविंग रूम में ओपन शेल्फ की संख्या कम से कम रखनी चाहिए। इससे कमरे में ओपन स्पेस बढ़ता है, नियमित साफ-सफाई करना बेहद आसान हो जाता है और लुक भी प्रीमियम बना रहता है। अगर आप डिस्प्ले शेल्फ रखना ही चाहते हैं, तो ओपन शेल्फ के बजाय ग्लास यानी कांच वाली शेल्फ का इस्तेमाल करें जो धूल से बचाव के साथ लग्जरी अहसास देती है। इसके अलावा, कमरे में रंगों का चुनाव करते समय एक भारी गलती से बचें। यदि एक ही कमरे में 5 से अधिक रंगों का इस्तेमाल किया जाए, तो वह आंखों को चुभने लगता है और कमरे में अव्यवस्था नजर आती है। इंटीरियर का गोल्डन नियम कहता है कि कमरे में केवल 3 रंगों का संतुलन होना चाहिए — एक मुख्य रंग (प्राइमरी कलर), एक सपोर्टिंग रंग (सेकेंडरी कलर) और एक एक्सेंट रंग। केवल तीन रंगों के सही तालमेल से कमरा बेहद क्लासी और संतुलित दिखता है। इसके साथ ही, टीवी पैनल के पीछे से निकलने वाले तारों और मोबाइल चार्जर के केबल्स को खुला न छोड़ें, उन्हें पूरी तरह से कंसील या व्यवस्थित करें।

पर्दे, कुशन और 40 प्रतिशत स्पेस का गोल्डन रूल

घर की खिड़कियों और दीवारों पर लगे पर्दे पूरे कमरे की ऊंचाई और मूड तय करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। छोटे आकार के और नीचे की तरफ लटके हुए पर्दे घर को छोटा, तंग और पुराना लुक देते हैं, जिससे ओल्ड फैशन्ड फील आती है। इसके विपरीत, जो पर्दे सीधे छत की सीलिंग से शुरू होकर फर्श तक आते हैं, वे कमरे को ऊंचा, भव्य और लग्जीरियस दिखाते हैं। इसी तरह, सोफे पर रखे पुराने, सिकुड़े हुए और चपटे कुशन पूरे लिविंग रूम का आकर्षण खत्म कर देते हैं। अगर आप नए कुशन नहीं खरीदना चाहते, तो उनके कवर बदल दें। एक और बहुत असरदार तरीका यह है कि दो पुराने और पतले कुशनों को एक ही नए कवर के अंदर ठंसकर डाल दें। इससे कुशन में फूला हुआ प्रीमियम वॉल्यूम आ जाएगा। इसके साथ ही, फर्नीचर के चयन में 40 प्रतिशत का नियम हमेशा याद रखें। कमरे के कुल आकार की तुलना में फर्नीचर का आयतन कम से कम 40 प्रतिशत कम होना चाहिए। यानी फर्नीचर लगाने के बाद भी कमरे में 40 फीसदी खुली जगह खाली बची रहनी चाहिए ताकि आवाजाही में कोई रुकावट न हो, कमरा बड़ा दिखे और घुटन न महसूस हो।

कॉफी टेबल के लिए 3-आइटम का सख्त नियम

लिविंग रूम में रखी कॉफी टेबल दिनभर में सबसे ज्यादा बार गंदी और अव्यवस्थित होने वाली जगह है। अगर आपकी कॉफी टेबल पर टीवी का रिमोट, मोबाइल चार्जर, दवाइयां, पानी के गिलास, चश्मा और पुरानी मैगजीन फैली रहती हैं, तो आपका लिविंग रूम कभी भी भव्य नहीं दिख सकता और हमेशा बिखरा हुआ नजर आएगा। इसके लिए अपने घर में एक सख्त नियम बनाएं कि कॉफी टेबल पर हमेशा केवल तीन चीजें ही रखी जाएंगी। पहली, कोई अच्छी किताब या मैगजीन; दूसरी, कोई सुंदर सजावटी शोपीस; और तीसरी, कोई प्राकृतिक तत्व यानी नेचुरल एलिमेंट जैसे कि एक छोटा इनडोर प्लांट। केवल इन तीन चीजों को सजाने से आपकी कॉफी टेबल और पूरे लिविंग रूम का रूप पूरी तरह बदल जाएगा और आपका घर बिना एक भी रुपया खर्च किए किसी फाइव स्टार स्पेस की तरह चमक उठेगा।

सवाल-जवाब

बिना पैसे खर्च किए घर को लग्जरी लुक कैसे दिया जा सकता है?
घर से अनावश्यक सामान, प्लास्टिक डिब्बे और अतिरिक्त फ़र्नीचर हटाकर तथा 'कम में ज्यादा' के सिद्धांत को अपनाकर बिना पैसे खर्च किए प्रीमियम लुक पाया जा सकता है।
इंटीरियर डिजाइन में विजुअल नॉइज़ क्या होता है?
जब शेल्फ़ या टेबल पर छोटे-छोटे उपहार और सजावटी सामान ठंस-ठंसकर रख दिए जाते हैं, तो वह आंखों को चुभने वाला अहसास देता है, जिसे विजुअल नॉइज़ कहते हैं।
कमरे में रंगों का चुनाव करते समय किस नियम का पालन करना चाहिए?
कमरे में अधिकतम 3 रंगों का उपयोग करना चाहिए — एक मुख्य रंग, एक सपोर्टिंग रंग और एक एक्सेंट रंग। 5 से अधिक रंगों के प्रयोग से कमरा अव्यवस्थित दिखता है।
फ़र्नीचर के लिए 40 प्रतिशत का नियम क्या है?
कमरे के आकार की तुलना में फ़र्नीचर का आयतन 40 प्रतिशत कम होना चाहिए, यानी फ़र्नीचर रखने के बाद कमरे में 40 फ़ीसदी खाली जगह आवाजाही के लिए बचनी चाहिए।
कॉफी टेबल पर कौन सी 3 चीजें रखनी चाहिए?
कॉफी टेबल को अव्यवस्थित होने से बचाने के लिए उस पर केवल एक पुस्तक या मैगजीन, एक सजावटी सामान और एक इनडोर पौधा (प्राकृतिक तत्व) ही रखना चाहिए।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR