साफ, बेदाग और चमकदार त्वचा पाना हर किसी की चाहत होती है। इसके लिए लोग अक्सर पार्लर या स्पा जाकर समय-समय पर फेशियल करवाते हैं। हालांकि, कई बार फेशियल कराने के बाद चेहरे पर प्राकृतिक चमक आने के बजाय दाने, जलन या रूखापन देखने को मिलता है। इसका मुख्य कारण अपनी स्किन टाइप को समझे बिना गलत फेशियल का चयन करना है। हर व्यक्ति की त्वचा की बनावट और जरूरतें अलग होती हैं, इसलिए जो फेशियल किसी एक के लिए बेहतरीन परिणाम देता है, वही दूसरे की त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है।
तैलीय और मुहांसे वाली त्वचा के लिए उपाय
अगर चेहरे पर बार-बार अत्यधिक तेल जम जाता है और त्वचा चिपचिपी नजर आती है, तो ऐसी स्किन पर मुहांसे होने का जोखिम काफी अधिक रहता है। ऑयली स्किन वाले लोगों के लिए क्ले, चारकोल अथवा डीप क्लींजिंग फेशियल सबसे उपयुक्त माने जाते हैं। ये फेशियल त्वचा के अंदर गहराई तक जमा गंदगी और अतिरिक्त सीबम को बाहर निकालने में मदद करते हैं। इनसे त्वचा के बंद पोर्स साफ होते हैं, जिससे नए मुहांसे निकलने की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
यदि आपकी त्वचा पर पहले से ही एक्टिव मुहांसे या एक्ने की समस्या मौजूद है, तो बहुत अधिक मालिश या कठोर क्लींजिंग वाले फेशियल से बचना चाहिए। ऐसी स्थिति में माइल्ड यानी हल्के और नॉन-कॉमेडोजेनिक फेशियल का ही चुनाव करना चाहिए। नॉन-कॉमेडोजेनिक उत्पाद रोमछिद्रों यानी पोर्स को बंद किए बिना त्वचा को गहराई से साफ करते हैं और त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं।
ड्राई और सेंसिटिव स्किन के लिए सही विकल्प
रूखी या ड्राई त्वचा में प्राकृतिक नमी की कमी होती है, जिसके कारण चेहरा बेजान और खिंचा-खिंचा दिखाई देने लगता है। ऐसी त्वचा को पोषण देने के लिए अतिरिक्त मॉइश्चर की आवश्यकता होती है। ड्राई स्किन के लिए हाइड्रेटिंग, फ्रूट बेस्ड अथवा मिल्क बेस्ड फेशियल बेहद फायदेमंद साबित होते हैं। इनमें पाए जाने वाले मॉइश्चराइजिंग तत्व त्वचा को गहराई से नमी प्रदान करते हैं, जिससे चेहरा काफी मुलायम, कोमल और चमकदार बनता है।
दूसरी ओर, संवेदनशील या सेंसिटिव स्किन वाले लोगों की त्वचा बहुत जल्द प्रतिक्रिया देने लगती है। किसी भी नए ब्यूटी प्रॉडक्ट के इस्तेमाल से अगर त्वचा लाल हो जाती है या उसमें जलन होने लगती है, तो फेशियल का चुनाव बेहद सावधानी से करना चाहिए। ऐसे लोगों को एलोवेरा, कैमोमाइल या कुकुंबर यानी खीरे पर आधारित फेशियल कराने की सलाह दी जाती है। ये प्राकृतिक घटक त्वचा को ठंडक प्रदान करते हैं, जिससे जलन और रेडनेस में राहत मिलती है।
कॉम्बिनेशन और एंटी एजिंग फेशियल का चयन
कॉम्बिनेशन स्किन वाले लोगों के चेहरे के कुछ हिस्से ऑयली होते हैं, जैसे माथा, नाक और ठुड्डी, जबकि गाल और अन्य हिस्से ड्राई रहते हैं। ऐसे चेहरे के लिए बैलेंसिंग फेशियल सबसे बेहतर माना जाता है। बैलेंसिंग फेशियल ऑयली और ड्राई दोनों हिस्सों की जरूरतों का ध्यान रखता है और त्वचा के तेल संतुलन को बनाए रखने में मदद करता है।
बढ़ती उम्र के प्रभाव को कम करने और चेहरे की बनावट को बनाए रखने के लिए अलग प्रकार के फेशियल की जरूरत होती है। यदि चेहरे पर बारीक रेखाएं यानी फाइन लाइन्स और झुर्रियां नजर आने लगी हैं, तो एंटी एजिंग या कोलेजन फेशियल का चयन किया जा सकता है। कोलेजन और एंटी एजिंग फेशियल त्वचा की कसावट को बढ़ाते हैं, जिससे स्किन अधिक टाइट, फ्रेश और युवा नजर आती है।



















