शादी की खरीदारी हो या नए शहर में गृहस्थी बसाने की शुरुआत, नया डबल बेड चुनना एक बड़ा फैसला होता है। आज के आधुनिक दौर में स्टोरेज वाले या बॉक्स बेड सबसे ज्यादा पसंद किए जाते हैं, क्योंकि ये अतिरिक्त अलमारी की आवश्यकता को खत्म कर देते हैं और घर का भारी सामान आसानी से सहेज लेते हैं। हालांकि, शोरूम में जाते ही सेल्समैन अक्सर ऐसे तकनीकी पहलुओं को छिपा लेते हैं जो बेड की मजबूती तय करते हैं। नया फर्नीचर खरीदने से पहले प्लाईवुड की गुणवत्ता, बोर्ड के प्रकार और सही मोटाई की जानकारी होना बेहद आवश्यक है ताकि आपका निवेश लंबे समय तक सुरक्षित रहे।
लकड़ी के प्रकार: प्लाईवुड, प्लाईबोर्ड, एमडीएफ और पार्टिकल बोर्ड में अंतर
डबल बेड बनाने में मुख्य रूप से चार प्रकार की सामग्रियों का उपयोग किया जाता है: प्लाईवुड, प्लाईबोर्ड (जिसे ब्लॉकबोर्ड भी कहा जाता है), एमडीएफ बोर्ड और पार्टिकल बोर्ड। इनमें से प्रत्येक की संरचना और मजबूती अलग-अलग होती है। प्लाईवुड को लकड़ी की पतली-पतली परतों को 90 डिग्री के कोण पर एक के ऊपर एक खास गोंद से चिपकाकर तैयार किया जाता है, जिससे इसमें जबरदस्त मजबूती आती है। इसके विपरीत, प्लाईबोर्ड में बीच का हिस्सा सॉलिड लकड़ी के छोटे टुकड़ों या पट्टियों से बना होता है, जिसके दोनों तरफ लकड़ी की पतली परतें चिपकाई जाती हैं। प्लाईबोर्ड को बाजार में ब्लैकबोर्ड के नाम से भी जाना जाता है।
सस्ते बोर्डों का जोखिम: एमडीएफ और पार्टिकल बोर्ड की कमियां
शो रूम में कई बेड बेहद आकर्षक फिनिशिंग के साथ सस्ते दामों पर मिलते हैं, जो अक्सर एमडीएफ या पार्टिकल बोर्ड से बने होते हैं। एमडीएफ बोर्ड में गत्ते वाली लकड़ी के रेशों का इस्तेमाल किया जाता है, जो पानी या नमी के संपर्क में आते ही बहुत जल्दी फूलकर खराब हो जाता है। यदि आप एमडीएफ बोर्ड वाला बेड खरीदते हैं, तो इसे सीलन और पानी से पूरी तरह बचाकर रखना अनिवार्य है। वहीं, पार्टिकल बोर्ड को लकड़ी के बारीक बुरादे से दबाकर बनाया जाता है। पार्टिकल बोर्ड का इस्तेमाल करके फर्नीचर काफी जल्दी और कम लागत में तैयार हो जाता है और इसकी फिनिशिंग भी सुंदर दिखती है, परंतु इसकी सबसे बड़ी कमजोरी इसकी कम टिकाऊपन है। भारी दबाव पड़ने या नमी मिलने पर पार्टिकल बोर्ड टूट सकता है।
मजबूती और सुरक्षा के लिए सबसे अच्छे विकल्प: वॉटरप्रूफ और एचडीएमआर प्लाई
दीर्घकालिक इस्तेमाल और मजबूती के दृष्टिकोण से वॉटरप्रूफ प्लाईवुड या अच्छी गुणवत्ता वाले प्लाईबोर्ड से बने बेड सबसे बेहतरीन माने जाते हैं। विशेष रूप से एचडीएमआर (HDMR) प्लाईवुड से तैयार किए गए बेड को सबसे उत्तम श्रेणी में रखा जाता है। एचडीएमआर बोर्ड की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें दीमक नहीं लगती और यह नमी का मुकाबला करने में पूरी तरह सक्षम होता है। यदि आप ऐसा बेड चुनते हैं जो वॉटरप्रूफ प्लाई या एचडीएमआर तकनीक से बना है, तो वह सालों-साल बिना किसी टूट-फूट या खराबी के बना रहता है।
बेड फ्रेम और स्टोरेज बॉक्स की सटीक मोटाई जांचें
फर्नीचर की मजबूती सिर्फ सामग्री पर नहीं, बल्कि बोर्ड की थिकनेस यानी मोटाई पर भी निर्भर करती है। शो रूम में बेड जांचते समय इसके विभिन्न हिस्सों की मोटाई पर ध्यान देना अनिवार्य है। स्टोरेज बॉक्स के ऊपरी ढक्कन या कवर की प्लाई 15 मिमी (15 Mm) की होनी चाहिए ताकि उस पर भारी गद्दे और वजन का दबाव सहने की क्षमता हो। बेड के बक्से के सबसे निचले हिस्से यानी तली की प्लाईवुड 10 मिमी (10 Mm) की होनी चाहिए। वहीं, स्टोरेज बॉक्स के चारों तरफ की साइड वॉल बनाने के लिए प्लाईबोर्ड कम से कम 19 मिमी (19 Mm) का होना चाहिए। इसके अलावा, बेड के दाएं-बाएं, आगे और पीछे के मुख्य फ्रेम की प्लाईवुड उच्च गुणवत्ता और 18 मिमी (18 Mm) मोटाई की होनी आवश्यक है। 18 मिमी प्लाईवुड से तैयार बेड काफी टिकाऊ होता है और इसकी शुरुआती कीमत कम से कम 35,000 रुपये के आसपास आती है।
वारंटी कार्ड और गारंटी संबंधी नियम
डबल बेड खरीदते समय सिर्फ मौखिक वादों पर भरोसा न करें, बल्कि दुकानदार या शो रूम से आधिकारिक वारंटी कार्ड जरूर प्राप्त करें। प्रतिष्ठित ब्रांडेड कंपनियों या सॉलिड वुड और मजबूत प्लाई से बने बेड पर आमतौर पर 5 से 10 साल तक की गारंटी या वारंटी दी जाती है। खरीदारी पूरी करने से पहले विक्रेता से वारंटी की शर्तों, दीमक रोधी दावों और पानी से बचाव के नियमों के बारे में लिखित जानकारी मांगना एक समझदारी भरा कदम है।



















