आधुनिक जीवनशैली में दफ्तर के लंबे घंटों और घंटों बैठकर काम करने की आदत की वजह से वजन नियंत्रित रखना और खुद को दिनभर ऊर्जावान बनाए रखना काफी चुनौतीपूर्ण हो गया है। शाम होते-होते शारीरिक थकावट इतनी बढ़ जाती है कि वर्कआउट करने या एक्टिव रहने की हिम्मत नहीं बचती। ऐसे में बहुत से लोग जल्दबाजी में वजन कम करने के लिए जादूई ड्रिंक्स का सहारा लेते हैं या फिर क्रैश डाइटिंग करने लगते हैं। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि ये तरीके लंबे समय में शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं। टिकाऊ और स्वस्थ तरीके से वजन घटाने के लिए क्रैश डाइट के बजाय अपनी दैनिक दिनचर्या में कुछ बुनियादी सुधार करना बेहद जरूरी है, जिससे शरीर का मेटाबॉलिज्म प्राकृतिक रूप से तेज हो सके। न्यूट्रिशनिस्ट साक्षा लालवानी ने एक ऐसा ही 60 दिनों का व्यावहारिक डाइट प्लान साझा किया है, जिसे सही तरीके से फॉलो करने पर दिवाली तक लगभग 10 किलो वजन घटाया जा सकता है।
मेटाबॉलिज्म बूस्ट करने के लिए सुबह की जरूरी आदतें
दिन की सही शुरुआत वजन घटाने के सफर की नींव रखती है। सुबह उठते ही सबसे पहले 300 से 500 मिलीलीटर सादा पानी पीना चाहिए। शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स और मिनरल्स का संतुलन बनाए रखने के लिए इस पानी में एक चुटकी मिनरल साल्ट या प्राकृतिक नमक मिलाया जा सकता है। इसके बाद कम से कम 10 मिनट सुबह की हल्की धूप में बिताना आवश्यक है। यह आदत शरीर में विटामिन D का स्तर सुधारने के साथ-साथ बायोलॉजिकल क्लॉक यानी सर्केडियन रिदम को रीसेट करती है, जिससे नींद और पाचन दोनों बेहतर होते हैं।
नाश्ता करने से ठीक पहले 5 से 10 मिनट की तेज चाल से टहलना बेहद फायदेमंद साबित होता है। यह हल्की शारीरिक गतिविधि शरीर के मेटाबॉलिज्म को एक्टिव कर देती है। इसके साथ ही, सुबह के समय सुपरफूड्स का सेवन करना चाहिए। ताजे आंवले का जूस या एक पूरा आंवला खाने से शरीर को प्रचुर मात्रा में विटामिन C और पॉलीफेनॉल्स मिलते हैं, जो इम्युनिटी और पाचन को मजबूत करते हैं। अपनी सुबह की डाइट में सहजन यानी मोरिंगा को शामिल करने से शरीर को प्राकृतिक रूप से आवश्यक माइक्रोन्यूट्रिएंट्स मिल जाते हैं। जो लोग सुबह कॉफी पीने के शौकीन हैं, उन्हें यह ध्यान रखना चाहिए कि कॉफी कभी भी खाली पेट या पानी के विकल्प के रूप में न पीएं। हमेशा पर्याप्त मात्रा में पानी पीने के बाद ही कॉफी का सेवन करना चाहिए।
प्रोटीन और फाइबर से भरपूर स्मार्ट नाश्ता
वजन घटाने के दौरान नाश्ते में केवल कार्बोहाइड्रेट वाली चीजें जैसे सादा पोहा, ब्रेड टोस्ट या प्रोसेस्ड सीरियल्स खाने से बचना चाहिए, क्योंकि इनसे बहुत जल्दी दोबारा भूख लग जाती है। नाश्ते की प्लेट में प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट्स का सही संतुलन होना आवश्यक है ताकि पेट लंबे समय तक भरा रहे। इसके लिए बेरी-प्रोटीन योगर्ट बाउल एक बेहतरीन विकल्प है। स्वाद और पोषण में विविधता लाने के लिए अलग-अलग दिनों में चिया सीड्स, पिसे हुए अलसी के बीज, कद्दू के बीज, दालचीनी और बिना चीनी वाला कोको पाउडर इस्तेमाल किया जा सकता है।
सुबह की जल्दबाजी में डाइट बिगड़ने से बचाने के लिए एक इमरजेंसी प्रोटीन बॉक्स पहले से तैयार करके रखा जा सकता है। इस बॉक्स में उबले अंडे, ग्रीक योगर्ट, कम फैट वाला पनीर और भुने चने शामिल किए जा सकते हैं। जब भी बिस्कुट, नमकीन या प्रोसेस्ड स्नैक्स खाने की क्रेविंग हो, तो उसकी जगह बेरीज, दालचीनी और ग्रीक योगर्ट का सेवन करना चाहिए। यदि किसी दिन खाने में पर्याप्त फाइबर न मिल पाए, तो रात या सुबह के समय 1 गिलास पानी में 1 चम्मच इसबगोल की भूसी मिलाकर पीना चाहिए। इसके अलावा, अपनी नियमित कॉफी को बंद करने की जरूरत नहीं है, केवल उसमें इस्तेमाल होने वाले शुगर सिरप और व्हीप्ड क्रीम को पूरी तरह हटा देना चाहिए।
दोपहर और रात के खाने का बैलेंस्ड प्लेट फॉर्मूला
दोपहर और रात का खाना ऐसा होना चाहिए जो शरीर को ऊर्जा दे, न कि खाने के बाद सुस्ती और भारीपन पैदा करे। थाली को संतुलित बनाने के लिए उसमें प्रोटीन के स्रोत के रूप में ग्रिल्ड या उबला हुआ चिकन, मछली, पनीर, टोफू या दालें शामिल करें। फाइबर की पूर्ति के लिए कम से कम 2 कप अलग-अलग रंगों की सब्जियां और ताजा सलाद लें। कार्बोहाइड्रेट के लिए सीमित मात्रा में गेहूं की रोटी, उबले चावल या क्विनोआ का चयन किया जा सकता है। हेल्दी फैट्स के लिए सीमित मात्रा में देसी घी, ऑलिव ऑयल या बीजों का प्रयोग करें।
भारतीय व्यंजनों का स्वाद बनाए रखने के लिए खाने में धनिया, पुदीना, ताजा नींबू का रस और भुना हुआ जीरा पाउडर मिलाया जा सकता है। इससे बिना अतिरिक्त कैलोरी बढ़ाए खाने का स्वाद और पाचन दोनों बेहतर होते हैं। दोपहर या रात का भोजन करने के तुरंत बाद बैठने या लेटने के बजाय 10 से 15 मिनट तक हल्की वॉक करने की आदत डालनी चाहिए। इससे ब्लड शुगर स्पाइक नियंत्रित रहता है और पाचन क्रिया तेज होती है।
क्रेविंग्स कंट्रोल और सही माइंडसेट का नियम
अक्सर भोजन करने के कुछ ही समय बाद दोबारा भूख या क्रेविंग महसूस होने लगती है। ऐसी स्थिति में तुरंत कुछ खाने के बजाय सबसे पहले 1 गिलास पानी पिएं और 10 मिनट तक इंतजार करें, क्योंकि कई बार शरीर डिहाइड्रेशन या प्यास के संकेत को भूख समझ लेता है। यदि 10 मिनट बाद भी भूख बनी रहे, तो ग्रीक योगर्ट के साथ बेरीज, उबले अंडे के साथ खीरा, या भुने चने के साथ कोई एक फल खाया जा सकता है। ज्यादा मात्रा में खाने की इच्छा होने पर एयर-पॉप्ड पॉपकॉर्न, खीरे की चाट या हल्का वेजिटेबल सूप एक बेहतरीन लो-कैलोरी विकल्प है। मीठे की तीव्र क्रेविंग होने पर पूरी चॉकलेट बार खाने के बजाय डार्क चॉकलेट के 1 या 2 छोटे टुकड़ों को ग्रीक योगर्ट के साथ खाया जा सकता है।
वजन घटाने के सफर में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका आपके माइंडसेट की होती है। यदि किसी दिन या किसी एक मील में पिज्जा, बर्गर्स या कोई अनहेल्दी डेजर्ट खा लिया जाए, तो इसका मतलब यह नहीं है कि पूरी डाइट खराब हो गई है। ऐसे समय में अगला मील छोड़ने या अगले दिन से किसी कठिन और नुकसानदायक डिटॉक्स डाइट पर जाने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। बिना किसी अपराधबोध के अपने अगले मील में सामान्य रूप से प्रोटीन, हरी सब्जियां और हल्की फिजिकल एक्टिविटी शामिल करके दोबारा अपने रूटीन पर वापस आ जाएं।



















