दीपावली का पावन पर्व नजदीक आते ही घरों में साफ-सफाई और साज-सज्जा का दौर शुरू हो जाता है। हर व्यक्ति की यह ख्वाइश होती है कि उसका आशियाना बेहद खूबसूरत और सबसे अलग नजर आए, लेकिन बाजार में मिलने वाले महंगे कलर्स और डेकोरेटिव आइटम्स पर भारी-भरकम राशि खर्च करनी पड़ती है। ऐसे में मिट्टी, गोबर, चूना और गेरू जैसी नेचुरल चीजों का इस्तेमाल करके घर को एक बेहद पारंपरिक और आकर्षक लुक दिया जा सकता है। सबसे अच्छी बात यह है कि इस तरह की सजावट में जेब पर ज्यादा बोझ नहीं पड़ता है और घर को एक यूनिक ट्रेडिशनल पहचान मिलती है।
प्राकृतिक सामग्रियों से तैयार करें शानदार डिजाइन
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर शहर के एक्सपर्ट योगेश का कहना है कि मिट्टी, गोबर, चूना और गेरू का सही तरीके से उपयोग करके घर की दीवारों, आंगन और अन्य जरूरी हिस्सों को बेहतरीन अंदाज में सजाया जा सकता है। इन सभी नेचुरल चीजों को उचित अनुपात में मिलाकर डेकोरेशन के लिए एक परफेक्ट पेस्ट तैयार किया जाता है। इसके बाद अपनी पसंद और जरूरत के हिसाब से दीवारों पर खूबसूरत पारंपरिक पैटर्न और कलाकृतियां उकेरी जा सकती हैं। गेरू का इस्तेमाल दीवारों पर लालिमा और निखार लाने के लिए किया जाता है, जबकि चूने से ब्राइट टोन मिलती है और मिट्टी तथा गोबर से दीवारों को एक मजबूत पारंपरिक फिनिश देने में मदद मिलती है। हालांकि यह बेहद जरूरी है कि मिश्रण का अनुपात सही हो और सतह की बनावट के अनुसार ही इसका इस्तेमाल किया जाए ताकि फिनिशिंग अच्छी आए।
कम खर्च में मिलेगा शानदार ट्रेडिशनल लुक
दीपावली के खास मौके पर घर को संवारने का यह तरीका उन लोगों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है जो सीमित बजट में कुछ नया और हटकर करना चाहते हैं। बाजार से महंगे और फैंसी सजावटी उत्पाद खरीदने के बजाय अपने आसपास आसानी से मिलने वाली प्राकृतिक सामग्रियों का उपयोग करना एक समझदारी भरा कदम हो सकता है। इससे घर के कमरों की दीवारों और मुख्य आंगन को ग्रामीण संस्कृति, मिट्टी की सौंधी खुशबू और भारतीय परंपराओं से जुड़ा एक अद्भुत और मनमोहक रूप दिया जा सकता है जो देखने वालों का मन मोह लेता है।
दीवारों पर उकेरें मनपसंद कलाकृतियां
योगेश के मुताबिक, इस प्रकार से तैयार की गई दीवारों और सतहों पर अपनी रुचि के अनुसार विभिन्न प्रकार की पेंटिंग और लोक कलाएं भी बनाई जा सकती हैं। फूल-पत्तियों के डिजाइन, पारंपरिक बेल-बूटे और मनमोहक ज्यामितीय आकृतियों के जरिए घर के कोनों को सजाया जा सकता है। हालांकि किसी भी प्रकार की सजावट का काम शुरू करने से पहले यह बहुत जरूरी है कि सतह की अच्छी तरह सफाई की जाए और मिश्रण की उपयुक्तता की जांच कर ली जाए। जिन दीवारों पर सीलन या नमी हो, वहां इस प्रकार की सामग्री का उपयोग करने से पहले उनकी मौजूदा स्थिति की ठीक से जांच परख कर लेनी चाहिए ताकि डिजाइन लंबे समय तक टिका रहे।
इस प्रकार से मिट्टी, गोबर, चूना और गेरू जैसी पर्यावरण के अनुकूल सामग्रियों की मदद से दीपावली के पावन पर्व पर घर को बेहद कम खर्च में शानदार ढंग से सजाया जा सकता है। यह अनोखा तरीका पारंपरिक साज-सज्जा को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय कला और नेचुरल चीजों के इस्तेमाल को भी प्रोत्साहित करता है जिससे हमारा घर प्राकृतिक रूप से सुंदर और सुरक्षित बनता है।


















