गोंडा जिले में बागवानी के शौकीनों के लिए अपने घर के छोटे से हिस्से को महकाने के ढेरों तरीके मौजूद हैं। यदि आप अपनी बालकनी या आंगन में हरियाली के साथ मनमोहक खुशबू भी चाहते हैं, तो कुछ चुनिंदा पौधे आपकी इस चाहत को पूरा कर सकते हैं। नर्सरी एक्सपर्ट सत्यम शुक्ला का कहना है कि सही पौधों का चुनाव करके घर के वातावरण को पूरी तरह बदला जा सकता है।
मनोकामिनी और रात रानी से महकेगी फिजा
नर्सरी एक्सपर्ट सत्यम शुक्ला के मुताबिक, मनोकामिनी के छोटे आकार के फूल देखने में जितने सुंदर लगते हैं, उतनी ही बेहतरीन उनकी खुशबू भी होती है जो मन को शांत करती है। इसे आसानी से किसी भी गमले में उगाया जा सकता है। इसके अलावा, रात रानी अपनी तीव्र महक के लिए खासी मशहूर है। शाम ढलते ही इस पौधे के फूल खिलते हैं और इनकी खुशबू से पूरा आस-पास का इलाका महक उठता है। इसे भी बालकनी में रखना बहुत फायदेमंद माना जाता है।
गुलाब और चांदनी का पारंपरिक आकर्षण
फूलों की दुनिया में गुलाब का स्थान हमेशा से खास रहा है जो कई रंगों और किस्मों में मिल जाता है। सुगंधित गुलाब के पौधे को गार्डन में जगह देने से वहां रंगों की छटा के साथ भीनी-भीनी खुशबू भी बनी रहती है। वहीं दूसरी ओर, चांदनी के सफेद रंग के फूल किसी भी बगीचे की सुंदरता में चार चांद लगा देते हैं। इस पौधे को जमीन के अलावा गमलों में भी बेहद आसानी से पाला जा सकता है और यह कम जगह वाली बालकनी के लिए भी मुफीद है।
सावनी, कुमकुम और मोरपंखी से सजाएं घर
रंगीन छटा बिखेरने के लिए सावनी और कुमकुम जैसे पौधों को भी अन्य फूलों वाली प्रजातियों के साथ लगाया जा सकता है जिससे बगीचे का लुक और भी ज्यादा निखर कर सामने आता है। इसके साथ ही, मोरपंखी का पौधा अपनी घनी और हरी-भरी पत्तियों की वजह से सजावट के लिए बेहद लोकप्रिय है। इसे प्रवेश द्वार, छत या बालकनी में गमले के अंदर रखकर मनपसंद आकार देने के लिए समय-समय पर इसकी कटाई-छंटाई की जा सकती है।
पौधों की देखभाल के जरूरी नुस्खे
इन सभी पौधों को सेहतमंद रखने और उनकी रफ्तार बनाए रखने के लिए कुछ बुनियादी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है। मिट्टी के अंदर नमी का स्तर सही रहना चाहिए, पर्याप्त मात्रा में रोशनी मिलनी चाहिए और पानी की उचित निकासी की व्यवस्था होनी चाहिए। समय-समय पर जैविक खाद का इस्तेमाल करने के साथ ही सूखी हुई पत्तियों और बेकार टहनियों को काटते रहना चाहिए ताकि पौधे का विकास सही दिशा में होता रहे।


















