नया आशियाना तैयार होने पर बागवानी का शौक रखने वाले लोग अक्सर असमंजस में रहते हैं कि आंगन या छत के गमलों में कौन सी वानस्पतिक प्रजातियां लगाई जाएं। आराधना देवी ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि हरियाली पसंद करने वालों के लिए कुछ चुनिंदा पौधे बेहद मुफीद साबित होते हैं जो न सिर्फ परिवेश को संवारते हैं बल्कि नकारात्मक ऊर्जा को भी पूरी तरह से बाहर का रास्ता दिखाते हैं।
इन पौधों की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इनके लिए बहुत अधिक जमीन की आवश्यकता नहीं पड़ती है। इन्हें आसानी से छोटे-बड़े गमलों में रोपित किया जा सकता है। वास्तु शास्त्र के दृष्टिकोण से भी इन पौधों को अत्यधिक शुभ माना गया है। घर की देहरी या बालकनी में इनकी मौजूदगी से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और आसपास गुजरने पर भी एक अलग ही मानसिक शांति और प्रसन्नता का अहसास होता है।
घर की छत या बालकनी के बगीचे में इन पौधों को स्थान देने से कई प्रकार के लाभ मिलते हैं। ये पेड़-पौधे धार्मिक अनुष्ठानों और पूजा-पाठ के दौरान भी उपयोगी साबित होते हैं, साथ ही कुछ प्रजातियां खान-पान और औषधीय दृष्टि से भी काम आती हैं। वास्तु नियमों के अनुसार इन्हें लगाना परिवार के लिए मंगलकारी माना जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार घरों में स्नेक प्लांट, सैनसेविया, छुईमुई, कुबेर प्लांट, इलायची का पौधा, मनी प्लांट और इंसुलिन प्लांट जैसे पौधों को गमलों में जरूर लगाना चाहिए। इन सभी वनस्पतियों को अत्यधिक कल्याणकारी माना गया है।
मान्यता है कि घर के परिसर में इन पौधों के होने से धन-दौलत में वृद्धि होती है और किसी भी प्रकार की बुरी नजर या बाधा का प्रभाव नहीं पड़ता है। इससे घर-परिवार के सदस्यों को लगातार तरक्की और लाभ की प्राप्ति होती है।















