सर्दियों का मौसम दस्तक दे चुका है और इस ठंडी हवा के बीच अपने घर के आंगन, छत और गार्डन को जीवंत तथा रंग-बिरंगे फूलों से सजाने का शौक रखने वालों के लिए यह सही समय है। ठंड के इन महीनों में कई ऐसे विशेष फूलों वाले पौधे आसानी से पनपते हैं जो वातावरण को महका देते हैं। इस दौरान सही सीजनल पौधों का चयन करना बहुत फायदेमंद साबित होता है, जिससे घर की खूबसूरती में चार चांद लग जाते हैं। थोड़ी सी समझदारी और नियमित देखभाल से इन पौधों की मदद से घर के बाहरी हिस्से को आसानी से एक खूबसूरत हरा-भरा नज़ारा दिया जा सकता है।
विभिन्न प्रकार के सुंदर फूल और उनकी किस्में
इस ठंडे मौसम में कई ऐसे शानदार फूलों वाले पौधे रोपे जा सकते हैं जिन पर बहार के दिनों में बेहतरीन फूल खिलते हैं। नर्सरी संचालक नेक सिंह के अनुसार, पेटुनिया, गुलदाउदी, डहेलिया, स्टॉक, गजानिया, डॉग फ्लावर और कॉसमॉस जैसे पौधे सर्दी के मौसम वाले गार्डन के लिए बहुत बेहतरीन विकल्प माने जाते हैं। इन सभी पौधों को यदि उनकी सही जगह पर लगाया जाए और उनकी जरूरतों के मुताबिक पूरी देखभाल की जाए, तो लंबे वक्त तक फूलों की ताजगी और खूबसूरती बनी रहती है।
रोपण और देखभाल से जुड़ी जरूरी बातें
नर्सरी संचालक नेक सिंह ने जानकारी दी है कि सर्दियों के दौरान पेटुनिया, गुलदाउदी, डहेलिया, स्टॉक, गजानिया, डॉग फ्लावर और कॉसमॉस के पौधे लगाना बेहद लाभकारी होता है, क्योंकि ठंड के दिनों में इन पर बहुत अच्छे फूल आते हैं। हालांकि, इन फूलों के खिलने की अवधि पूरी तरह से पौधे की खास किस्म और मौसम के मिजाज पर भी निर्भर करती है। इन पौधों को हमेशा ऐसी जगह पर रखना चाहिए जहां रोजाना भरपूर मात्रा में धूप आती हो। इसके अलावा, पौधे लगाने वाले गमले में पानी की निकासी के लिए छेद का होना बेहद जरूरी है। पौधे की रोपण प्रक्रिया शुरू करने से पहले मिट्टी के अंदर अच्छी तरह से सड़ी हुई गोबर की खाद या फिर वर्मी कंपोस्ट मिला देनी चाहिए। पौधों को जरूरत के हिसाब से ही पानी दें और इस बात का खास ख्याल रखें कि गमले की मिट्टी में पानी जमा होकर न रहे। पौधों की बेहतरीन बढ़वार के लिए समय-समय पर सूखे हुए फूलों और पीली पड़ चुकी पत्तियों को हटाते रहना चाहिए।
सजावटी पौधे और पाले से बचाव के उपाय
नेक सिंह के मुताबिक, इन तमाम सीजनल पौधों के अलावा अपने गार्डन की शोभा बढ़ाने के लिए एरेका पाम जैसे खूबसूरत सजावटी पौधे भी लगाए जा सकते हैं। इसके अलावा, जो पौधे स्थायी होते हैं, उनकी भी सर्दियों के दिनों में विशेष रूप से देखभाल करने की जरूरत होती है। अत्यधिक ठंड और गिरते पाले के असर से संवेदनशील पौधों को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें किसी सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर देना चाहिए। थोड़ी सी सावधानी और लगातार नियम से की गई देखभाल के जरिए कड़ाके की ठंड के बीच भी अपने गार्डन को पूरी तरह हरा-भरा और आकर्षक बनाए रखना संभव है।
गमलों में कोकोपीट का उपयोग
घर के गमलों में पौधे स्थापित करने और उनकी सेहत की देखभाल करने के लिए कोकोपीट का इस्तेमाल करना भी एक बेहतरीन उपाय है। कोकोपीट असल में नारियल के छिलकों से तैयार की जाने वाली एक खास सामग्री है, जिसे किसी भी नजदीकी नर्सरी से बहुत आसानी से खरीदा जा सकता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह होती है कि इसमें पानी को अपने अंदर सोखकर लंबे समय तक नमी बनाए रखने की अद्भुत क्षमता होती है, साथ ही यह पौधों की जड़ों तक पर्याप्त मात्रा में हवा पहुंचाने में भी मदद करती है। यही मुख्य वजह है कि ज्यादातर लोग अपनी छत और घर के गार्डन में पौधे लगाने के लिए कोकोपीट का उपयोग करना पसंद करते हैं।




















