भारतीय खानपान में अदरक-लहसुन का पेस्ट एक बुनियादी सामग्री है, जिसके बिना दाल, सब्जी, रसेदार ग्रेवी, मांसाहारी व्यंजन और तमाम स्नैक्स का स्वाद अधूरा माना जाता है. बाजार में पैकेटबंद पेस्ट आसानी से मिल तो जाता है, लेकिन उसमें प्रिजर्वेटिव्स हो सकते हैं और घर पर बने ताजे पेस्ट की खुशबू व सेहतमंद गुण उसमें नहीं मिलते. अगर घर पर ही बाजार जैसा बारीक टेक्सचर और संतुलित तीखापन हासिल करना हो, तो दोनों सामग्रियों का सही माप समझना और सही तरीके से तैयार करना बेहद जरूरी होता है.
अदरक और लहसुन का सही अनुपात क्या होना चाहिए
ज्यादातर पारंपरिक भारतीय पकवानों में संतुलित स्वाद पाने के लिए अदरक और लहसुन को बराबर यानी 1:1 के अनुपात में मिलाना सबसे बेहतरीन विकल्प माना जाता है. इसका सीधा मतलब यह है कि अगर 100 ग्राम छिली हुई अदरक ली जा रही है, तो उसके साथ 100 ग्राम लहसुन की कलियां ही इस्तेमाल करनी चाहिए. यह संतुलन न तो किसी एक सामग्री को भारी पड़ने देता है और न ही ग्रेवी का जायका बिगाड़ता है.
व्यंजन और व्यक्तिगत पसंद के हिसाब से इस माप में थोड़ा फेरबदल भी किया जा सकता है. अगर किसी को लहसुन का तीखा और गहरा स्वाद ज्यादा पसंद है, तो 1 भाग अदरक के साथ 1.5 भाग लहसुन लिया जा सकता है. इसके उलट, जो लोग हल्का तीखापन और भीनी सुगंध चाहते हैं, वे मिश्रण में अदरक की मात्रा थोड़ी बढ़ा सकते हैं.
पीसने की सही तैयारी और तरीका
पेस्ट की गुणवत्ता सीधे तौर पर चुनी गई सामग्रियों पर निर्भर करती है. इसके लिए हमेशा ताजा, कड़क अदरक और अच्छी गुणवत्ता वाली नई लहसुन का चुनाव करना चाहिए. अदरक को साफ पानी से अच्छी तरह धोकर उसकी छाल उतार लें और लहसुन की कलियों को पूरी तरह छील लें. इसके बाद दोनों चीजों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें, ताकि मिक्सी के ब्लेड पर ज्यादा जोर न पड़े और दोनों बराबर पिस सकें.
कटे हुए टुकड़ों को ग्राइंडर जार में डालें. पेस्ट को रेशमी और चिकना बनाने के लिए पीसते समय 1 से 2 बड़े चम्मच तेल या फिर थोड़ा सा पानी मिलाया जा सकता है. अगर इस पेस्ट को कुछ दिनों तक सुरक्षित रखना हो, तो पानी की जगह तेल का इस्तेमाल करना ज्यादा सही रहता है, क्योंकि पानी से फंगस लगने का डर रहता है. जार को चलाएं और बीच-बीच में चम्मच से किनारों पर चिपका मिश्रण बीच में करते हुए तब तक ब्लेंड करें जब तक कि कोई मोटा टुकड़ा बाकी न रहे.
हफ्तों तक ताजा रखने और स्टोर करने के उपाय
अगर पेस्ट को कई दिनों तक सुरक्षित रखना हो, तो पीसते समय या पीसने के तुरंत बाद उसमें थोड़ा सा नमक और एक चम्मच तेल अच्छी तरह मिला दें. नमक और तेल प्राकृतिक प्रिजर्वेटिव की तरह काम करते हैं और इसके रंग व महक को खराब नहीं होने देते. तैयार पेस्ट को हमेशा सूखे, साफ और एयरटाइट कांच के जार में ही भरकर रखें. इस जार को फ्रिज में रखने पर यह 2 से 3 सप्ताह तक बिल्कुल ठीक रहता है.
महीनों तक इस्तेमाल के लिए सबसे सुरक्षित तरीका इसे फ्रीजर में जमाना है. तैयार पेस्ट को आइस क्यूब ट्रे में भरकर फ्रीज कर लें. जब टुकड़े पूरी तरह जम जाएं, तो जरूरत के समय बस एक या दो क्यूब निकालकर सीधे गर्म कड़ाही या कुकर में डाला जा सकता है. बाजार जैसी चिकनाई पाने के लिए पीसते समय थोड़ा रिफाइंड तेल डालकर थोड़ी ज्यादा देर तक मिक्सी चलाएं, जिससे रंग, खुशबू और ताजगी लंबे समय तक बनी रहेगी.

















