घर के आंगन, छत या बालकनी को खूबसूरत फूलों से सजाने के लिए हाइब्रिड गेंदा एक बेहतरीन और बेहद किफायती विकल्प साबित होता है। नर्सरी विशेषज्ञ राधे कृष्णा के अनुसार, गेंदा लगाने का सबसे मुफीद समय अगस्त के महीने से शुरू होकर मार्च तक रहता है। इस खास मौसम में हाइब्रिड नस्ल के पौधे तैयार करने पर मार्च तक उनमें काफी बड़े आकार के आकर्षक फूलों के गुच्छे लगातार खिलते रहते हैं।
पौधा लगाने के तरीके और मिट्टी की सही तैयारी
इस आकर्षक गेंदे को अपने बगीचे में शामिल करने के दो मुख्य विकल्प मौजूद हैं। पहला तरीका बीजों की बुआई करना है, जबकि दूसरा और सबसे आसान उपाय नर्सरी से सीधे तैयार छोटी पौध (चाड़ा) खरीदकर गमले में लगाना है। नए बागवानों के लिए तैयार पौध लाना ज्यादा सुविधाजनक रहता है। पौधा रोपने से पहले गमले या क्यारी की मिट्टी को अच्छी तरह भुरभुरा बनाना बेहद जरूरी होता है। इसके बाद मिट्टी में संतुलित मात्रा में गोबर की खाद और वर्मी कंपोस्ट मिलाकर पोषण से भरपूर बेस तैयार किया जाता है, जिसके अंदर गेंदे की पौध को सुरक्षित रूप से लगा दिया जाता है।
धूप, सिंचाई और फूलों की शुरुआत
रोपाई पूरी होने के बाद पौधे को नियमित रूप से पानी देना आवश्यक है। उचित देखरेख मिलने पर यह हाइब्रिड पौधा लगाने के महज 20 से 25 दिन के भीतर कलियों के साथ फूल देना शुरू कर देता है और फिर कई महीनों तक लगातार फूलों से लदा रहता है। गेंदे के पौधे को अच्छी धूप बेहद पसंद होती है, इसलिए इसे बालकनी, आंगन या छत के उसी हिस्से में रखना चाहिए जहां सीधी धूप भरपूर आती हो। कम रखरखाव और न्यूनतम देखभाल के बावजूद यह पौधा लंबे समय तक खिला रहता है।
नर्सरी में उपलब्ध रंग और बेहद कम कीमतें
बाजार और नर्सरियों में फिलहाल यह हाइब्रिड गेंदा मुख्य रूप से दो मनमोहक रंगों, गोल्डन और ऑरेंज में उपलब्ध है। अगर इनकी कीमतों पर नजर डालें तो यह हर किसी के बजट में आसानी से फिट बैठ जाता है। नर्सरी में छोटी पौध केवल 10 रुपये में मिल रही है, जबकि थोड़े बड़े और पहले से फूल लगे हुए पौधे का दाम 25 रुपये रखा गया है। कम लागत में घर को प्राकृतिक खूबसूरती से भरने के लिए यह पौधा सबसे आदर्श चयन है।

















