गेंदे के आकर्षक फूल लगभग पूरे साल खिलते हैं और इनकी बागवानी करना बेहद आसान माना जाता है। इस पौधे को बहुत अधिक देखरेख की दरकार नहीं होती, जबकि धार्मिक अनुष्ठानों से लेकर घर की सजावट तक हर जगह इसकी भारी मांग रहती है। खासकर दिवाली के पावन पर्व पर गेंदे की मांग में जबर्दस्त उछाल आता है, जिससे बाजार में इसके दाम तेजी से बढ़ जाते हैं। अगर आप त्योहारों पर अपनी जेब का खर्च बचाना चाहते हैं, तो अभी अपने घर की बालकनी या छत पर गेंदे का पौधा लगाने की शुरुआत कर सकते हैं।
पौधा तैयार होने में कितना समय लगता है
गेंदे के पौधे को आप दो अलग-अलग तरीकों से लगा सकते हैं, जिसमें सूखी पंखुड़ियों के बीज और टहनियों की ताजी कटिंग शामिल हैं। इस पौधे की सबसे बड़ी खासियत यह है कि रोपाई के करीब 30 से 45 दिन के भीतर इसमें कलियां और फूल आने लगते हैं। ऐसे में त्योहार शुरू होने से पहले आपके पास इसे उगाने और विकसित करने का भरपूर वक्त मौजूद है। सही तरीके से देखभाल करके आप गमले को अनगिनत कलियों से भर सकते हैं।
गमला और मिट्टी तैयार करने की सही तकनीक
घर में बागवानी की शुरुआत करते समय सबसे पहला कदम उपयुक्त आकार का गमला चुनना है। इसके लिए करीब 8 से 10 इंच का गमला एकदम सही रहता है। गमले का चुनाव करते वक्त यह पक्का कर लें कि उसकी तली में जल निकासी के लिए छेद जरूर बना हो। यदि गमले में छेद नहीं होगा, तो जमा हुआ अतिरिक्त पानी जड़ों को सड़ाकर पौधे को नष्ट कर सकता है।
इसके बाद गमले के लिए पोषक तत्वों से भरपूर मिट्टी का मिश्रण बनाएं। गेंदे की अच्छी वृद्धि के लिए ऐसी मिट्टी जरूरी है, जिसमें पोषण भरपूर मात्रा में हो और पानी का ठहराव बिल्कुल न हो। एक बेहतरीन मिश्रण तैयार करने के लिए 50 प्रतिशत सामान्य बगीचे की मिट्टी, 30 प्रतिशत वर्मीकंपोस्ट या पुरानी गोबर की खाद और 20 प्रतिशत रेत मिला लें। इसके साथ ही मिट्टी में आधा चम्मच नीमखली और थोड़ा सा बोनमील भी शामिल करें, जिससे पौधे को जरूरी पोषण मिले और कीटों से सुरक्षा रहे।
बीज और कटिंग लगाने की सरल प्रक्रिया
गेंदे का पौधा तैयार करने के लिए आप नजदीकी नर्सरी से छोटा पौधा ला सकते हैं या फिर घर में मौजूद सूखे फूलों के बीज अथवा ताजी कटिंग का इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर आप बीजों से शुरुआत करना चाहते हैं, तो सूखे गेंदे के फूल को तोड़कर उसकी पंखुड़ियों और बीजों को गमले की सतह पर अच्छी तरह बिखेर दें। मिट्टी में हल्की नमी बनाए रखें, जिससे लगभग 1 हफ्ते में नन्हे पौधे अंकुरित होकर बाहर निकल आते हैं।
दूसरी ओर, यदि आप नर्सरी का पौधा या टहनी की कटिंग लगा रहे हैं, तो उसे गमले में 2 से 3 इंच तक गहराई में दबाकर रोपें। रोपाई के तुरंत बाद पौधे को पर्याप्त मात्रा में पानी दें। शुरुआती 2 से 3 दिन तक गमले को तेज धूप से बचाकर छांव वाली जगह पर रखें। इसके बाद गमले को ऐसी खुली जगह पर स्थानांतरित कर दें, जहां उसे प्रतिदिन कम से कम 4 से 5 घंटे की सीधी धूप मिल सके।
घने पौधे और बड़े आकार के फूलों के लिए जरूरी देखभाल
जैसे ही पौधा बढ़कर 7 से 8 इंच की ऊंचाई हासिल कर ले, उसके शीर्ष भाग को हल्का सा काट या पिंच कर दें। इस ऊपरी छंटाई से पौधे में नई शाखाएं निकलती हैं, जिससे पौधा झाड़ीदार और घना बन जाता है। पौधे में जितनी ज्यादा टहनियां होंगी, कलियों और फूलों की संख्या भी उतनी ही अधिक होगी। इसके अतिरिक्त, हर 15 से 20 दिन के अंतराल पर गमले में खाद मिलाते रहें। नियमित खाद देने से कलियों का विकास तेजी से होगा और खिलने वाले फूल काफी बड़े व चमकदार नजर आएंगे।



















