रणबीर कपूर और प्रियंका चोपड़ा की बर्फी ने 35 करोड़ के बजट में कैसे कमाए थे 175 करोड़ रुपयेरणबीर कपूर की रामायण के पहले ट्रैक में पारंपरिक भजनों के सुर, गीतकार कुमार विश्वास ने समझाया संगीत का गणितड्राइविंग लाइसेंस धारक 25 सितंबर तक जोड़ें मोबाइल नंबर, सेवाएं रुकने और निलंबन से बचने का आसान ऑनलाइन तरीकागणेश आचार्य का नया सिनेमाई दांव, बड़े पर्दे पर आएगी 'गणेश डस्ट टू स्टारडस्ट'जया बच्चन को समय पर तैयार करने के लिए अमिताभ बच्चन अपनाते हैं अनोखी तरकीब, क्विज शो में साझा किया वैवाहिक अनुभवमारुति सुजुकी ने जापान भेजा 1 लाखवां मेड-इन-इंडिया वाहन, निर्यात में बना नया रिकॉर्डबॉक्स ऑफिस पर गांधी जयंती का बड़ा धमाका करने की तैयारी में अजय देवगन, पहले दिन 70 करोड़ रुपये का आंकड़ा छू सकती है दृश्यम 3शोर से चाहिए पूरी राहत तो ये हैं सबसे दमदार वायरलेस ईयरबड्स, हर बजट और फोन के लिए बेहतरीन विकल्पचार शादियों से चर्चा में रहे बॉलीवुड के ये तीन दिग्गज कलाकारवाइब रिव्यू (2026): कुणाल खेमू और प्रीति जिंटा की स्पाई कॉमेडी में हंसी का तड़का
घर में लगे मनी प्लांट का पीलापन दूर करने के घरेलू तरीके, इन गलतियों से बचाएं पौधाजीवनशैली
19 सित॰ 2026, 8:38 pm (59 मिनट पहले)· 0

घर में लगे मनी प्लांट का पीलापन दूर करने के घरेलू तरीके, इन गलतियों से बचाएं पौधा

मनी प्लांट की पत्तियां पीली पड़ने पर उसे फेंकने की जरूरत नहीं है, बल्कि पानी, धूप और मिट्टी के सही संतुलन से इसे फिर हरा-भरा बनाया जा सकता है। गार्डनर अरविंद कुमार ने पौधे की सही देखभाल के घरेलू नुस्खे बताए हैं।

घर के कमरों या बालकनी में सजाया गया मनी प्लांट अगर अचानक पीला पड़ने लगे, तो अक्सर लोग इसे बेकार मानकर बाहर फेंकने का मन बना लेते हैं। वास्तव में यह पौधा बहुत नाजुक नहीं होता और पत्तियां पीली होने का मतलब पौधे का हमेशा के लिए मरना नहीं है। गमले में अत्यधिक जलभराव, सूरज की रोशनी का अभाव अथवा मिट्टी में लगातार बनी रहने वाली चिपचिपी नमी ऐसे मुख्य कारक हैं जो पत्तियों का रंग उड़ा देते हैं। यदि शुरुआती दौर में ही समस्या की असली वजह पहचान ली जाए, तो किसी भी प्रकार के महंगे रासायनिक उत्पादों या बाजारू उपायों के बिना, घर में मौजूद साधारण सावधानियों से इसे पुनर्जीवित किया जा सकता है।

पानी की अधिकता बन जाती है जड़ों के लिए आफत

रायबरेली जिले के एसबीवीपी इंटर कॉलेज में गार्डनर के रूप में कार्यरत अरविंद कुमार के अनुसार मनी प्लांट की पत्तियों के रंग बदलने के पीछे सबसे बड़ा और सामान्य कारण अत्यधिक सिंचाई है। कई लोग अनजाने में हर रोज थोड़ा-थोड़ा पानी गमले में उड़ेलते रहते हैं। इस आदत के कारण गमले के भीतर की मिट्टी हर समय गीली और दलदली बनी रहती है। जड़ों के इर्द-गिर्द लगातार नमी टिके रहने से उन्हें ऑक्सीजन नहीं मिल पाती, जिससे जड़ों को गहरा नुकसान पहुंचता है और इसका पहला असर पत्तियों पर पीलेपन के रूप में दिखाई देता है।

ये भी पढ़ें

सिंचाई के लिए एक बहुत सीधा देसी तरीका आजमाया जा सकता है। जब भी गमले में पानी डालना हो, पहले अपनी उंगली की मदद से ऊपर की एक-दो इंच मिट्टी को छूकर परखें। यदि ऊपरी सतह छूने पर बिल्कुल सूखी लगे, केवल उसी स्थिति में नया पानी दें। इसके अतिरिक्त गमले के पेंदे में जल निकासी के लिए उचित छिद्र का होना अनिवार्य है, ताकि अतिरिक्त पानी सुगमता से बाहर निकल सके।

रोशनी का संतुलन और पौधे की सही जगह

कमरे के बिल्कुल अंधेरे या बंद कोने में रखे रहने की वजह से भी मनी प्लांट की पत्तियां अपनी ताजगी खोकर पीली पड़ने लगती हैं। ध्यान देने योग्य बात यह है कि इस पौधे को कभी भी झुलसा देने वाली तेज सीधी धूप में रखने की आवश्यकता नहीं होती। मनी प्लांट के लिए ऐसा स्थान आदर्श होता है जहां सुबह की हल्की गुनगुनी धूप आती हो या पूरे दिन छनकर पर्याप्त प्राकृतिक उजाला मिलता रहे।

यदि आपका पौधा काफी समय से किसी अंधेरे कमरे के भीतर रखा था और उसकी पत्तियां पीली हो रही थीं, तो उसे एक झटके में तेज चिलचिलाती धूप में कतई न रखें। स्थान परिवर्तन हमेशा धीरे-धीरे करें, ताकि पौधा रोशनी के बदलाव के अनुकूल खुद को ढाल सके।

खराब पत्तियों की छंटाई और मिट्टी की बनावट

जब किसी पत्ती का अधिकांश हिस्सा पीला पड़ चुका हो, तो उसे बेल पर लगे रहने देना समझदारी नहीं है। ऐसी पत्तियों को एक साफ कैंची की सहायता से तने के पास से काटकर अलग कर देना चाहिए। इस आसान कदम से पौधे की बची हुई जैविक ऊर्जा बेकार हो चुकी पत्तियों को जिंदा रखने की व्यर्थ कोशिश में खर्च नहीं होती और पौधा नए पत्ते निकालने में ताकत लगा पाता है। छंटाई करते समय केवल इस बात की सावधानी रखें कि पास मौजूद स्वस्थ तनों और नई कलियों पर कोई खरोंच न आए।

मनी प्लांट को ऐसी हल्की मिट्टी रास आती है जिसमें पानी सरलता से बह जाए और जड़ों में ठहराव न बने। यदि गमले की मिट्टी बेहद भारी, चिकनी या चिपचिपी है, तो उसमें पानी लंबे समय तक रुका रहेगा। ऐसी स्थिति में ऊपरी मिट्टी की हल्की गुड़ाई करके उसे थोड़ा ढीला कर दें और निकास छिद्र की जांच करें। इसके अलावा गमले के नीचे रखी जाने वाली ट्रे या प्लेट में यदि पानी जमा हो रहा हो, तो उसे तत्काल खाली कर दें, क्योंकि नीचे जमा पानी जड़ों को सड़ाने का काम करता है।

खाद का संतुलित इस्तेमाल और कीटों से सुरक्षा

पत्तियों का पीला रंग देखकर कई बार लोग घबराकर गमले में ढेर सारी खाद डाल देते हैं। यह कदम फायदे के स्थान पर पौधे को गंभीर क्षति पहुंचाता है, जिसे आम भाषा में खाद से पौधे का जलना कहा जाता है। मनी प्लांट को हमेशा सीमित और हल्की जैविक खाद की ही जरूरत होती है। इसके लिए घर पर तैयार पुरानी जैविक खाद अथवा अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद सबसे मुफीद मानी जाती है। ताजी या कच्ची खाद को सीधे गमले में डालने से हर हाल में बचना चाहिए।

इसके साथ ही नियमित रूप से बेल की पत्तियों के निचले हिस्से की पड़ताल करते रहें। यदि पत्तों के नीचे बारीक कीड़े, चिपचिपा तरल या जाले जैसी संरचनाएं दिखाई दें, तो समझ जाएं कि पौधे पर कीटों का हमला हुआ है। ऐसी स्थिति में कीट प्रभावित पत्तियों को पौधे से काटकर हटा दें और पूरे पौधे की पत्तियों को हल्के पानी से धोकर नियमित रूप से साफ-सुथरा रखें।

सवाल-जवाब

मनी प्लांट की पत्तियां पीली पड़ने का मुख्य कारण क्या है?
सबसे प्रमुख कारण जरूरत से ज्यादा पानी देना है, जिससे मिट्टी लगातार गीली रहकर जड़ों को नुकसान पहुंचाती है।
मनी प्लांट में पानी कब और कैसे डालना चाहिए?
पानी देने से पहले उंगली से गमले की ऊपरी मिट्टी परखें और केवल ऊपरी सतह सूखी लगने पर ही पानी दें।
क्या मनी प्लांट को सीधी धूप में रखना चाहिए?
नहीं, इसे तेज सीधी धूप की जरूरत नहीं होती; इसे सुबह की हल्की धूप या दिनभर छनकर आने वाली रोशनी में रखना चाहिए।
पीली पड़ चुकी पत्तियों का क्या करना चाहिए?
पीली पत्तियों को साफ कैंची से काटकर अलग कर देना चाहिए ताकि पौधे की ऊर्जा स्वस्थ पत्तियों के विकास में लगे।
गमले के लिए किस तरह की खाद सबसे अच्छी होती है?
घर की पुरानी जैविक खाद या अच्छी तरह सड़ी हुई खाद उपयुक्त होती है, जबकि कच्ची या अत्यधिक मात्रा में खाद देने से बचना चाहिए।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp