बारिश का मौसम वैसे तो पेड़-पौधों के लिए जीवनदायी होता है, लेकिन लगातार होने वाली बरसात आपके खूबसूरत टेरेस गार्डन के लिए मुसीबत भी बन सकती है। इस मौसम में अक्सर देखा जाता है कि गमलों में लगे पौधे अचानक सूखने लगते हैं। इसका मुख्य कारण जड़ों में सफेद रंग के हानिकारक कीटों का हमला और गमलों में पानी का जमाव होना है, जो पौधों को धीरे-धीरे अंदर से खोखला कर देता है। समय पर ध्यान न देने से पूरा बगीचा उजड़ सकता है, इसलिए समय रहते इनके बचाव के उपाय करना बेहद जरूरी है।
बरसात में पौधों को नुकसान पहुंचने की असली वजह
मॉनसून के दौरान जब लगातार पानी बरसता है, तो गमलों की मिट्टी में जरूरत से ज्यादा नमी जमा हो जाती है। यदि पानी बाहर नहीं निकल पाता, तो मिट्टी बिल्कुल चिकनी और कीचड़ जैसी हो जाती है। इस वजह से मिट्टी के भीतर हवा का प्रवाह बंद हो जाता है और पौधों की जड़ों को ऑक्सीजन मिलना बंद हो जाती है। ऑक्सीजन की कमी से जड़ें सड़ने लगती हैं। इसी समय, अत्यधिक नमी के कारण सफेद कीटों का हमला तेज हो जाता है। ये सफेद कीट पहले पौधे के ऊपरी हिस्सों को अपना शिकार बनाते हैं और फिर तेजी से जड़ों तक पहुंच जाते हैं। जड़ों को नुकसान पहुंचने के कारण पौधे को पोषण मिलना बंद हो जाता है, जिससे तना और पत्तियां पीली पड़कर सूख जाती हैं।
सफेद कीड़ों और सड़न से बचाव के अचूक देसी उपाय
अपने सूखते हुए पौधों को बचाने के लिए आपको महंगे रासायनिक कीटनाशकों की जरूरत नहीं है, बल्कि आप कुछ आसान घरेलू नुस्खों से इन्हें दोबारा हरा-भरा बना सकते हैं। इसके लिए सबसे पहला और प्रभावी तरीका नीम के तेल का छिड़काव है। नीम के तेल को पानी में मिलाकर पौधों पर स्प्रे करने से ऊपरी हिस्से में लगे कीट खत्म हो जाते हैं। इसके साथ ही, मिट्टी के अंदर मौजूद कीड़ों को मारने के लिए आप एक जैविक मिश्रण तैयार कर सकते हैं। इसके लिए नीम की खल, सरसों की खल और गोबर की खाद को बराबर मात्रा में मिला लें। इस तैयार मिश्रण को गमले की मिट्टी में अच्छी तरह मिला दें। यह शक्तिशाली जैविक खाद मिट्टी के कीड़ों को खत्म करने के साथ-साथ पौधों को जरूरी पोषक तत्व भी प्रदान करती है।
जल निकासी और पेस्ट ट्रैप का सही इस्तेमाल
पौधों को सड़ने से बचाने के लिए सबसे जरूरी कदम यह सुनिश्चित करना है कि गमलों में पानी बिल्कुल न ठहरे। हर गमले के नीचे एक छेद होना अनिवार्य है, जिससे अतिरिक्त पानी बाहर निकल सके। यदि पानी बाहर नहीं निकल पा रहा है, तो तुरंत छेद को साफ करें ताकि जलभराव की स्थिति न बने। इसके अलावा, अपने बगीचे को सुरक्षित रखने के लिए आप गमलों के आस-पास पीले और नीले रंग के स्टिकी ट्रैप (येलो और ब्लू ट्रैप) भी लगा सकते हैं। ये रंगीन ट्रैप उड़ने वाले कीड़ों को अपनी ओर आकर्षित करके चिपका लेते हैं। हालांकि, इनका उपयोग सावधानी से करना चाहिए क्योंकि इनमें पर्यावरण के लिए फायदेमंद कीट भी चिपक जाते हैं।


















