सामुद्रिक शास्त्र में व्यक्ति के शरीर की बनावट, रेखाओं और विभिन्न चिह्नों के आधार पर उसके स्वभाव और भविष्य की व्याख्या की जाती है। इसी प्रक्रिया में चक्र के निशान को बेहद खास माना गया है जिसे धन, प्रतिष्ठा और जीवन में बड़ी सफलता से जोड़कर देखा जाता है। हाथ के अंगूठे, अलग-अलग उंगलियों और हथेलियों पर बने चक्र के चिह्न के परिणाम भी भिन्न होते हैं। आचार्य इंदु प्रकाश के अनुसार जानिए कि हथेली और उंगलियों पर चक्र होने का क्या मतलब है।
उंगलियों पर चक्र के निशान का महत्व
सामुद्रिक शास्त्र के जानकारों के अनुसार जिन लोगों की उंगलियों पर रेखाओं से चक्र जैसी आकृति का निर्माण होता है, वे लोग काफी आकर्षक और गुणवान माने जाते हैं। ऐसी मान्यता है कि ऐसे विशेष चिह्न वाले व्यक्तियों को समाज में मान-सम्मान और प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है। इसके अलावा हाथ की हर उंगली पर बने चक्र के फल भी अलग-अलग बताए गए हैं जो व्यक्ति के जीवन पर गहरा प्रभाव डालते हैं।
हर उंगली के चक्र का अलग फल
अंगूठे पर चक्र का निशान व्यक्ति की मजबूत इच्छाशक्ति, प्रभावशाली व्यक्तित्व और अपने निर्णयों पर अडिग रहने की प्रवृत्ति को दर्शाता है। ऐसी मान्यता भी है कि ऐसे जातक को पिता या पूर्वजों से पैतृक धन मिल सकता है। वहीं दूसरी ओर, तर्जनी उंगली पर चक्र होना आर्थिक संपन्नता और समाज में उच्च प्रतिष्ठा से जोड़ा जाता है। मध्यमा उंगली पर चक्र का चिह्न शनि ग्रह से संबंधित माना गया है जिसके प्रभाव से व्यक्ति धार्मिक स्वभाव का होता है और आर्थिक रूप से मजबूत रहता है। अनामिका उंगली पर चक्र का निशान इंसान की महत्वाकांक्षा और अपनी कड़ी मेहनत के बल पर अकूत धन कमाने की क्षमता का संकेत देता है।
कनिष्ठा और दसों उंगलियों पर चक्र के संकेत
कनिष्ठा उंगली पर चक्र का निशान व्यापार और व्यवसाय में बड़ी सफलता हासिल करने से जोड़ा जाता है। इस तरह के लोग लेखन, प्रकाशन या संपादन के क्षेत्र में भी काफी आगे बढ़ सकते हैं। यदि किसी व्यक्ति की नौ उंगलियों पर चक्र का निशान हो तो यह जीवन में सभी तरह की सुख-सुविधाओं से युक्त होने का संकेत माना जाता है। वहीं जिन लोगों के हाथों की दसों उंगलियों पर चक्र का निशान होता है, उनका व्यक्तित्व बेहद सम्माननीय माना गया है।
पर्वतों और हथेली पर चक्र का प्रभाव
हथेली के अलग-अलग पर्वतों पर बने चक्र के भी ज्योतिषीय दृष्ट्रिकोण से अलग अर्थ होते हैं। बृहस्पति पर्वत पर चक्र का होना भविष्य में धन प्राप्ति का संकेत देता है, जबकि शनि पर्वत पर इसका होना अचानक बड़े आर्थिक लाभ को दर्शाता है। सूर्य पर्वत पर चक्र होना समाज में प्रसिद्धि दिलाता है और बुध पर्वत पर चक्र का होना व्यापारिक कुशलता और बेहतर संवाद क्षमता से जोड़ा जाता है। हालांकि, चंद्र, मंगल और शुक्र पर्वत पर चक्र का होना अशुभ माना गया है। इसके विपरीत, यदि किसी की पूरी हथेली पर ही चक्र का चिह्न मौजूद हो तो सामुद्रिक शास्त्र में इसे अत्यंत शुभ बताया गया है, जिससे व्यक्ति को धन-संपत्ति, ऊंचा पद और अपार प्रतिष्ठा मिलने की मान्यता है।


















