अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर योगी आदित्यनाथ ने दी श्रद्धांजलि, बताया लोकतांत्रिक मूल्यों का शिखर पुरुषएयर होस्टेस से पंजाबी सिनेमा की क्वीन बनने तक, जानिए सोनम बाजवा का शानदार सफरमार्च हमले के बाद लापता पायलटों की रिहाई की मांग पर अड़ा ईरान, कतर ने कैदी बनाने के दावे को किया पूरी तरह खारिजसिंसिनाटी ओपन में बड़ा उलटफेर, भीषण गर्मी से परेशान नोवाक जोकोविच को थियागो तिरानते ने दी मातबृहस्पति का अश्लेषा नक्षत्र में गोचर 19 अगस्त से, मेष मिथुन तुला और मकर राशि की चमकेगी किस्मतपाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के हिंदू सहिष्णुता वाले दावे पर जावेद अख्तर का पलटवार, 10 प्रतिशत वाले तंज से साधा निशानाआधुनिक दुनिया से दूर घने जंगलों में छिपे 196 अलग-थलग समुदाय, पैरों के निशान तक मिटाने को क्यों मजबूर हैं15 अगस्त पर देशभक्ति का जज्बा जगाता पंडित राम प्रसाद बिस्मिल का रचा यह ऐतिहासिक गीतसंजय दत्त और माधुरी दीक्षित की फिल्म 'साजन' के एल्बम ने रचा था इतिहास, 70 लाख से अधिक बिके थे ऑडियो कैसेटदक्षिण लेबनान में इजराइली हवाई हमलों से 11 लोगों की मौत, जून के संघर्षविराम समझौते पर मंडराया संकट
किचन के मसालों की शेल्फ लाइफ क्या है? जानिए उन्हें लंबे समय तक सुरक्षित रखने के आसान और अचूक उपायजीवनशैली
27 जुल॰ 2026, 1:17 pm (20 दिन पहले)· 0

किचन के मसालों की शेल्फ लाइफ क्या है? जानिए उन्हें लंबे समय तक सुरक्षित रखने के आसान और अचूक उपाय

भारतीय रसोई में मसालों का अहम स्थान है, लेकिन गलत तरीके से रखने पर उनकी सुगंध और स्वाद फीका पड़ सकता है। जानिए साबुत और पिसे हुए मसालों को स्टोर करने की सही अवधि और कारगर तरीके।

भारतीय घरों की रसोई में मसालों का इस्तेमाल खाने का स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ उसकी महक और सेहतमंद खूबियों को भी बढ़ाने के लिए किया जाता है। हल्दी, लाल मिर्च, धनिया, जीरा और गरम मसाला जैसे तमाम घटक हर डिश की जान होते हैं। मगर कई बार अनदेखी के चलते इनकी क्वालिटी तेजी से गिरने लगती है और इनका असली जायका तथा महक वक्त से पहले ही गायब हो जाती है। ऐसे में यह समझना बहुत जरूरी है कि कौन सा मसाला कितने वक्त तक टिक सकता है और उसे स्टोर करने का सही वैज्ञानिक तरीका क्या है।

मसालों की शेल्फ लाइफ और उनकी भंडारण अवधि

सभी मसालों की उम्र एक जैसी नहीं होती है। जीरा, काली मिर्च, लौंग, दालचीनी और हरी इलायची जैसे साबुत मसाले अपनी खूबी और असर को लंबे वक्त तक बचाए रखते हैं। आम तौर पर ये साबुत रूप में एक से तीन साल तक बिल्कुल बढ़िया स्थिति में रहते हैं। इसके उलट, हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और धनिया पाउडर जैसे पिसे हुए मसाले लगभग छह महीने से एक साल के बीच ही अपनी असली महक और ताकत खोने लगते हैं। इसके बाद उनके भीतर का प्रभाव काफी धीमा पड़ जाता है।

ये भी पढ़ें

विशेषज्ञों की सलाह है कि मसालों को हमेशा अपनी जरूरत के हिसाब से थोड़ी-थोड़ी मात्रा में ही खरीदना चाहिए। थोक में ज्यादा खरीदकर रख लेने से वे पुरानी हो जाती हैं और अपनी ताजगी खो बैठती हैं, जबकि कम मात्रा में लाने पर वे हमेशा तरोताजा बनी रहती हैं और भोजन में अपना बेहतरीन स्वाद छोड़ती हैं।

मसालों को स्टोर करने के सबसे असरदार तरीके

मसालों को लंबे वक्त तक सुरक्षित रखने के लिए उनके रखरखाव पर खास ध्यान देना पड़ता है। सबसे पहले तो एयरटाइट कंटेनर का ही इस्तेमाल करना चाहिए। मसालों को हमेशा कांच या फिर उच्च गुणवत्ता वाले स्टील के हवाबंद डिब्बों में ही भरकर रखना चाहिए ताकि उनमें बाहरी हवा और नमी बिल्कुल भी दाखिल न हो सके।

इसके अलावा सीधी धूप मसालों के लिए बेहद नुकसानदेह साबित होती है। धूप की किरणें उनके अंदर मौजूद प्राकृतिक तेलों को नष्ट कर देती हैं, जिससे उनका रंग बेरंग होने लगता है और सुगंध भी उड़ जाती है। इसलिए इन्हें हमेशा किसी ठंडी, सूखी और अंधेरी जगह पर ही जगह देनी चाहिए।

रसोई घर में खाना बनाते वक्त अक्सर नमी और भाप बनती रहती है। अगर मसाले नमी के संपर्क में आ जाएं, तो उनमें गांठें पड़ने लगती हैं या फंगस पनपने का खतरा बढ़ जाता है। डिब्बे से मसाला निकालते वक्त हमेशा एक सूखे और साफ चम्मच का ही प्रयोग करना चाहिए ताकि जरा सी भी नमी अंदर न जा पाए।

मसालों के डिब्बों को गैस स्टोव, ओवन या माइक्रोवेव के ठीक बगल में रखने से बचना चाहिए। इन उपकरणों से निकलने वाली गर्मी के कारण तापमान बहुत बढ़ जाता है, जिससे मसालों के भीतर मौजूद जरूरी तेल तेजी से उड़ जाते हैं और उनका जायका कम हो जाता है।

अगर संभव हो सके तो बाजार से पिसे हुए की जगह साबुत मसाले ही घर लाएं और जरूरत पड़ने पर उन्हें खुद पीसें। साबुत मसालों के अंदर उनके नेचुरल ऑयल बहुत सुरक्षित रहते हैं, जिसकी वजह से वे पिसे हुए मसालों की तुलना में काफी ज्यादा समय तक अपनी गुणवत्ता और महक को बरकरार रखते हैं।

मसाले क्यों खराब होते हैं और इसके नुकसान

मसालों के स्वाद और महक का असली स्रोत उनके भीतर पाए जाने वाले प्राकृतिक तेल ही होते हैं। जब ये मसाले हवा, नमी, गर्मी और तेज रोशनी के संपर्क में आते हैं, तो ये जरूरी तेल धीरे-धीरे खत्म होने लगते हैं। इसका नतीजा यह होता है कि मसाले बेजान, स्वादहीन और कम असरदार हो जाते हैं। कई बार गलत तरीके से रखे जाने पर इनमें हानिकारक बैक्टीरिया या फंगस भी विकसित हो जाते हैं, जो सेहत के लिहाज से काफी नुकसानदायक साबित हो सकते हैं। इसलिए इनकी सही संभाल बहुत आवश्यक है।

सवाल-जवाब

साबुत मसाले आमतौर पर कितने समय तक सुरक्षित रहते हैं?
जीरा, काली मिर्च, लौंग और दालचीनी जैसे साबुत मसाले आमतौर पर 1 से 3 वर्ष तक अपनी गुणवत्ता बनाए रखते हैं।
पिसे हुए मसालों की शेल्फ लाइफ कितनी होती है?
हल्दी, लाल मिर्च और धनिया पाउडर जैसे पिसे हुए मसाले लगभग 6 महीने से 1 वर्ष तक बेहतर स्थिति में रहते हैं।
मसालों को स्टोर करने के लिए किस तरह के डिब्बों का उपयोग करना चाहिए?
मसालों को हमेशा कांच या स्टील के एयरटाइट डिब्बों में रखना चाहिए ताकि उनमें नमी और हवा प्रवेश न कर सके।
मसालों को गैस स्टोव या ओवन के पास क्यों नहीं रखना चाहिए?
अधिक तापमान के कारण मसालों में मौजूद आवश्यक तेल जल्दी उड़ जाते हैं, जिससे उनका स्वाद और सुगंध कम हो जाती है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR