योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक संदेश साझा कर भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को उनकी पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने वाजपेयी के राष्ट्रनिष्ठ दृष्टिकोण और भारतीय लोकतांत्रिक प्रणाली में उनके अप्रतिम योगदान को याद किया।
राजनीति में नैतिकता और मर्यादित आचरण की मिसाल
अपने संदेश में योगी आदित्यनाथ ने अटल बिहारी वाजपेयी को लोकतांत्रिक मूल्यों और आदर्श राजनीति का शिखर पुरुष बताया। उन्होंने उल्लेख किया कि वाजपेयी ने अपने ओजस्वी चिंतन, मर्यादित आचरण और कर्मनिष्ठ जीवन से भारतीय राजनीति में उच्च नैतिक मापदंड तय किए। उनके अनुसार, वाजपेयी के जीवन दर्शन ने देश के लोकतांत्रिक ढांचे में शुचिता और पारदर्शिता को सुदृढ़ करने का कार्य किया।
कौन थे अटल बिहारी वाजपेयी
अटल बिहारी वाजपेयी भारत के 10वें प्रधानमंत्री थे जिन्होंने तीन अलग-अलग कार्यकालों में देश का नेतृत्व किया। उनका पहला कार्यकाल 16 मई 1996 से 1 जून 1996 तक केवल 13 दिनों का रहा। इसके बाद वे 19 मार्च 1998 से 13 अक्टूबर 1999 तक 8 महीने के लिए पुनः प्रधानमंत्री बने। तत्पश्चात 13 अक्टूबर 1999 से 22 मई 2004 तक उन्होंने सफलतापूर्वक अपना तीसरा कार्यकाल पूरा किया।
राजनीतिक यात्रा के अतिरिक्त वाजपेयी एक प्रखर वक्ता, संवेदनशील हिंदी कवि और प्रख्यात पत्रकार थे। वे भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में से एक थे और उन्होंने वर्ष 1968 से 1973 तक संगठन के अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएं दीं। अपने पत्रकारीय जीवन में उन्होंने राष्ट्रधर्म, पाञ्चजन्य और वीर अर्जुन जैसी राष्ट्रीय भावनाओं से ओत-प्रोत प्रमुख पत्र-पत्रिकाओं का संपादन भी किया था।



























