मूलांक 6 राशिफल 30 अक्टूबर 2026: काम करने के तरीके में बदलाव लाएगा सफलता, जानें क्या कहते हैं आपके तारेआर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की खोज से हिला कंप्यूटर साइंस, एक्सपोनेंशियल टाइम हाइपोथिसिस पर उठे सवाललाइव: चक्रवात अर्णब का ओडिशा और आंध्र प्रदेश में भारी तांडव, 55 हजार से अधिक लोग सुरक्षित स्थानों पर शिफ्टहजारों साल पुराना है कंडोम का इतिहास, कभी भेड़ की आंत और कछुए के खोल से तैयार होते थे ये कवरपेरेंट्स की ये 5 गलतियां घर में बढ़ाती हैं भाई-बहनों के बीच मनमुटाव, ताउम्र रिश्तों में आ जाती है कड़वाहटरिवाइव हुआ समझौता: वोक्सवैगन ग्रुप के साथ एआई असिस्टेंट साझा करेगी रिवियनडोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद कैसे बढ़ी ट्रांसजेंडर बच्चों के माता-पिता की मानसिक चिंता?स्पेन ट्रेन हादसा: 69 लोगों की मौत, युवा एथलीट और पूर्व मंत्री भी शामिलनीट-यूजी और नेट विवादों के साये में एनटीए का कायापलट, सीआईएसएफ को सौंपी गई सुरक्षा और हटाए गए 600 विशेषज्ञराशिद खान ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में रचा नया इतिहास, बने 200 विकेट लेने वाले दुनिया के पहले गेंदबाज
मक्खन निकाले बिना मलाई से बनाएं दानेदार देसी घी, जानिए रसोई का यह आसान तरीकाजीवनशैली
21 अग॰ 2026, 12:55 pm (70 दिन पहले)· 3

मक्खन निकाले बिना मलाई से बनाएं दानेदार देसी घी, जानिए रसोई का यह आसान तरीका

दूध की मलाई से मक्खन निकाले बिना सीधे दानेदार देसी घी तैयार करने की यह आसान विधि समय बचाती है। सही तापमान, बर्तन के चुनाव और खास कुकिंग ट्रिक्स से आप घर पर ही खुशबूदार घी बना सकते हैं।

भारतीय रसोई में शुद्ध देसी घी का अपना एक विशेष महत्व है, लेकिन पारंपरिक तरीके से मलाई से पहले मक्खन निकालना और फिर उसे उबालकर घी तैयार करना काफी समय लेने वाला काम होता है। अक्सर लोग रोज़ाना उबलने वाले दूध की मलाई जमा करते हैं और इस लंबी प्रक्रिया के कारण परेशान हो जाते हैं। यदि आप बिना किसी झंझट के कम समय में बेहतरीन खुशबू वाला दानेदार घी तैयार करना चाहते हैं, तो मलाई को सीधे पकाकर घी बनाने की यह खास विधि बेहद कारगर साबित होती है। इसके लिए आपको केवल सही बर्तन, नियंत्रित आंच और एक आसान कुकिंग ट्रिक की आवश्यकता होती है।

सही मलाई इकट्ठा और स्टोर करने का तरीका

दानेदार और स्वादिष्ट घी बनाने की शुरुआत मलाई के सही रखरखाव से होती है। रोज़ाना दूध उबालने के बाद जब वह ठंडा हो जाए, तो उसके ऊपर जमने वाली मोटी मलाई की परत को निकालकर एक साफ़ और एयरटाइट ढक्कन वाले बर्तन में एकत्रित करें। इस बर्तन को हमेशा रेफ्रिजरेटर के अंदर ही रखें ताकि मलाई खराब न हो। घी पकाने के लिए कम से कम चार से छह दिनों की पर्याप्त मलाई जमा होने का इंतज़ार करना बेहतर रहता है। पकाने से पूर्व यह अवश्य जांच लें कि जमा की गई मलाई में से कोई दुर्गंध न आ रही हो और उसमें किसी प्रकार की फफूंदी न लगी हो, क्योंकि खराब मलाई से बने घी का स्वाद और गुणवत्ता दोनों बिगड़ जाते हैं।

ये भी पढ़ें

बर्तन का चुनाव और धीमी आंच पर पकाने की शुरुआत

मलाई से सीधे घी बनाने के लिए बर्तन का सही चयन सबसे महत्वपूर्ण चरण है। इस प्रक्रिया के लिए हमेशा मोटे तले वाले पैन या कढ़ाही का ही प्रयोग करें। पतले तले वाले बर्तन में मलाई बहुत तेजी से जलने लगती है। एकत्रित की गई ठंडी मलाई को भारी कढ़ाही में डालें और गैस की आंच को बिल्कुल धीमा रखें। पकाने के दौरान मलाई को किसी कलछी या चम्मच की सहायता से लगातार चलाते रहें। लगातार चलाने से मलाई बर्तन के निचले हिस्से में चिपकती नहीं है और समान रूप से गर्म होती है।

पानी का सही इस्तेमाल और भाप बनने की प्रक्रिया

जैसे-जैसे मलाई गर्म होना शुरू होती है, उसमें मौजूद प्राकृतिक नमी और पानी धीरे-धीरे भाप बनकर उड़ने लगता है। इसके साथ ही दूध के ठोस कण यानी मिल्क सॉलिड्स अलग होने लगते हैं। इस दौरान आंच को कभी भी तेज न करें, क्योंकि तेज तापमान पर मलाई तुरंत जल सकती है और घी में कड़वाहट आ सकती है। इस चरण पर एक विशेष ट्रिक काम आती है। धीमी आंच पर पकती हुई मलाई में बेहद थोड़ा सा पानी छिड़क दें। पानी की कुछ बूंदें मिलाने से मलाई बिना जले नियंत्रित तापमान पर पकती है। हालांकि, ध्यान रखें कि पानी की मात्रा बहुत कम हो ताकि गर्म घी के छींटे बाहर न पड़ें।

घी को दानेदार और खुशबूदार बनाने की तकनीक

लगातार पकाने के बाद मिश्रण में परिवर्तन आने लगता है। पारदर्शी और सुनहरा घी सतह के ऊपर तैरने लगता है, जबकि दूध के ठोस अवशेष जिन्हें मावा कहा जाता है, वे बर्तन के पेंदे में बैठने लगते हैं। इन ठोस कणों को हल्का सुनहरा होने तक धीमी आंच पर ही पकने दें, क्योंकि इन्हीं से घी में एक बेहतरीन सोंधी खुशबू आती है। घी को दानेदार टेक्सचर देने के लिए इसे जल्दबाजी में तेज आंच पर पकाने से बचें। धीमी आंच पर धीरे-धीरे पकने से घी के दाने बहुत बढ़िया बनते हैं। जब घी पूरी तरह अलग हो जाए और मावा सुनहरा दिखने लगे, तो गैस बंद कर दें और बर्तन को थोड़ा ठंडा होने के लिए छोड़ दें।

छानने और लंबे समय तक सुरक्षित रखने का सही नियम

जब पकाया गया घी हल्का गुनगुना रह जाए, तो इसे सुरक्षित तरीके से छाना जाना चाहिए। इसके लिए किसी साफ़ मलमल के कपड़े अथवा बारीक जाली वाली स्टील की छलनी का उपयोग करें। छाने हुए घी को एक पूरी तरह से साफ़, सूखे और नमी-रहित कांच के जार में भरकर रखें। कांच के जार में घी रखने से उसकी ताज़गी, स्वाद और सुगंध महीनों तक बरकरार रहती है। इस आसान विधि को अपनाकर आप बिना मक्खन निकाले ही शुद्ध और दानेदार देसी घी आसानी से तैयार कर सकते हैं।

सवाल-जवाब

क्या मलाई से सीधे देसी घी बनाया जा सकता है?
हां, मलाई से सीधे धीमी आंच पर पकाकर मक्खन निकाले बिना भी दानेदार और खुशबूदार देसी घी बनाया जा सकता है।
मलाई को स्टोर करते समय किस बात का ध्यान रखना चाहिए?
मलाई को साफ़ और ढक्कन वाले बर्तन में रखकर हमेशा रेफ्रिजरेटर में स्टोर करें और पकाने से पहले जांच लें कि उसमें फफूंदी या दुर्गंध न हो।
मलाई पकाते समय पानी क्यों मिलाया जाता है?
धीमी आंच पर पकती मलाई में थोड़ा सा पानी मिलाने से वह बिना जले नियंत्रित और समान रूप से गर्म होकर पकती है।
देसी घी को दानेदार कैसे बनाया जाता है?
मलाई को तेज आंच के बजाय धीमी आंच पर धीरे-धीरे पकाने से घी का स्वाद बढ़ता है और वह दानेदार बनता है।
घी तैयार होने के बाद इसे कैसे छाना और स्टोर किया जाना चाहिए?
घी को मलमल के कपड़े या बारीक छलनी से छानकर साफ़ और सूखे कांच के जार में भरकर रखना चाहिए।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp