मानसून की रिमझिम फुहारों के साथ ही चटपटे और गरमा-गरम कबाब खाने का मन हर किसी का करता है। हालांकि, बाहर मिलने वाले कबाब इस मौसम में पेट संबंधी समस्याओं, फूड पॉइजनिंग और इंफेक्शन का बड़ा कारण बन सकते हैं। बारिश में हमारी पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है, और बाहर के मिलावटी तेल या अधपके मांस का सेवन सेहत बिगाड़ सकता है। अच्छी बात यह है कि आपको स्वाद के साथ समझौता करने की जरूरत नहीं है। आप घर पर ही कुछ साधारण बदलावों के साथ स्वादिष्ट और हेल्दी कबाब तैयार कर सकते हैं।
तेल की जगह एयर-फ्राइंग और ग्रिलिंग का अपनाएं तरीका
बारिश के दिनों में बहुत अधिक तेल में तले हुए कबाब भारी होते हैं, जिन्हें पचाना शरीर के लिए मुश्किल हो जाता है। डीप-फ्राइंग से बचने के लिए आप एयर-फ्रायर का इस्तेमाल कर सकते हैं या ओवन में इन्हें रोस्ट कर सकते हैं। यदि आप पैन का उपयोग कर रहे हैं, तो बहुत कम घी या तेल के साथ शैलो-फ्राइंग करना एक बेहतर विकल्प है। इससे कबाब क्रिस्पी भी रहेंगे और अतिरिक्त फैट से होने वाली भारीपन की समस्या भी नहीं होगी।
इम्यूनिटी बढ़ाने वाले मसालों का भरपूर इस्तेमाल करें
मानसून के दौरान शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी को मजबूत रखना बेहद जरूरी है। कबाब के मिश्रण को तैयार करते समय इसमें अदरक, लहसुन, काली मिर्च, लौंग, अजवाइन और हींग की मात्रा बढ़ा दें। ये सभी मसाले न केवल स्वाद को दोगुना करते हैं, बल्कि इनमें मौजूद एंटी-बैक्टीरियल गुण पेट के इंफेक्शन को रोकने और पाचन प्रक्रिया को दुरुस्त रखने में कारगर साबित होते हैं।
फाइबर के लिए सब्जियों और दालों का मेल
कबाब चाहे शाकाहारी हो या मांसाहारी, उसे पौष्टिक बनाने का सबसे सरल तरीका है उसमें फाइबर की मात्रा बढ़ाना। आप अपने कबाब बेस में कद्दूकस की हुई शिमला मिर्च, गाजर, सोया चंक्स या उबली हुई चना दाल मिला सकते हैं। ये सामग्रियां न केवल पोषण का स्तर बढ़ाती हैं, बल्कि पाचन को सरल भी बनाती हैं, जिससे कबाब पेट के लिए हल्के रहते हैं।
मैरिनेशन और स्वच्छता में न बरतें लापरवाही
चिकन या मटन जैसे मांसाहारी कबाब बनाते समय मानसून में बैक्टीरिया का खतरा ज्यादा होता है। इसलिए मीट को साफ पानी से धोने के बाद नींबू के रस, दही और हल्दी के मिश्रण में कम से कम एक घंटे तक मैरिनेट करें। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि मीट को बाहर रखने के बजाय फ्रिज के अंदर रखें। हल्दी और नींबू प्राकृतिक एंटी-सेप्टिक के रूप में काम करते हैं जो मीट के बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद करते हैं।
पुदीना और नींबू वाली चटनी का करें उपयोग
कबाब का पूरा मजा उसके साथ मिलने वाली चटनी पर निर्भर करता है। इस मौसम में चटनी बनाते समय धनिया के साथ भरपूर पुदीना, अदरक और नींबू का रस मिलाएं। सुनिश्चित करें कि हरी पत्तियों को गुनगुने नमक वाले पानी में अच्छी तरह धोया गया है। पुदीना और नींबू का यह कॉम्बिनेशन गैस और एसिडिटी को दूर रखता है, जिससे आप भारी कबाब खाने के बाद भी खुद को हल्का महसूस करते हैं।











