Madhubani में खास तरीके से तैयार होता है पान का चूना, 24 घंटे का लगता है समयजीवनशैली
2 घंटे पहले· 2

Madhubani में खास तरीके से तैयार होता है पान का चूना, 24 घंटे का लगता है समय

TrendKia की इस रिपोर्ट में जानिए मिथिलांचल में सदियों से चली आ रही पारंपरिक चूना बनाने की प्रक्रिया, जिसमें घोंघे के खोल का इस्तेमाल होता है।

मिट्टी के बर्तन और चूल्हे का कमाल

पान के शौकीन जानते हैं कि पान की असली जान उसमें लगने वाला चूना है। मिथिलांचल में आज भी पारंपरिक तरीके से चूना तैयार करने की एक अनूठी परंपरा जीवित है। यह प्रक्रिया काफी धैर्य की मांग करती है और इसे पूरा होने में 24 घंटे का समय लग जाता है। इसमें मुख्य रूप से डोका यानी घोंघे के खोल या छिलकों का इस्तेमाल किया जाता है।

कैसे तैयार होता है शुद्ध चूना

TrendKia की जानकारी के अनुसार, इस प्रक्रिया में मिट्टी के चूल्हे का उपयोग किया जाता है। अनुराग मिश्रा ने, जो मधुबनी के नवटोल के निवासी हैं, इस पारंपरिक कला को संरक्षित करने के लिए एक डॉक्यूमेंट्री भी बनाई है। प्रक्रिया के दौरान, मिट्टी के चूल्हे में लकड़ियों और घोंघे के छिलकों की कई परतें बनाई जाती हैं। आग लगाने के बाद, ये छिलके राख के रूप में सफेद और मोटे दिखने लगते हैं। इसके बाद, इन्हें साफ करके मिट्टी के बर्तन में पानी के साथ 24 घंटे के लिए भिगोकर छोड़ दिया जाता है, जिसके बाद यह चूना खाने के लिए तैयार हो जाता है।

मिथिलांचल की संस्कृति और पान

मिथिलांचल में पान का महत्व मछली और मखाना की तरह ही है। हालांकि समय के साथ पान खाने वालों की संख्या में बदलाव आया है, लेकिन आज भी शादी-विवाह, तिलक समारोह और पूजा-पाठ जैसे अवसरों पर पान की विशेष भूमिका होती है। पहले हर घर के आंगन में पान का पौधा दिखाई देता था और लोग इसे खुद ही तैयार करते थे। यह पारंपरिक चूना शुद्धता का प्रतीक माना जाता है और अब बहुत कम घरों में इस पुराने तरीके को देखा जाता है।

सवाल-जवाब

चूना बनाने के लिए मुख्य सामग्री क्या है?
चूना बनाने के लिए डोका या घोंघे के खोल (स्कल) का उपयोग किया जाता है।
इस पूरी प्रक्रिया में कितना समय लगता है?
इस पारंपरिक प्रक्रिया को पूरा करने में कुल 24 घंटे से अधिक का समय लगता है।
इसे बनाने में किस तरह के चूल्हे का उपयोग होता है?
इसे तैयार करने के लिए मिट्टी के चूल्हे का उपयोग किया जाता है।
क्या इस चूने को सीधे इस्तेमाल किया जा सकता है?
नहीं, जलाने के बाद चूने को पानी में 24 घंटे तक भिगोकर रखना आवश्यक होता है।
ट्रेंडकिया रिवॉर्ड्स

खबरें पढ़ें, असली रिवॉर्ड कमाएँ

हर लेख पढ़ने पर पॉइंट्स — ₹10,000 तक के गिफ्ट रिडीम करें। शामिल होना फ्री है।

फ्री रजिस्टर करें और कमाना शुरू करें
250मोबाइल रिचार्ज
12,500 · ≈ 12,500 रीड्स
कमाना शुरू करें
500गिफ्ट वाउचर
25,000 · ≈ 25,000 रीड्स
कमाना शुरू करें
1,000गिफ्ट कार्ड
50,000 · ≈ 50,000 रीड्स
कमाना शुरू करें
2,000गिफ्ट कार्ड
1,00,000 · ≈ 1,00,000 रीड्स
कमाना शुरू करें
3,000शॉपिंग वाउचर
1,50,000 · ≈ 1,50,000 रीड्स
कमाना शुरू करें
5,000कैश / UPI
2,50,000 · ≈ 2,50,000 रीड्स
कमाना शुरू करें
प्रीमियम7,500कैश / UPI
3,75,000 · ≈ 3,75,000 रीड्स
कमाना शुरू करें
प्रीमियम10,000कैश / UPI
5,00,000 · ≈ 5,00,000 रीड्स
कमाना शुरू करें
प्रीमियम15,000मेगा कैश
7,50,000 · ≈ 7,50,000 रीड्स
कमाना शुरू करें

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
नागरिक पत्रकारनागरिक पत्रकार
नागरिक पत्रकार
नागरिक पत्रकार