हरे-भरे पौधे देखभाल मांगते हैं, और यह काम उतना आसान नहीं जितना दिखता है। जो लोग गार्डनिंग के शौकीन हैं, वे जानते हैं कि मौसम बदलते ही पौधों पर नई मुसीबतें आ जाती हैं। बारिश का मौसम तो कीड़ों के लिए सबसे मुफीद होता है, और इन्हीं दिनों पौधों पर तरह-तरह के कीटों का हमला तेज हो जाता है। इन सबमें सबसे आम और सिरदर्द बने रहने वाले कीड़े होते हैं मिलीबग्स, जो देखने में रूई के छोटे-छोटे टुकड़ों जैसे लगते हैं।
आखिर ये सफेद कीड़े होते क्या हैं
मिलीबग्स बेहद छोटे सफेद कीट होते हैं और इनके शरीर पर मोम जैसी एक सफेद परत जमी रहती है। यही परत इन्हें रूई या सफेद फफूंदी जैसा रूप दे देती है, इसलिए पहली नजर में लोग अक्सर इन्हें पहचान ही नहीं पाते। ये पौधों की पत्तियों, तनों और नई कलियों पर आकर चिपक जाते हैं। खास बात यह है कि ये ज्यादातर पत्तियों के नीचे, तनों के जोड़ों और नई निकल रही शाखाओं पर छिपकर बैठते हैं, जहां नजर आसानी से नहीं पहुंचती।
नजरअंदाज करना पौधे को क्यों भारी पड़ता है
ये नन्हे कीड़े पौधे का रस चूसते रहते हैं, जिसका सीधा असर उसकी बढ़वार पर पड़ता है और वह रुक तक सकती है। अगर समय रहते इन्हें न हटाया जाए तो पौधा कमजोर पड़ने लगता है, उसकी पत्तियां पीली पड़ सकती हैं और फूल-फल भी पहले से कम आने लगते हैं। सबसे बड़ी दिक्कत इनके फैलने की रफ्तार है। ये बहुत तेजी से बढ़ते हैं और एक पौधे से दूसरे पौधे तक आसानी से पहुंच जाते हैं। यही वजह है कि शुरुआत में ही इन पर काबू पाना जरूरी है।
हर बार महंगे केमिकल की जरूरत नहीं
इन कीड़ों से निपटने के लिए हर बार महंगे या तेज केमिकल्स का सहारा लेना जरूरी नहीं है। कुछ देसी और सस्ते तरीकों से भी इनसे छुटकारा पाया जा सकता है। इसके लिए आपके पास बस दो चीजें होनी चाहिए, नीम ऑयल और डिश सोप।
नीम ऑयल और डिश सोप का घरेलू स्प्रे ऐसे बनाएं
गार्डनिंग एक्सपर्ट्स प्राकृतिक तरीके से कीट नियंत्रण के लिए नीम ऑयल को काफी कारगर मानते हैं। नीम में मौजूद प्राकृतिक तत्व कई तरह के कीटों की गतिविधि रोकने में मदद करते हैं। जब इसमें हल्का डिश सोप मिला दिया जाता है तो यह घोल पत्तियों पर बैठे कीड़ों तक और बेहतर ढंग से पहुंच पाता है।
स्प्रे बनाने के लिए एक लीटर पानी में एक से दो चम्मच नीम ऑयल मिलाएं। इसमें हल्के लिक्विड डिश सोप की कुछ बूंदें डालें और मिश्रण को अच्छी तरह हिला लें। इसके बाद इस घोल को एक स्प्रे बोतल में भर लें।
स्प्रे करते समय इन बातों का ध्यान रखें
इस घोल को पौधों की उन पत्तियों, तनों और जगहों पर स्प्रे करें जहां सफेद कीड़े दिख रहे हों। पत्तियों के निचले हिस्से को छिड़कना बिल्कुल न भूलें, क्योंकि मिलीबग्स अक्सर वहीं छिपे रहते हैं। स्प्रे करने के लिए सुबह जल्दी का या शाम का वक्त बेहतर माना जाता है, क्योंकि तेज धूप में स्प्रे करने से कुछ पौधों की पत्तियां प्रभावित हो सकती हैं। पहली बार इस्तेमाल करने से पहले किसी एक पत्ती पर इसे आजमाकर देख लेना समझदारी है। अगर कीड़ों की तादाद ज्यादा हो तो कुछ-कुछ दिनों के अंतराल पर यह स्प्रे दोबारा किया जा सकता है।













