सोशल मीडिया के दौर में विदेशों में बसने वाले भारतीयों की जिंदगी और वहां के नियम कायदों से जुड़े वीडियो अक्सर चर्चा का विषय बनते हैं। ऐसा ही एक वीडियो इन दिनों इंस्टाग्राम पर काफी देखा जा रहा है, जिसमें एक भारतीय महिला मेघा और उनके अमेरिकी सैनिक पति मिशेल यूएस आर्मी से मिलने वाली अनूठी सुविधाओं की जानकारी दे रहे हैं। इस कपल ने दावा किया है कि सेना में सेवाएं देने के एवज में उन्हें न केवल आजीवन मुफ्त चिकित्सा और शिक्षा मिलती है, बल्कि महज 140 डॉलर का कागजी शुल्क चुकाकर वे अपने सपनों का घर भी हासिल कर चुके हैं। इस खुलासे के बाद इंटरनेट पर इमिग्रेशन और रक्षा सेवाओं के भत्तों को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है।
सैन्य कर्मियों को मिलने वाले तीन प्रमुख फायदे
मेघा द्वारा साझा की गई इस क्लिप में उनके पति मिशेल अमेरिकी सेना के जवानों को सरकार की ओर से दी जाने वाली सहूलियतों के बारे में विस्तार से बात करते हैं। उन्होंने मुख्य रूप से तीन बड़े फायदों की गिनती कराई है, जिनमें सबसे पहली सुविधा मुफ्त शिक्षा की है। मिशेल के अनुसार, सेना से जुड़े कर्मियों को जीवन भर के लिए निशुल्क शिक्षा का अधिकार मिलता है। इसके साथ ही देश के किसी भी मान्यता प्राप्त स्कूल या संस्थान में पढ़ाई करने के लिए हर महीने 1000 डॉलर का अतिरिक्त भत्ता भी प्रदान किया जाता है।
दूसरा सबसे बड़ा लाभ मुफ्त हेल्थकेयर सुविधा का है। अमेरिकी सैन्य कर्मियों को 'डिपार्टमेंट ऑफ वेटरन्स अफेयर्स' के माध्यम से जिंदगी भर के लिए बिल्कुल मुफ्त चिकित्सा सेवाएं मिलती हैं। इस व्यवस्था के तहत सैनिक देश भर में फैले किसी भी अधिकृत मेडिकल सेंटर या अस्पताल में जाकर अपना संपूर्ण इलाज बिना किसी व्यक्तिगत खर्च के करा सकते हैं। यह योजना सेवानिवृत्ति के बाद भी उनके स्वास्थ्य की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करती है।
महज 13 हजार रुपये में मिला अपने घर का मालिकाना हक
इस चर्चा में सबसे ज्यादा हैरान करने वाला दावा घर की खरीद को लेकर सामने आया। कपल ने बताया कि अमेरिकी सेना में कार्यरत जवानों को नया मकान खरीदने के लिए किसी बड़ी डाउन पेमेंट की आवश्यकता नहीं होती। सरकार की ओर से उन्हें घर की चाबियां देने से पहले केवल प्रशासनिक और कागजी कार्रवाई की फीस चुकानी पड़ती है। मिशेल ने बताया कि इस पूरी कागजी प्रक्रिया पर उनका कुल खर्च मात्र 140 डॉलर आया।
वीडियो में आगे मेघा इस रकम का भारतीय मुद्रा में हिसाब समझाते हुए कहती हैं कि लगभग 13,000 रुपये खर्च करके आप अमेरिका में अपने घर के मालिक बन सकते हैं। इसके अतिरिक्त, एक अन्य वीडियो क्लिप में इस दंपति ने अपनी मासिक आय का ब्योरा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि बतौर सैनिक उन्हें हर महीने 4200 डॉलर का वेतन मिलता है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था और रुपये के हिसाब से करीब 4 लाख रुपये के बराबर बैठता है।
दो महीने में ग्रीन कार्ड मिलने का आसान रास्ता
सैन्य फायदों के अलावा मेघा ने अपनी इमिग्रेशन यात्रा का एक महत्वपूर्ण अनुभव भी दर्शकों के साथ बांटा। उन्होंने बताया कि शादी के बाद उन्हें महज 2 महीनों के भीतर अमेरिका का स्थायी निवासी कार्ड यानी ग्रीन कार्ड प्राप्त हो गया। आमतौर पर ग्रीन कार्ड हासिल करने के लिए प्रवासियों को लंबी और जटिल प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है, लेकिन उनके मामले में यह काम उम्मीद से कहीं ज्यादा तेजी से पूरा हुआ।
मेघा ने इसका कारण स्पष्ट करते हुए कहा कि उनके पति मिशेल यूएस आर्मी में अपनी सेवाएं दे चुके हैं और उन्होंने दो युद्धों में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया है। इसी पृष्ठभूमि के कारण उनकी फाइल को प्राथमिकता दी गई। जानकारी के लिए बता दें कि ग्रीन कार्ड अमेरिका का एक आधिकारिक पहचान पत्र होता है, जो किसी भी विदेशी नागरिक को अपने मूल देश की नागरिकता छोड़े बिना अमेरिका में अनिश्चित काल के लिए रहने और कानूनी रूप से काम करने का अधिकार प्रदान करता है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस और भारतीय रक्षा तंत्र से तुलना
इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए जाने के बाद से इस वीडियो को 22 लाख से अधिक बार देखा जा चुका है। कमेंट सेक्शन में जहां कुछ लोग इस कपल की जीवनशैली की सराहना कर रहे हैं, वहीं कई यूज़र्स भारतीय रक्षा बलों को मिलने वाली सुविधाओं की तुलना अमेरिका से करने लगे हैं। एक यूज़र ने मजाकिया अंदाज में लिखा कि इस महिला की किस्मत अच्छी है कि उसे सरकारी नौकरी वाला पति मिल गया। वहीं अन्य लोगों का तर्क था कि भारत में भी सैनिकों और पूर्व सैनिकों को इससे कम सहूलियतें नहीं मिलतीं।
एक अन्य यूज़र ने सेना से जुड़े अपने बचपन के अनुभवों को याद करते हुए लिखा कि भारत में भी रक्षा कर्मियों का जीवन बेहद सुरक्षित और सुविधाओं से भरपूर होता है। उन्होंने बताया कि उनके पिता भारतीय सेना में थे और उन्हें कंटोनमेंट एरिया में बेहतरीन आर्मी क्वार्टर मिलता था। इसके अलावा, सेना द्वारा संचालित मिलिट्री स्कूलों में बच्चों को पिक-एंड-ड्रॉप सुविधा के साथ उच्च शिक्षित आर्मी पत्नियों द्वारा विश्वस्तरीय शिक्षा दी जाती थी। यूज़र ने यह भी जोड़ा कि भारतीय सेना में जवानों को बहुत अच्छा भोजन भत्ता और सैन्य क्षेत्र में रियायती दरों पर ग्रॉसरी और राशन की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।



















