सब्जी बाजार में खरीदारी करते वक्त हम अक्सर बैंगन के बाहरी रंग और चमक को देखकर ही उसे अपनी टोकरी में डाल लेते हैं। चमकदार छिलका देखकर यह भ्रम हो जाता है कि बैंगन पूरी तरह से ताजा और स्वस्थ है। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि बाहर से एकदम बेदाग दिखने वाला यह फल घर लाकर काटने पर अंदर से पूरी तरह सड़ा हुआ या कीड़ों से ग्रस्त निकलता है। जब रसोई में खाना बनाने के दौरान बैंगन के भीतर काले धब्बे या कीट नजर आते हैं, तो मेहनत और मूड दोनों खराब हो जाते हैं। ऐसी स्थिति से बचने के लिए जरूरी है कि आप बाजार में खरीदारी करते वक्त कुछ बुनियादी बातों का खास ख्याल रखें।
इसके लिए आपको किसी कृषि विशेषज्ञ बनने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि केवल बैंगन की बाहरी त्वचा, उसके हरे डंठल, उसके वजन और उसकी बनावट पर थोड़ा ध्यान देना होगा। कुछ बहुत ही आसान संकेत आपको एकदम उच्च गुणवत्ता और ताजा बैंगन चुनने में मदद करेंगे। आइए जानते हैं वे कौन से अचूक तरीके हैं, जिन्हें अपनाकर आप कभी भी सड़े या कीड़े वाले बैंगन घर नहीं लाएंगे और आपकी रसोई का स्वाद हमेशा बना रहेगा।
चमकदार और कसा हुआ छिलका
एक बेहतरीन और अच्छी क्वालिटी के बैंगन की पहचान करने का सबसे आसान तरीका उसके छिलके की बनावट को जांचना है। ताजा बैंगन की त्वचा हमेशा चिकनी, चमकदार और पूरी तरह कसी हुई नजर आती है। यदि आपको किसी बैंगन की त्वचा ढीली, सिकुड़ी हुई या मुरझाई हुई दिखाई दे, तो उसे खरीदने से तौबा कर लें क्योंकि ऐसा बैंगन काफी पुराना हो चुका होता है और उसमें नमी की कमी हो सकती है।
दबाकर देखें उसकी मजबूती
सब्जी को हाथ में उठाकर हल्के हाथों से दबाकर उसकी दृढ़ता का अंदाजा लगाया जा सकता है। एक ताजा बैंगन छूने पर हल्का सा सख्त और मजबूत महसूस होगा। यदि दबाते ही वह अत्यधिक नरम लगे या आपकी उंगली आसानी से भीतर धंस जाए, तो उसके अंदर से खराब या सड़ा होने की पूरी आशंका बनी रहती है। हालांकि इसे बहुत जोर से दबाने से सब्जी को नुकसान पहुंच सकता है, इसलिए केवल हल्के स्पर्श से ही उसकी जांच करें।
हरे और ताजे डंठल की जांच
बैंगन का ऊपरी हरा डंठल भी उसकी ताजगी का एक बहुत बड़ा प्रमाण होता है। हमेशा ऐसा बैंगन चुनें जिसका डंठल हरा-भरा और अपेक्षाकृत ताजा दिखाई दे। यदि डंठल अत्यधिक सूखा हुआ, भूरे रंग का या मुरझाया हुआ नजर आए, तो समझ लीजिए कि वह बैंगन लंबे समय से रखा हुआ है और पुराना हो चुका है।
छेद या काले निशानों से रहें सावधान
यदि बैंगन के चिकने छिलके पर आपको छोटे-छोटे सुराख, काले बिंदु या किसी भी प्रकार के असामान्य निशान दिखाई दें, तो तुरंत सतर्क हो जाएं। इस तरह के निशान इस बात का साफ संकेत देते हैं कि बैंगन के भीतर कीड़े लग चुके हैं। खासकर जिस बैंगन पर एक से अधिक छेद या दाग नजर आएं, उसे अपने थैले में डालने से पूरी तरह बचना चाहिए।
वजन से खुलेगा ताजगी का राज
एक ही आकार के यदि आपके पास दो अलग-अलग बैंगन हों, तो दोनों को हाथों में उठाकर उनके वजन की तुलना करें। अच्छी गुणवत्ता और ताजगी से भरपूर बैंगन अपने आकार के मुकाबले भरा हुआ और उचित वजन का महसूस होगा। यदि कोई बैंगन अपने आकार की तुलना में बहुत हल्का लगे, तो संभव है कि वह अंदर से ज्यादा बीजों वाला हो या उसमें ताजगी कम हो चुकी हो।
सही आकार का चुनाव करें
बाजार में बैंगन की कई किस्में मिलती हैं और सबका आकार अलग होता है, इसलिए केवल बहुत बड़े या बहुत छोटे होने मात्र से सब्जी खराब नहीं हो जाती। फिर भी आम घरेलू इस्तेमाल के लिए ऐसे बैंगन चुनें जो अपने आकार के हिसाब से ठोस, ताजे और खरोंच या चोट के निशानों से मुक्त हों। अत्यधिक पके हुए बैंगन के अंदर बीज बहुत ज्यादा कड़े हो जाते हैं और उसका गूदा भी सख्त हो जाता है।
घर लाने के बाद दोबारा करें परख
बाजार से खरीदकर घर लाने के बाद भी खाना बनाने से पहले बैंगन को एक बार फिर से अच्छी तरह जांच लेना समझदारी है। यदि रसोई में काटने के दौरान अंदर काले या भूरे हिस्से दिखाई दें, किसी तरह की खराब गंध आए, असामान्य नरमी महसूस हो या कीड़े नजर आएं, तो उस हिस्से का इस्तेमाल करने का जोखिम बिल्कुल न लें। हमेशा साफ-सुथरे और अच्छी तरह परखे हुए हिस्से को ही पकाएं।


















