झालावाड़ में आज से 70वीं राज्य स्तरीय स्कूली छात्रा फुटबॉल प्रतियोगिता का आधिकारिक रूप से श्रीगणेश हो गया है। स्थानीय राजकीय संकुल स्टेडियम में जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने ध्वजारोहण कर इस बहुप्रतीक्षित 17-19 वर्ष छात्रा वर्ग की राज्य स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता का शानदार शुभारंभ किया। प्रदेश भर से पहुंची होनहार खिलाड़ी बालिकाएं इस प्रतिष्ठित आयोजन में अपनी खेल प्रतिभा का लोहा मनवाने के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रही हैं।
प्रशासनिक लचर कार्यशैली और अव्यवस्था
हालांकि उद्घाटन समारोह के पहले ही दिन शिक्षा विभाग की लचर कार्यशैली और भारी अव्यवस्था खुलकर सामने आ गई। स्थिति यह थी कि उद्घाटन कार्यक्रम में आमंत्रित मुख्य अतिथि और अन्य विशिष्ट जन निर्धारित समय से करीब सवा घंटे की देरी से कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। इसके चलते राजस्थान के अलग-अलग कोनों से झालावाड़ पहुंची विभिन्न जिलों की टीमों की नन्हीं खिलाड़ी छात्राएं चिलचिलाती तेज धूप में आसमान के नीचे खेल मैदान में बेहाल होती रहीं।
मैदान में मौजूद खिलाड़ियों की इस परेशानी की ओर शिक्षा विभाग के लापरवाह अधिकारियों ने शुरुआत में कोई ध्यान नहीं दिया। तयशुदा कार्यक्रम के लगभग डेढ़ घंटे बाद जब आमंत्रित अतिथि आखिरकार कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, तब जाकर कहीं उद्घाटन समारोह की औपचारिक शुरुआत हो सकी। इस देरी के कारण मैदान पर खिलाड़ियों और उनके साथ आए कोचों में भी काफी नाराजगी देखने को मिली।
जिला कलेक्टर ने दिलाई खेल भावना की शपथ
तमाम अव्यवस्थाओं के बीच जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने मुख्य अतिथि की भूमिका निभाते हुए प्रतियोगिता का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने गरिमापूर्ण माहौल में ध्वजारोहण किया और टूर्नामेंट केारंभिक ऐलान के साथ ही मैदान पर उतरी सभी खिलाड़ियों को सच्ची खेल भावना के साथ खेलने की शपथ दिलाई। इसके पश्चात उन्होंने सभी प्रतिभागी टीमों के मार्च पास्ट की सलामी ली और उनका उत्साहवर्धन किया।
खिलाड़ियों को अपने संबोधन में जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने प्रेरित करते हुए कहा कि सभी बालिकाओं को पूरे जोश, उत्साह और पूरी ईमानदारी के साथ मैदान में उतरना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर टीम को मैच जीतने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना है, लेकिन साथ ही यहां के स्थानीय लोगों का दिल जीतकर अपने घर लौटना है। कलेक्टर ने कहा कि इस तरह की राज्य स्तरीय प्रतियोगिता की मेजबानी करने का अवसर मिलना पूरे झालावाड़ जिले के लिए अत्यंत गर्व और सम्मान का विषय है।
ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर देखने का आह्वान
अपने संबोधन को आगे बढ़ाते हुए जिला कलेक्टर ने खिलाड़ियों से केवल खेल तक सीमित न रहने की बात कही। उन्होंने सभी मेहमान खिलाड़ियों से आह्वान किया कि वे अपनी खेल प्रतियोगिताओं के व्यस्त समय में से थोड़ा वक्त निकालकर झालावाड़ के ऐतिहासिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों का भ्रमण करें। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को जिले की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से भी अवश्य परिचित होना चाहिए ताकि वे यहां की अनमोल यादें अपने साथ लेकर जाएं।
इस भव्य और विशाल आयोजन में प्रदेश के कुल 41 जिलों के साथ-साथ 2 प्रमुख खेल अकादमियों की 80 से भी अधिक टीमें बढ़-चढ़कर भाग ले रही हैं। इन सभी टीमों की लगभग 1400 प्रतिभाशाली खिलाड़ी छात्राएं इस खेल महाकुंभ में अपनी कला और दमखम का प्रदर्शन करेंगी। इस प्रतियोगिता का संपूर्ण आयोजन पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय दुर्गपुरा, शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में बेहद व्यापक स्तर पर किया जा रहा है।
इस अवसर पर खेल मैदान पर गणमान्य नागरिकों का तांता लगा रहा। कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक अमित कुमार, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एसडी मीणा और मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी राम सिंह मीणा ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इनके अलावा शिक्षा विभाग के तमाम वरिष्ठ अधिकारी, आयोजन से जुड़े समर्पित शारीरिक शिक्षक और खेल प्रेमियों तथा नागरिकों की भारी भीड़ स्टेडियम में मौजूद रही।



















