खंडवा शहर में इन दिनों एक बेहद खास और अनोखी मिठाई चर्चा का विषय बनी हुई है। अमेरिका के प्रसिद्ध फल क्रैनबेरी से तैयार की जाने वाली यह मिठाई स्थानीय लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। इस लजीज व्यंजन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे बनाते समय इसमें अलग से किसी भी प्रकार की शक्कर का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। इसके बजाय इसे बेहतरीन गुणवत्ता वाले ड्राई फ्रूट्स जैसे काजू, बादाम और पिस्ता के साथ मिलाकर तैयार किया जाता है, जिससे इसका स्वाद पारंपरिक भारतीय मिठाइयों से काफी अलग और अनूठा हो जाता है।
केवल एक दुकान पर मिल रही यह खास वैरायटी
शहर के ट्रैफिक जाम इलाके में स्थित एक चुनिंदा दुकान पर ही यह मिठाई बनाई और बेची जा रही है। दुकान संचालक का दावा है कि फिलहाल खंडवा में अन्य किसी जगह पर यह उत्पाद उपलब्ध नहीं है। क्रैनबेरी जैसे विदेशी फल को विशेष रूप से मंगवाकर इस मिठाई को कलात्मक तरीके से तैयार किया जाता है। उच्च क्वालिटी के मेवे और महंगे विदेशी फल के उपयोग के कारण इसकी खुदरा कीमत 1280 रुपए प्रति किलो तय की गई है। अपनी अनूठी रेसिपी, खास कीमत और बनाने की अनूठी शैली के चलते यह हर तरफ आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
युवाओं और बच्चों की पसंद को ध्यान में रखकर हुई शुरुआत
दुकान के संचालक निहुल अग्रवाल ने बताया कि उनकी दुकान पर मोहनथाल और काजू कतली जैसी पारंपरिक मिठाइयां पहले से ही ग्राहकों को परोसी जाती हैं। हालांकि, बदलते दौर में युवा ग्राहक अक्सर कुछ नया और हटकर स्वाद तलाशते रहते हैं। इसी आधुनिक मांग को ध्यान में रखते हुए उन्होंने क्रैनबेरी आधारित इस नए विकल्प को आजमाने का फैसला किया। उनका मुख्य उद्देश्य बच्चों और युवाओं को एक ऐसा विकल्प देना था जो पारंपरिक मिठाइयों से अलग हो और जिसमें भरपूर मात्रा में ड्राई फ्रूट्स का पोषण भी शामिल हो सके।
शक्कर को लेकर है यह जरूरी सावधानी
तैयार करने वाले दुकानदार के अनुसार इस मिठाई में अलग से कोई दानेदार या पिसी शक्कर नहीं मिलाई जाती है, इसलिए इसे 'नो एडेड शुगर' श्रेणी में रखा गया है। इसके बावजूद, इसमें इस्तेमाल होने वाले क्रैनबेरी फल में प्राकृतिक रूप से शर्करा मौजूद होती है। यही वजह है कि दुकानदार खुद सलाह देते हैं कि इसे डायबिटीज या शुगर के मरीजों के लिए पूरी तरह से जोखिममुक्त मानकर सेवन नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि प्राकृतिक मिठास इसमें पहले से ही मौजूद होती है।
दूर-दूर तक फैल रही है इस मिठाई की मांग
खंडवा के ट्रैफिक जाम स्थित इस प्रतिष्ठान पर मिलने वाली इस मिठाई की ख्याति अब आसपास के जिलों और राज्यों तक पहुंच चुकी है। निहुल अग्रवाल बताते हैं कि खंडवा के स्थानीय ग्राहकों के अलावा हरदा, इंदौर, खरगोन, बुरहानपुर और बड़वानी के साथ-साथ पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र के कुछ चुनिंदा शहरों से भी लोग इस खास स्वाद को चखने और खरीदने के लिए पहुंच रहे हैं। प्रीमियम सामग्री और सीमित उपलब्धता के कारण इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है।


















