बढ़ती उम्र के साथ शरीर के अन्य हिस्सों की तरह नाखूनों की बनावट और उनके विकास की गति पर भी गहरा असर पड़ता है। इस पड़ाव पर पहुंचकर इनकी उचित देखभाल करना बहुत आवश्यक हो जाता है। हालांकि कुछ आसान सी दैनिक आदतों को अपनाकर नाखूनों को लंबे समय तक स्वस्थ, मजबूत और सुंदर बनाए रखना संभव है। आइए जानते हैं कि चालीस की उम्र के बाद नाखूनों में किस प्रकार के बदलाव आते हैं और उनकी सही देखभाल कैसे की जा सकती है।
नमी की कमी और देखभाल के उपाय
जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, नाखूनों में मौजूद प्राकृतिक तेल और नमी की मात्रा धीरे-धीरे कम होने लगती है। इसके परिणामस्वूप नाखूनों का लचीलापन घटने लगता है और वे बेहद कमजोर होकर जल्दी टूटने लगते हैं या फिर बीच से दो हिस्सों में बंटने लगते हैं। इस समस्या से बचने का सबसे आसान तरीका यह है कि रात को सोने से ठीक पहले अपने नाखूनों और उसके आसपास की त्वचा पर अच्छी मात्रा में पेट्रोलियम जेली या कोई बेहतर मॉइश्चराइजर लगाएं ताकि नमी बरकरार रहे।
पीलेपन से बचाव और हल्की बफिंग
लंबे समय तक नेल पॉलिश का इस्तेमाल करने, सीधे धूप के संपर्क में आने और उम्र के प्रभावों के कारण नाखून अक्सर पीले और बेजान नजर आने लगते हैं। इनकी प्राकृतिक चमक को फिर से बहाल करने के लिए कुछ हफ्तों में एक बार बहुत ही हल्के हाथों से बफिंग की जा सकती है। हालांकि इस दौरान अत्यधिक रगड़ने से पूरी तरह बचना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से नाखून अंदर से कमजोर हो सकते हैं और उन्हें नुकसान पहुंच सकता है।
क्यूटिकल्स का सूखापन और पोषण
नाखूनों के आसपास की संवेदनशील त्वचा जिसे क्यूटिकल कहा जाता है, वह भी उम्र बढ़ने के साथ रूखी और बेजान होने लगती है। इस परेशानी से निपटने के लिए हर रोज नियमित रूप से क्यूटिकल ऑयल या फिर किसी उच्च गुणवत्ता वाले मॉइश्चराइजर का उपयोग करना चाहिए। इससे उस हिस्से की त्वचा में नमी हमेशा बनी रहती है और रूखापन काफी हद तक कम हो जाता है।
खानपान और कोशिकाओं के विकास की गति
चालीस की उम्र पार करने के बाद शरीर के भीतर नई कोशिकाओं के निर्माण की प्रक्रिया काफी धीमी हो जाती है, जिसका सीधा असर नाखूनों के बढ़ने की रफ्तार पर भी पड़ता है। ऐसे में नाखूनों को भीतर से मजबूत और स्वस्थ रखने के लिए अपने दैनिक आहार में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन, दालें, अंडे, दूध और विटामिन बी से भरपूर खाद्य पदार्थों को अवश्य शामिल करना चाहिए। संतुलित पोषण मिलने से नाखूनों की सेहत में सुधार होता है।
धारियों की समस्या और रिज फिलिंग
बढ़ती उम्र के साथ कई बार नाखूनों पर ऊपर से नीचे की दिशा में लंबी-लंबी धारियां उभरकर दिखने लगती हैं। आमतौर पर यह एक सामान्य शारीरिक बदलाव माना जाता है, जिससे घबराने की जरूरत नहीं होती है। इन धारियों को छिपाने और कम दिखाने के लिए रिज-फिलिंग बेस कोट का इस्तेमाल किया जा सकता है, साथ ही नाखूनों को लगातार मॉइश्चराइज करते रहना चाहिए।
असामान्य बदलाव और चिकित्सीय सलाह
यदि नाखून अचानक से बेहद कमजोर होने लगें, उनके आकार में कोई बदलाव आ जाए या फिर उनके रंग में किसी प्रकार का असामान्य परिवर्तन दिखाई दे, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए। कई बार थायरॉइड की समस्या, शरीर में आयरन की कमी, कुछ विशेष दवाइयों का सेवन और लगातार रहने वाला तनाव भी नाखूनों में ऐसे बदलावों की मुख्य वजह बन सकता है। इसके अलावा जेल मैनीक्योर और नेल पॉलिश को गलत तरीके से हटाने के कारण भी नाखूनों को गंभीर क्षति पहुंच सकती है, इसलिए किसी भी असामान्य लक्षण को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।



















