कड़कड़ाती ठंड के मौसम में सुबह उठते ही जब शीशे पर नजर जाती है, तो अकसर चेहरे का स्वाभाविक खिंचाव और चमक गायब दिखती है। गालों पर खुरदुरापन महसूस होने लगता है, होंठ सूखकर फटने लगते हैं और पूरी त्वचा थकी व बेजान नजर आने लगती है। इस मौसम में तापमान में गिरावट और बाहर बहने वाली शुष्क ठंडी हवाएं त्वचा की अंदरूनी नमी तेजी से चुरा लेती हैं। वहीं जब ठंड से राहत पाने के लिए कमरों में लगातार हीटर चलाए जाते हैं, तो वह बची हुई नमी को भी सोख लेते हैं। कई लोग सोचते हैं कि केवल सुबह उठकर थोड़ा पानी छिड़कना और साधारण क्रीम लगा लेना ही काफी है, जबकि हकीकत में रात के समय त्वचा को सबसे ज्यादा पोषण और गहरी मरम्मत की दरकार होती है। इसके लिए ढेर सारे महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स की कतार लगाने की कतई जरूरत नहीं है, बल्कि अपनी नियमित दिनचर्या में 7 बेहद आसान बदलाव लाकर त्वचा को भीतर से सुरक्षित रखा जा सकता है।
सोने से पहले चेहरे की गंदगी हटाना बेहद जरूरी
चाहे आपने दिन के वक्त कोई मेकअप लगाया हो या बिल्कुल सादे चेहरे से काम किया हो, रात के वक्त बिस्तर पर जाने से पहले चेहरे को साफ करना कभी न छोड़ें। पूरे दिन की भागदौड़ में धूल, गर्द, पसीने की परत और सुबह लगाई गई सनस्क्रीन त्वचा के बारीक रोमछिद्रों में समा जाती है। इस मैल को हटाने के लिए हमेशा अपनी त्वचा के मिजाज के अनुकूल माइल्ड फेसवॉश अथवा क्लींजर का प्रयोग करना चाहिए। ऐसे उत्पादों से हर हाल में दूरी बनाकर रखें जिनमें बहुत तेज खुशबू भरी हो या जो धोने के बाद चेहरे को खिंचा-खिंचा और सूखा बना दें। इसके अतिरिक्त चेहरा धोते समय एक बात का विशेष ध्यान रखें कि पानी बहुत ज्यादा गर्म न हो। खौलता या तेज गर्म पानी त्वचा के प्राकृतिक तेलों को पूरी तरह खत्म कर देता है, इसलिए हमेशा हल्के गुनगुने पानी का ही सहारा लें।
सीरम और मॉइश्चराइजर से नमी को करें सुरक्षित
सफाई की प्रक्रिया पूरी होते ही त्वचा पर हाइलूरोनिक एसिड वाला सीरम लगाया जा सकता है। यह तत्व त्वचा की विभिन्न परतों में जल तत्वों को बांधकर रखने की अद्भुत क्षमता रखता है। इसे तब लगाना सबसे ज्यादा फायदेमंद साबित होता है जब चेहरा धोने के बाद त्वचा हल्की गीली या नम हो। हालांकि यह समझना बहुत जरूरी है कि केवल सीरम की कुछ बूंदें लगाकर सो जाना पर्याप्त नहीं होता। सीरम को त्वचा के अंदर बंद करने के लिए उसके तुरंत बाद एक अच्छी मॉइश्चराइजिंग परत चढ़ाना अनिवार्य है, ताकि हवा नमी को बाहर न खींच सके।
गाढ़ी क्रीम लगाने में बिल्कुल न बरतें लापरवाही
शीत ऋतु के दौरान मॉइश्चराइजर आपकी त्वचा की हिफाजत का सबसे मजबूत हथियार बन जाता है। यदि चेहरे पर बार-बार रूखापन लौट आता है, तो पानी जैसे पतले लोशन की जगह हमेशा भारी क्रीम वाले मॉइश्चराइजर को प्राथमिकता देनी चाहिए। सामग्री की सूची देखते समय ऐसे विकल्प चुनें जिनमें ग्लिसरीन, सेरामाइड्स अथवा शिया बटर की मौजूदगी हो। ये तत्व त्वचा की ऊपरी सुरक्षात्मक परत को मजबूत बनाकर उसे फटने से बचाते हैं। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी भी यह सुझाव देती है कि अत्यधिक रूखी त्वचा की स्थिति में लोशन के मुकाबले गाढ़ी क्रीम या ऑइंटमेंट का चुनाव कहीं अधिक कारगर साबित होता है।
फटे होंठों के लिए खास सुरक्षा कवच
अकसर लोग पूरे चेहरे पर क्रीम की मोटी परत तो चढ़ा लेते हैं लेकिन होंठों की नाजुक त्वचा को नजरअंदाज कर देते हैं। ठंड का पहला हमला होंठों पर ही दिखाई देता है, जहां त्वचा इतनी ज्यादा सूख जाती है कि पपड़ियां बनकर उतरने लगती हैं। इस तकलीफदेह स्थिति से बचने के लिए सोने से ठीक पहले शुद्ध पेट्रोलियम जेली या बिना किसी तेज गंध वाला सादा लिप बाम होंठों पर लगाना चाहिए। दिन या रात में होंठों को बार-बार जीभ से गीला करने की आदत से बिल्कुल बचें, क्योंकि लार सूखते ही होंठों को पहले से कहीं ज्यादा दरकदार बना देती है।
ज्यादा सूखी जगहों पर लगाएं सुरक्षा की दोहरी परत
यदि आपके गालों के उभार, नाक के दोनों किनारे या ठुड्डी के हिस्से पर रूखापन बहुत जिद्दी हो चुका है, तो वहां मॉइश्चराइजर लगाने के बाद उसके ठीक ऊपर थोड़ी सी पेट्रोलियम जेली की परत चढ़ाएं। यह तरीका त्वचा के ऊपर एक मजबूत सील तैयार कर देता है, जिससे अंदर की नमी बाहर वाष्पीकृत नहीं हो पाती। बहरहाल, जिन लोगों की त्वचा अत्यधिक तैलीय रहती है अथवा जिन्हें चेहरे पर कील-मुंहासों की शिकायत जल्दी हो जाती है, उन्हें पूरे चेहरे पर पेट्रोलियम जेली पोतने से बचना चाहिए और बहुत सावधानी से केवल सीमित सूखे पैच पर ही इसका उपयोग करना चाहिए।
कमरे के हीटर और इनडोर वातावरण का संतुलन
अकसर यह देखने में आता है कि रातभर हीटर या ब्लोअर चलाकर सोने के बाद सुबह त्वचा अत्यधिक खिंची और सूखी महसूस होती है। इसका सीधा कारण यह है कि बंद कमरे की कृत्रिम गर्माहट हवा में मौजूद नमी को लगभग सुखा देती है। इस समस्या से निजात पाने के लिए कमरे में एक ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल बेहद कारगर उपाय है। यह यंत्र कमरे की हवा में जलवाष्प का एक उचित स्तर बनाए रखता है, जिससे सोते समय त्वचा की नमी बरकरार रहती है। इस बात की ताकीद जरूर रखें कि ह्यूमिडिफायर की सफाई नियमित अंतराल पर की जाए ताकि उसमें फफूंद न पनपे।
सुबह उठते ही सनस्क्रीन की हिफाजत न भूलें
रातभर इतनी गहन देखभाल करने के बाद अगली सुबह सूरज निकलते ही सनस्क्रीन को नजरअंदाज करने की भूल न करें। भले ही सर्दियों के दिनों में धूप तीखी न लगे और आसमान बादलों से ढका हो, सूर्य की पराबैंगनी किरणें त्वचा को भीतर तक क्षति पहुंचा सकती हैं। लिहाजा घर की दहलीज लांघने से पहले अपने चेहरे, खुली गर्दन और दोनों हाथों पर ब्रॉड-स्पेक्ट्रम SPF 30 या उससे अधिक क्षमता वाला सनस्क्रीन लगाना कतई न भूलें।
त्वचा की कोमलता के लिए 5 देसी और पारंपरिक नुस्खे
घर में मौजूद कुछ सीधी-सादी चीजों के जरिए भी सर्दियों में त्वचा के सूखेपन को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है
- शहद: चेहरे के ऊपर थोड़ी मात्रा में शुद्ध शहद लगाएं और करीब 10 मिनट तक छोड़ने के बाद सादे पानी से धो लें। यदि त्वचा अत्यधिक संवेदनशील है तो इस्तेमाल से पहले पैच टेस्ट अवश्य कर लें।
- एलोवेरा जेल: ताजी पत्तियों से निकला या बिना किसी बनावटी खुशबू वाला शुद्ध एलोवेरा जेल खिंची हुई त्वचा को तुरंत शीतलता और आराम पहुंचाता है।
- दूध की ताजी मलाई: यदि आपकी त्वचा मलाई के भारीपन को आसानी से झेल लेती है, तो थोड़ी सी मलाई चेहरे पर मलकर कुछ मिनटों बाद गुनगुने पानी से साफ कर लें।
- नारियल का तेल: नहाने के तुरंत बाद जब शरीर में हल्की नमी बची हो, तब शरीर के ज्यादा रूखे हिस्सों पर हल्का नारियल तेल लगाना त्वचा को मुलायम बनाए रखता है।
- ओटमील का लेप: बिल्कुल बारीक पिसे हुए ओट्स को थोड़े से पानी में मिलाकर पेस्ट तैयार करें और त्वचा पर बहुत हल्के हाथों से लगाएं। इसे कभी भी जोर से न रगड़ें।
सावधानी और त्वचा विशेषज्ञों के अहम सुझाव
सर्दियों के दिनों में चेहरे पर नींबू का रस, बेकिंग सोडा अथवा किसी भी तरह के दानेदार और तेज स्क्रब का प्रयोग करने से पूरी तरह परहेज करना चाहिए। यह बात हमेशा ध्यान रखनी चाहिए कि हर व्यक्ति की त्वचा की संरचना और संवेदनशीलता अलग होती है। जरूरी नहीं कि जो उत्पाद किसी अन्य को फायदा पहुंचा रहा हो, वह आपकी त्वचा के लिए भी मुफीद साबित हो। किसी भी नए उत्पाद को नियमित दिनचर्या में शामिल करने से पहले उसे त्वचा के एक छोटे हिस्से पर लगाकर जांच लें। इसके साथ ही बहुत ज्यादा रगड़कर धोने या दिन में बार-बार चेहरा साफ करने से भी बचें। यदि त्वचा में लगातार खारिश, असहनीय जलन अथवा पपड़ी उतरने की गंभीर समस्या बनी रहे, तो किसी योग्य डर्मेटोलॉजिस्ट से मिलकर व्यक्तिगत परामर्श लेना ही समझदारी भरा कदम होगा।


















