त्योहार, शादियों या किसी भी मांगलिक अवसर पर हाथों पर मेहंदी रचाना भारतीय परंपरा का अहम हिस्सा माना जाता है। हालांकि, हर किसी के पास घंटों बैठकर हथेलियों को पूरी तरह भरने वाली भारी डिजाइन बनवाने का समय नहीं होता। कई बार महिलाएं बहुत अधिक भरे हुए पैटर्न्स के बजाय हल्का और सोबर लुक ज्यादा पसंद करती हैं। आजकल मिनिमल और सिंपल स्टाइल वाली मेहंदी का ट्रेंड काफी तेजी से बढ़ रहा है। इसमें बेल मेहंदी डिजाइन सबसे लोकप्रिय विकल्प बनकर उभरे हैं, जो बहुत कम समय में तैयार हो जाते हैं और हाथों को बेहद ग्रेसफुल और मॉडर्न लुक प्रदान करते हैं।
कॉर्नर पाम पैटर्न: नौसिखियों के लिए सबसे आसान
अगर आप खुद अपने हाथों पर पहली बार मेहंदी रचाने का प्रयास कर रही हैं, तो हथेली के एक कोने से शुरू होने वाली बेल सबसे मुफीद साबित हो सकती है। इस पैटर्न में हथेली के निचले किनारे से छोटी-छोटी पत्तियों और फूलों की बेल शुरू की जाती है, जिसे बारीक घुमावदार रेखाओं के जरिए आगे बढ़ाया जाता है। यह डिजाइन हाथ पर बहुत ज्यादा भारी महसूस नहीं होता और हथेली के खाली हिस्से के साथ मिलकर एक साफ और आकर्षक निखार देता है।
अरेबिक स्टाइल: फ्रंट हैंड को दे लंबा और आकर्षक लुक
हथेली के सामने वाले हिस्से यानी फ्रंट हैंड के लिए अरेबिक बेल डिजाइन हमेशा से एक बेहतरीन पसंद माना जाता है। इस स्टाइल की मुख्य पहचान इसमें इस्तेमाल होने वाले बोल्ड फूल, घनी पत्तियां और खाली जगह यानी नेगेटिव स्पेस का सटीक संतुलन है। जब यह बेल कलाई के पास से बहती हुई उंगलियों की ओर बढ़ती है, तो इससे हाथ अधिक लंबे, पतले और सुडौल नजर आते हैं। कम समय में तैयार होने वाला यह पैटर्न हर उम्र की महिलाओं पर खूब फबता है।
बैक हैंड का मिनिमल स्टाइल: कॉलेज गर्ल्स की पहली पसंद
हाथ के पिछले हिस्से पर मेहंदी लगाते समय ज्यादा जटिल कलाकृतियां बनाने की आवश्यकता नहीं होती। बैक हैंड पर एक किनारे से शुरू होकर बीच की ओर जाती हुई पतली बेल बेहद संजीदा और खूबसूरत लगती है। इस डिजाइन को पूरा करने के लिए उंगलियों के पोरों पर छोटे फूल, पत्तियां या बारीक डॉट्स बनाए जा सकते हैं। हल्का-फुल्का फंक्शन हो या कॉलेज का कोई कार्यक्रम, यह मिनिमल लुक हर तरह के आउटफिट के साथ पूरी तरह मैच करता है।
सेंटर मंडला और बेल: ट्रेडिशनल और आधुनिकता का संगम
पारंपरिक रूप से गोल मंडला डिजाइन को बहुत शुभ और सुंदर माना जाता है। यदि आप सिंपल पैटर्न में भी पारंपरिक टच देना चाहती हैं, तो हथेली के ठीक बीच में एक छोटा गोल मंडला बनाएं। इसके बाद उस मंडला के चारों ओर खूबसूरत फूल-पत्तियों की पतली बेल को जोड़ दें। यह संयोजन न तो हथेली को बहुत भरा हुआ दिखाता है और न ही ज्यादा खाली रहने देता है। तीज, करवा चौथ, रक्षाबंधन या घर के छोटे-मोटे पूजा-पाठ में इसे बहुत आसानी से रचाया जा सकता है।
फिंगर-टू-रिस्ट ट्रेल: आधुनिक जाल और डॉट्स का तड़का
इन दिनों सिर्फ उंगलियों से शुरू होकर कलाई की तरफ आने वाली ट्रेल बेल भी काफी ट्रेंड में है। इसमें प्रत्येक उंगली पर एक हल्का पैटर्न तैयार किया जाता है और मुख्य रूप से एक बीच वाली उंगली से लंबी बेल नीचे कलाई तक लाई जाती है। इस बेल में बारीक जाल, डॉट्स, पत्तियों की लकीरें और छोटे-छोटे फूल जोड़कर इसे एक अनोखा फ्यूजन लुक दिया जा सकता है, जो इंडो-वेस्टर्न पहनावे के साथ बेहद स्टाइलिश दिखता है।
मेहंदी लगाने के जरूरी टिप्स और समय की बचत
सिंपल बेल मेहंदी का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसे बनाने में मेहनत और समय दोनों की बचत होती है। अगर आप खुद मेहंदी लगा रही हैं, तो शुरुआत करने से पहले पेंसिल या पेन से हाथ पर हल्का लेआउट तैयार कर सकती हैं या किसी डिजाइन को सामने रखकर बना सकती हैं। मेहंदी रचाते वक्त इस बात का विशेष ध्यान रखें कि बहुत सारे तत्वों को एक साथ न ठूंसे। फूलों, पत्तियों और डॉट्स के बीच सही संतुलन बनाए रखना ही इस मेहंदी की असली सुंदरता की कुंजी है।



















