स्कॉटलैंड के प्रमुख राजनीतिक नेता मार्टिन डे ने अपनी पत्नी निधिन चंद की वर्षों पुरानी इच्छा को पूरा करते हुए केरल के सुप्रसिद्ध गुरुवायूर मंदिर में पारंपरिक सनातनी रीति-रिवाजों के अनुसार पुन: विवाह रचाया है। हालांकि इस दंपत्ति का पहला विवाह वर्ष 2016 में ब्रिटेन में ही संपन्न हो चुका था, लेकिन भारत की सांस्कृतिक जड़ों से गहराई से जुड़ी निधिन अपने गृह राज्य केरल में ईश्वर को साक्षी मानकर वैदिक परंपरा से शादी करना चाहती थीं। ब्रिटेन में विवाह बंधन में बंधने के ठीक 10 साल बाद यह जोड़ा भारत पहुंचा और मंदिर के पवित्र प्रांगण में एक-दूसरे को वरमाला पहनाकर अटूट रिश्ते की कसम खाई। इस मांगलिक अवसर पर निधिन का 12 वर्षीय बेटा भी मौजूद रहा, जिसने अपने माता-पिता के इस सांस्कृतिक विवाह का साक्षी बनकर खुशियां साझा कीं।
वैदिक परंपरा और गुरुवायूर मंदिर में संपन्न विवाह
सनातन संस्कृति में विवाह को मात्र एक सामाजिक आयोजन न मानकर जन्म-जन्मांतर का पवित्र आत्मिक बंधन माना जाता है। इसी आस्था का सम्मान करते हुए 55 वर्षीय स्कॉटिश नेता मार्टिन डे और निधिन चंद ने केरल के ऐतिहासिक गुरुवायूर मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सभी पारंपरिक रस्में निभाईं। वर-वधू ने एक-दूसरे को मालाएं पहनाईं और मंदिर परिसर में उपस्थित स्वजनों का आशीर्वाद प्राप्त किया। निधिन, जो अपनी जड़ों और धर्म के प्रति अगाध श्रद्धा रखती हैं, के लिए यह क्षण अत्यंत भावुक और गरिमामय था। उनके पति मार्टिन डे ने न केवल भारतीय परंपराओं का सहर्ष पालन किया, बल्कि अपनी पत्नी की सांस्कृतिक भावना का पूर्ण सम्मान करते हुए इस पारंपरिक समारोह को भव्य रूप दिया।
एर्नाकुलम से ब्रिटेन तक का सफर और वीज़ा संघर्ष
निधिन चंद मूल रूप से केरल के एर्नाकुलम जिले में स्थित पिरावोम क्षेत्र की निवासी हैं। वे वर्ष 2008 में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के उद्देश्य से ब्रिटेन गई थीं, जहां उन्होंने आईटी मैनेजमेंट विषय में स्नातकोत्तर की डिग्री सफलतापूर्वक पूरी की। निधिन के पिता केएन चंद्रन एक सेवानिवृत्त पशु चिकित्सक हैं, जबकि उनकी माता राजम्मा पूर्व में पंचायत सदस्य के रूप में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। ब्रिटेन में पढ़ाई के दौरान निधिन का पहला विवाह हुआ था, जिससे उनका एक बेटा है। हालांकि, वह वैवाहिक संबंध समय के साथ समाप्त हो गया और उनका तलाक हो गया।
ब्रिटेन में अपनी पीएचडी अध्ययन के दौरान निधिन को एक बड़ी प्रशासनिक चुनौती का सामना करना पड़ा, जब वीज़ा नियमों में अचानक हुए बदलावों के कारण उनका वीज़ा रद्द हो गया। इस गंभीर समस्या से हार मानने के बजाय निधिन ने ब्रिटेन की संसद में भारतीय छात्रों के अधिकारों और वीज़ा संकट के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। इसी संसदीय अभियान और वैधानिक संघर्ष के दौरान उनकी मुलाकात राजनीतिज्ञ मार्टिन डे से हुई। मार्टिन ने निधिन के संघर्ष का समर्थन किया और वर्ष 2016 में दोनों ने ब्रिटेन में शादी कर ली। मार्टिन डे ने निधिन के साथ-साथ उनके बेटे को भी सहर्ष स्वीकार किया और अपने परिवार का अभिन्न अंग बनाया।
मार्टिन डे का राजनीतिक सफर और संसदीय करियर
55 वर्ष के मार्टिन डे स्कॉटिश नेशनल पार्टी के एक अत्यंत अनुभवी और प्रमुख राजनेता हैं। उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत वेस्ट लोथियन काउंसिल में कार्य करते हुए की थी। उनकी राजनीतिक कुशलता और जनसेवा के प्रति समर्पण के कारण वे वर्ष 2015 में ब्रिटेन की संसद के लिए सांसद चुने गए। उन्होंने 2015 से लेकर 2024 तक संसद सदस्य के रूप में अपने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। इसके बाद, वर्ष 2026 में आयोजित स्कॉटिश संसद चुनावों में वे फॉकिर्क ईस्ट और लिनलिथगो निर्वाचन क्षेत्र से विधायक के रूप में निर्वाचित हुए हैं।
सोशल मीडिया पर सराहना और सांस्कृतिक प्रेम की चर्चा
केरल के गुरुवायूर मंदिर में संपन्न हुए इस पारंपरिक विवाह की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहे हैं। इंटरनेट उपयोगकर्ता इस नवदंपत्ति को भावी जीवन के लिए शुभकामनाएं दे रहे हैं। विशेष रूप से, विदेश में वर्षों बिताने के बावजूद अपनी भारतीय संस्कृति, सनातन धर्म और पारिवारिक मूल्यों को प्राथमिकता देने के लिए लोग निधिन चंद की भूरि-भूरि प्रशंसा कर रहे हैं। वहीं, एक विदेशी राजनेता होकर भारतीय वैदिक रीति-रिवाजों को अपनाकर सम्मान देने के लिए मार्टिन डे की भी व्यापक सराहना की जा रही है।



















